Punjab DA Arrears High Court — पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बकाया महंगाई भत्ते (DA) और एरियर भुगतान में देरी पर कड़ा रुख अपनाते हुए पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा पर एक लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया है। अदालत ने उन्हें 3 नवंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अब तक की कार्रवाई का ब्योरा देने का आदेश दिया है।
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पंजाब के करीब आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर आई है। लंबे वक्त से अटके पड़े बकाया DA और एरियर के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार की ढिलाई पर ब्रेक लगा दिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को हुई सुनवाई में मुख्य सचिव केएपी सिन्हा पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। देखा जाए तो यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है जो 2016 से अपने हक का इंतजार कर रहे थे।
अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासनिक देरी के बहाने कर्मचारियों के वाजिब अधिकारों को अनिश्चितकाल के लिए नहीं रोका जा सकता। जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने सरकार की कार्यशैली पर तल्ख टिप्पणी की। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी जवाबदेही की।
सरकार की दलीलें खारिज, सख्त हुआ कोर्ट
मामला 1 जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक के पेंडिंग DA एवं एरियर के एकमुश्त भुगतान से जुड़ा है। पहले भी हाईकोर्ट ने तय सीमा में भुगतान का आदेश दिया था। मगर सरकार ने आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया। कर्मचारी याचिकाकर्ताओं को अवमानना याचिका दाखिल करनी पड़ी।
सुनवाई के दौरान सरकार ने वित्तीय तंगी का रोना रोया। समझने वाली बात है कि कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। कोर्ट ने यहां तक कह दिया कि जब तक बकाया नहीं चुकाया जाता, सरकार अपने प्रचार-प्रसार के लिए बड़े पैमाने पर विज्ञापन जारी नहीं कर सकती। यह फैसला आम आदमी की जेब पर सीधा असर डालने वाला है।
सुप्रीम कोर्ट की आड़ में गुमराह करने की कोशिश
दिलचस्प बात यह है कि पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 1 सितंबर 2026 को विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की गई। 6 अक्टूबर को जब हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से स्टेटस रिपोर्ट मंगवाई तो पोल खुल गई।
रिपोर्ट में सामने आया कि पंजाब सरकार की अपील अभी भी कमियों के कारण अटकी पड़ी है। वह सूचीबद्ध होने के योग्य ही नहीं है। इसके बावजूद सरकार हाईकोर्ट को बताती रही कि अपील दायर हो चुकी है। कोर्ट ने इसे गलत जानकारी देकर गुमराह करना माना। यहां ध्यान देने वाली बात है कि मुख्य सचिव को आपराधिक अवमानना का कारण बताओ नोटिस तक जारी करना पड़ा।
माफी भी नहीं आई काम, अब 3 नवंबर को पेशी
9 अक्टूबर को मुख्य सचिव केएपी सिन्हा निजी तौर पर कोर्ट में पेश हुए। उनके वकील ने बिना शर्त माफी मांगने की पेशकश की। मगर चीफ जस्टिस की बेंच ने राज्य के इस आचरण को बेहद पीड़ादायक बताया। माफी स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।
पूरे मामले को आपराधिक अवमानना से जुड़ी रोस्टर डिवीजन बेंच के पास ट्रांसफर कर दिया गया। अब 3 नवंबर 2026 को अगली सुनवाई तय हुई है। मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्ट करना होगा कि पुराने आदेशों के पालन के लिए क्या कदम उठाए गए और कितनी समय-सीमा तय की गई है।
कर्मचारी संगठनों ने बताया न्याय की जीत
कर्मचारियों के संगठनों ने हाईकोर्ट के इस फैसले को अपनी एकता और न्याय की बड़ी जीत बताया है। राहत की बात है कि कोर्ट की सख्ती के बाद अब सरकार पर दबाव बढ़ेगा। अगर गौर करें तो यह लड़ाई सिर्फ पैसे की नहीं, बल्कि व्यवस्था में जवाबदेही की है। सवाल उठता है कि आखिर कब तक कर्मचारी अपने हक के लिए अदालतों के चक्कर काटते रहेंगे?
जानें पूरा घटनाक्रम: कब क्या हुआ
| तारीख | घटनाक्रम |
|---|---|
| 8 अप्रैल 2026 | हाईकोर्ट में याचिकाओं पर सुनवाई शुरू, केंद्रीय पैटर्न पर DA रोकने की नीति को चुनौती। |
| 3 अगस्त 2026 | डिवीजन बेंच का फैसला: वित्तीय तंगी की दलील खारिज, 15 दिन में बकाया देने का आदेश। विज्ञापनों पर रोक। |
| 31 अगस्त 2026 | अनुपालन हलफनामा दाखिल करने की समयसीमा खत्म, सरकार भुगतान में विफल। |
| 1 सितंबर 2026 | पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में SLP दायर की। |
| 10 सितंबर 2026 | हाईकोर्ट ने दोबारा जवाब मांगा, SLP की कमियां 10 दिन में दूर करने को कहा। |
| 1 अक्टूबर 2026 | एडवोकेट जनरल और मुख्य सचिव ने बताया कमियां दूर कर अपील दोबारा फाइल की। |
| 6 अक्टूबर 2026 | रजिस्ट्री रिपोर्ट से खुलासा: अपील अभी भी कमियों के कारण अटकी। मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस। |
| 9 अक्टूबर 2026 | मुख्य सचिव पेश हुए, माफी नामंजूर, मामला रोस्टर बेंच को ट्रांसफर। |
| 3 नवंबर 2026 | अगली सुनवाई, मुख्य सचिव को व्यक्तिगत पेशी का आदेश। |
मुख्य बातें (Key Points)
- हाईकोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया।
- बकाया DA व एरियर (जनवरी 2016 – जून 2021) भुगतान में देरी और आदेशों की अवहेलना पर कार्रवाई।
- सुप्रीम कोर्ट में अपील लंबित होने की गलत जानकारी देकर हाईकोर्ट को गुमराह करने का लगा आरोप।
- मुख्य सचिव को 3 नवंबर 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी।
- करीब 8 लाख कर्मचारियों व पेंशनर्स को मिलेगी राहत, विज्ञापन खर्च पर रोक का आदेश बरकरार।













