Punjab Flood Compensation : पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावितों को राहत देने के अपने ‘मिशन चढ़दी कला’ अभियान को तेज कर दिया है। राहत वितरण के तीसरे चरण में लगातार चौथे दिन, राज्य के विभिन्न जिलों में 17 करोड़ रुपये से अधिक की मुआवजा राशि सीधे पीड़ितों और किसानों तक पहुंचाई गई। यह सहायता राशि फसल, घर और पशुओं के नुकसान के एवज में दी जा रही है।
किसानों को मिली करोड़ों की राहत
राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, यह राहत वितरण प्रक्रिया मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सीधे निर्देशों पर चल रही है। अमृतसर के अजनाला क्षेत्र में विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने 1330 किसानों को 5.86 करोड़ रुपये की बड़ी राहत राशि वितरित की। इसी तरह, मोगा के धर्मकोट हलके में विधायक दविंदरजीत सिंह लाडी ढोस द्वारा 1350 लाभार्थियों को 5.83 करोड़ रुपये के स्वीकृति पत्र सौंपे गए।
माझा से मालवा तक बंटा मुआवजा
राहत का यह अभियान पूरे राज्य में चलाया जा रहा है। श्री आनंदपुर साहिब में कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विभिन्न उपमंडलों में किसानों को लगभग 2.26 करोड़ रुपये का फसल मुआवजा बांटा। फाजिल्का में विधायक नरिंदरपाल सिंह सवना ने बाढ़ प्रभावित गांव के किसानों को 1.57 करोड़ रुपये वितरित किए।
इसके अलावा, फिरोजपुर में 1.05 करोड़ रुपये, कपूरथला के सुल्तानपुर में 40 लाख रुपये, और बठिंडा जिले के मौड़ और तलवंडी साबो में भी 380 प्रभावितों को राहत राशि के स्वीकृति पत्र दिए गए।
जानें क्या है पूरा मामला और मुआवजा राशि
पंजाब सरकार का दावा है कि वह बाढ़ प्रभावितों को देश में सबसे अधिक मुआवजा दे रही है। यह इसलिए अहम है क्योंकि सरकार ने क्षतिग्रस्त घरों के लिए वित्तीय सहायता 6,500 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये प्रति घर कर दी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फसल खराब होने पर किसानों को 20,000 रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जा रहा है, जिसे भारत में अब तक का सबसे अधिक फसली मुआवजा बताया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, पशुधन के नुकसान के लिए भी 32,000 (गैर-दुधारू) से 37,500 रुपये (दुधारू) प्रति पशु का मुआवजा दिया जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points):
‘मिशन चढ़दी कला’ के तहत एक दिन में 17 करोड़ रुपये से अधिक की राहत राशि जारी।
अजनाला (5.86 करोड़) और मोगा (5.83 करोड़) में किसानों को मिला बड़ा मुआवजा।
पंजाब सरकार 20,000 रुपये प्रति एकड़ का देश में सर्वाधिक फसली मुआवजा दे रही है।
क्षतिग्रस्त घरों के लिए भी सहायता राशि बढ़ाकर 40,000 रुपये की गई है।








