Punjab Farmer Suicide का दर्दनाक सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने 23 मार्च 2026 को चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस करके पंजाब के किसानों की बद से बदतर होती हालत पर गहरी चिंता जताई है। फरीदकोट में कर्ज के बोझ तले दबे दो सगे भाइयों ने आत्महत्या कर ली, जिस पर रंधावा ने गहरा दुख प्रकट करते हुए भगवंत मान सरकार को किसानों का दुश्मन करार दिया और MSP व बाढ़ मुआवजा न देने पर कड़ी आलोचना की।
फरीदकोट में 25 लाख का कर्ज बना 50 लाख, दो भाइयों ने दी जान
Punjab Farmer Suicide की ताजा घटना फरीदकोट से सामने आई है, जहां दो सगे भाइयों ने मौत को गले लगा लिया। इन दोनों भाइयों ने खेती के लिए बैंक से 25 लाख रुपये का कर्ज लिया था। जब वे किश्त नहीं चुका पाए तो बैंक ने ब्याज लगाकर यह रकम 50 लाख रुपये तक पहुंचा दी।
कर्ज की यह बढ़ती रकम, बैंक अधिकारियों का दबाव और कहीं से कोई मदद न मिलना, इन सब कारणों से परेशान होकर दोनों भाइयों ने जीवन खत्म करने का दर्दनाक फैसला ले लिया। सांसद रंधावा ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताते हुए जिम्मेदार बैंक अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को इन किसानों की सुनवाई करनी चाहिए थी और उनके कर्ज चुकाने में मदद करनी चाहिए थी।
NCRB का डेटा: एक दशक में 1.12 लाख किसानों ने की खुदकुशी
Punjab Farmer Suicide जैसी घटनाएं सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े एक भयावह तस्वीर पेश करते हैं। 2013 से 2022 तक के एक दशक में देशभर में करीब 1.12 लाख किसानों ने अलग-अलग वजहों से अपनी जान दे दी। इसका मतलब है कि हर साल औसतन 11,000 किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
कोई कर्ज के कारण मौत को गले लगा रहा है, तो कोई खेती में नुकसान के कारण अपनी जान दे रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिर्फ साल 2023 में पंजाब में करीब 150 किसानों ने खुदकुशी की। ये आंकड़े बताते हैं कि भारत का अन्नदाता कितने गहरे संकट में है और सरकारें उसकी तकलीफ से कितनी बेपरवाह हैं।
MSP का वादा भूली AAP सरकार, बाढ़ मुआवजा भी नहीं मिला
Punjab Farmer Suicide के बढ़ते मामलों के लिए रंधावा ने सीधे तौर पर भगवंत मान सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने याद दिलाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने सत्ता संभालने से पहले पंजाब के किसानों से वादा किया था कि उनकी सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) दिया जाएगा ताकि उनकी फसलें मंडियों में अच्छे भाव पर बिक सकें।
लेकिन सत्ता में आने के बाद यह वादा हवा हो गया। किसानों को आज तक उनकी फसलों पर सही MSP नहीं मिली। बाढ़ का मुआवजा तो दूर की बात है। रंधावा ने कहा कि जो पार्टी किसानों की हमेशा बताने वाली थी, वही सत्ता में आकर उनकी दुश्मन बन गई है। किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही, उनका हक मारा जा रहा है।
अपने हक मांगने उतरे किसानों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस
Punjab Farmer Suicide के बढ़ते मामलों के बावजूद पंजाब सरकार का रवैया किसानों के प्रति बेहद कठोर रहा है। रंधावा ने आरोप लगाया कि जब किसान अपने जायज हक मांगने के लिए सड़कों पर उतरते हैं, तो सरकार उन्हें भीड़ बताकर लाठीचार्ज करवाती है और आंसू गैस छोड़ती है।
बठिंडा और अमृतसर में किसानों पर जबर जुल्म किए गए। एक तरफ किसान फसलों का सही दाम, बाढ़ मुआवजा और कर्ज माफी की मांग कर रहे हैं, दूसरी तरफ सरकार उनकी मांगों को सुनने तक के लिए तैयार नहीं है। जो सरकार किसानों की बात सुनने की बजाय उन पर डंडे बरसाए, वह कैसे किसानों की हितैषी हो सकती है?
