Parvinder Singh Jhota Justice — परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे संघर्ष में एक्शन कमेटी ने बड़ा दिल दिखाते हुए त्रिकोणी चौक पर जाम सड़क का एक किनारा आवाजाही के लिए खोल दिया है। व्यापार मंडल और शहरवासियों की परेशानी देखते हुए कमेटी ने धरने को अस्पताल परिसर में शिफ्ट करने और लाउडस्पीकर बंद करने का फैसला लिया है।
परविंदर सिंह झोटा के लिए इंसाफ की मांग को लेकर त्रिकोणी चौक पर चल रहा धरना मंगलवार को एक नए मोड़ पर आ गया। देखा जाए तो अक्सर ऐसे आंदोलनों में आम जनता की तकलीफें नजरअंदाज हो जाती हैं, मगर यहां तस्वीर कुछ अलग नजर आई। एक्शन कमेटी ने व्यापार मंडल, दुकानदारों और राहगीरों की दिक्कतों को समझते हुए सड़क का एक पूरा किनारा यातायात के लिए खोल दिया।
अब गाड़ियों की आवाजाही शुरू होते ही शहर के बाजारों में रौनक लौट आई है। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी संवेदनशील नेतृत्व की। कमेटी के इस फैसले ने यह साबित कर दिया कि हक की लड़ाई लड़ते हुए दूसरों के हकों का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है।
व्यापारियों की गुहार पर पिघला कमेटी का दिल
व्यापार मंडल के पदाधिकारी पिछले कुछ दिनों से लगातार परेशानी झेल रहे थे। दुकानदारी ठप थी, ग्राहक नहीं आ पा रहे थे। अगर गौर करें तो त्योहारी सीजन नजदीक होने के कारण उनकी चिंता जायज थी। उन्होंने एक्शन कमेटी के साथ बैठक कर अपना दर्द बयां किया।
कमेटी के मीडिया इंचार्ज हरदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि व्यापारियों ने दो टूक मांग रखी थी। पहली, सड़क का एक किनारा खोल दिया जाए। दूसरी, अस्पताल के नजदीक चल रहे धरने को अस्पताल के अंदर शिफ्ट किया जाए और लाउडस्पीकर बंद किए जाएं ताकि मरीजों को परेशानी न हो। कमेटी ने दोनों मांगें मान लीं। यह दर्शाता है कि आंदोलन अनुशासन और संवेदना के साथ भी चलाया जा सकता है।
अस्पताल प्रबंधन ने भी दिया साथ, मरीजों को राहत
दिलचस्प बात यह है कि धरने को अस्पताल के अंदर शिफ्ट करने का फैसला इतना आसान नहीं था। इसके लिए अस्पताल प्रबंधन की सहमति चाहिए थी। कमेटी ने प्रशासन और अस्पताल अधिकारियों से बात की। समझने वाली बात है कि प्रबंधन ने मानवीय आधार पर हामी भर दी।
अब धरनाकारी अस्पताल परिसर में शांतिपूर्वक बैठेंगे। न शोर होगा, न लाउडस्पीकर की तेज आवाज। मरीजों और तीमारदारों को बड़ी राहत मिलेगी। यहां ध्यान देने वाली बात है कि कमेटी ने अपनी जिद छोड़कर लचीलापन दिखाया, इसी वजह से शहर का माहौल खराब नहीं हुआ।
शहरवासियों ने कहा- ऐसा ही होना चाहिए संघर्ष
सड़क खुलते ही राहगीरों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। ऑटो चालक, रिक्शा वाले और अपनी गाड़ियों से जाने वाले लोग राहत की सांस ले रहे हैं। व्यापार मंडल और शहर के गणमान्य लोगों ने एक्शन कमेटी का धन्यवाद किया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे इस सच्चे संघर्ष में हर कदम पर साथ खड़े हैं। चिंता का विषय यह रहता है कि लंबे धरनों से जनता का समर्थन टूटने लगता है, मगर यहां उल्टा हुआ। कमेटी के इस कदम ने जन समर्थन और मजबूत कर दिया। सवाल उठता है कि क्या दूसरे आंदोलन भी इससे सीख लेंगे?
मुख्य बातें (Key Points)
- परविंदर सिंह झोटा इंसाफ मोर्चा: एक्शन कमेटी ने त्रिकोणी चौक पर सड़क का एक किनारा यातायात के लिए खोला।
- व्यापार मंडल की मांग पर फैसला: दुकानदारों और राहगीरों की परेशानी देखते हुए दिखाई लचीलापन।
- धरना होगा अस्पताल परिसर में शिफ्ट: मरीजों की सुविधा के लिए लाउडस्पीकर बंद करने पर बनी सहमति।
- मीडिया इंचार्ज हरदीप सिंह सिद्धू ने दी जानकारी: व्यापारियों ने दिया हर संभव सहयोग का आश्वासन।
- त्योहारी सीजन से पहले बाजारों में लौटी रौनक, आम जनता ने ली राहत की सांस।