केजरीवाल का वादा: 1 अप्रैल के बाद कोई किसान आत्महत्या नहीं करेगा
Punjab Farmer Suicide पर रंधावा ने AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के उस दावे की भी याद दिलाई जिसमें उन्होंने कहा था कि सत्ता में आने के बाद 1 अप्रैल से कोई किसान आत्महत्या नहीं करेगा। रंधावा ने तंज कसते हुए कहा कि हकीकत इस वादे से कोसों दूर है।
पंजाब में AAP सरकार के कार्यकाल में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला न सिर्फ जारी है, बल्कि स्थिति और बिगड़ी है। फरीदकोट में दो सगे भाइयों की मौत इसका ताजा उदाहरण है। वादे कागजों और भाषणों तक सीमित रह गए और जमीनी हकीकत में किसान आज भी कर्ज, घाटे और बेकद्री से जूझ रहा है।
कर्ज का जाल: किसानों की जिंदगी का सबसे बड़ा दुश्मन
Punjab Farmer Suicide की जड़ में कर्ज का बढ़ता बोझ है। रंधावा ने विस्तार से बताया कि किसानों को उनकी फसलों का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। उन्हें मजबूरन घाटा उठाना पड़ रहा है। फसलों को बचाने और घर चलाने के लिए किसान महंगी ब्याज दर पर कर्ज उठाते हैं।
जब वे यह कर्ज नहीं चुका पाते तो बैंक अधिकारी उन्हें अलग-अलग तरीकों से तंग करते हैं। ब्याज पर ब्याज चढ़ता जाता है और कर्ज की रकम दोगुनी-तिगुनी हो जाती है। फरीदकोट के दोनों भाइयों के साथ भी यही हुआ, 25 लाख का कर्ज 50 लाख हो गया। इस दुष्चक्र से निकलने का कोई रास्ता न देखकर किसान आत्महत्या जैसा संगीन कदम उठा लेते हैं। यह किसी भी सभ्य समाज के लिए सबसे शर्मनाक बात है कि जो अन्नदाता देश का पेट भरता है, उसे खुद मौत को गले लगाना पड़ रहा है।
भारत-US ट्रेड डील रद्द करने की भी उठाई मांग
Punjab Farmer Suicide पर चिंता जताने के साथ ही रंधावा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने भारत-US ट्रेड डील को रद्द करने की मांग की और कहा कि यह डील भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है।
रंधावा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस डील के खिलाफ देशभर के किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और इसे रद्द करवाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र में भाजपा और पंजाब में AAP, दोनों किसान विरोधी पार्टियां हैं और इन्हें किसानों को बर्बाद नहीं करने दिया जाएगा।
कांग्रेस किसानों के साथ, लड़ाई जारी रहेगी
Punjab Farmer Suicide को लेकर रंधावा ने साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ है और उनके हकों की लड़ाई में पीछे नहीं हटेगी। पंजाब का किसान न केवल राज्य बल्कि पूरे देश का अन्नदाता है। इसी अन्नदाता की बेकद्री की जा रही है, उसे उसकी फसलों का सही मूल्य नहीं मिल रहा, बाढ़ का मुआवजा नहीं दिया जा रहा और हक मांगने पर लाठियां बरसाई जा रहीं हैं।
जब तक किसानों को उनकी फसलों का पूरा MSP नहीं मिलता, बाढ़ और प्राकृतिक आपदा का समय पर मुआवजा नहीं मिलता और कर्ज के जाल से मुक्ति का रास्ता नहीं बनता, तब तक Punjab Farmer Suicide जैसी दर्दनाक घटनाएं होती रहेंगी। सरकारों को आंकड़ों से परे जाकर किसानों की असली तकलीफ समझनी होगी, वरना अन्नदाता की मौत का सिलसिला रुकने वाला नहीं है।
मुख्य बातें (Key Points)
- फरीदकोट में दो सगे भाइयों ने कर्ज के बोझ से तंग आकर आत्महत्या कर ली। 25 लाख रुपये का बैंक कर्ज ब्याज के साथ 50 लाख हो गया था। सांसद रंधावा ने बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
- NCRB के आंकड़ों के मुताबिक 2013 से 2022 तक एक दशक में 1.12 लाख किसानों ने खुदकुशी की, हर साल औसतन 11,000 किसान जान दे रहे हैं। 2023 में सिर्फ पंजाब में 150 किसानों ने आत्महत्या की।
- रंधावा ने AAP सरकार पर MSP और बाढ़ मुआवजा न देने का आरोप लगाया, बठिंडा-अमृतसर में किसानों पर लाठीचार्ज की निंदा की और केजरीवाल के “कोई किसान आत्महत्या नहीं करेगा” वाले वादे को खोखला बताया।
- भारत-US ट्रेड डील रद्द करने की मांग: रंधावा ने कहा कि यह डील किसानों के खिलाफ है, कांग्रेस देशभर के किसानों के साथ खड़ी है।








