Punjab Cabinet Reshuffle के तहत पंजाब सरकार ने बड़ा फेरबदल करते हुए गिरफ्तार पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से ट्रांसपोर्ट विभाग छीनकर वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को सौंप दिया है। वहीं डॉ. रवजोत को जेल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह फेरबदल अमृतसर में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड केस के बाद हुआ है, जिसमें रंधावा ने अपनी मौत से पहले बनाए वीडियो में भुल्लर को जिम्मेदार ठहराया था। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले में CBI जांच से साफ इनकार कर दिया है।
भुल्लर से छिना ट्रांसपोर्ट, चीमा और रवजोत को नई जिम्मेदारी
Punjab Cabinet Reshuffle में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पत्ती के विधायक और पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के पास जो ट्रांसपोर्ट विभाग था, वह अब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को दे दिया गया है। इसके साथ ही डॉ. रवजोत को जेल डिपार्टमेंट की कमान सौंपी गई है।
यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब भुल्लर पहले से ही वेयरहाउस DM गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड केस में गिरफ्तार हो चुके हैं और उनका इस्तीफा भी स्वीकार किया जा चुका है। पंजाब सरकार ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पोर्टफोलियो बदलाव का फैसला लिया।
DM रंधावा सुसाइड केस: चौथे दिन हो रहा पोस्टमॉर्टम
अमृतसर में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने सल्फास खाकर अपनी जान दे दी थी। उनके सुसाइड का वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी आत्महत्या के लिए सीधे तौर पर पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को जिम्मेदार ठहराया था।
सुसाइड के चौथे दिन रंधावा के शव का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की निगरानी में सिविल अस्पताल में यह प्रक्रिया चल रही है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की जा रही है ताकि किसी भी तरह का कोई सवाल न उठे। दोपहर बाद रंधावा का अंतिम संस्कार भी किया जाएगा।
भुल्लर को गुपचुप कोर्ट में पेश करने की तैयारी
अमृतसर पुलिस इस मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को अमृतसर कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक भुल्लर को गुपचुप तरीके से जज के सामने पेश किया जा रहा है। पुलिस इस बारे में कुछ खुलकर बात नहीं कर रही।
डीसीपी रविंदरपाल ने पहले भुल्लर की रिमांड की भी पुष्टि की थी, लेकिन अब कहा जा रहा है कि अभी पेश किया जाएगा। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर एक पूर्व मंत्री को गुपचुप पेशी के लिए क्यों ले जाया जा रहा है।
CM भगवंत मान बोले: मंत्री हो या संतरी, कानून सबके लिए एक
चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CM भगवंत मान ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मंत्री का रिजाइन हो गया है, उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और चीफ सेक्रेटरी लेवल की कमेटी को जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जो भी कानून के मुताबिक होगा, उसके हिसाब से सख्त कार्रवाई होगी।
भगवंत मान ने भावुक होते हुए कहा कि मेरे लिए सारा पंजाब एक परिवार है। हमारे लिए मंत्री हो या संतरी, सभी के लिए कानून एक ही है। हम किसी की पुश्तपनाही नहीं करते और किसी को बचाने की कोशिश नहीं करते। यह बात साफ है कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार इस मामले में कड़ा संदेश देना चाहती है।
CBI जांच से साफ इनकार, विपक्ष पर पलटवार
Punjab Cabinet Reshuffle और DM सुसाइड केस पर विपक्ष की ओर से CBI जांच की मांग उठ रही है, लेकिन CM भगवंत मान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने विपक्ष पर जोरदार पलटवार करते हुए कई पुराने मामलों का हवाला दिया।
CM ने कहा कि हरियाणा के एडीजीपी वाई पूरन कुमार चंडीगढ़ में मरे थे, उस केस में कौन सी CBI जांच हुई? सिर्फ डीजीपी की बदली करके मामला निपटा दिया गया था। पटियाला में एक आदमी ने प्रेस के सामने और एक ने पुल के नीचे बस स्टैंड के पास आग लगाकर जान दे दी थी। उन्होंने पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह और भरतिंदर चहल का नाम लिया था। उस मामले में न कोई CBI जांच हुई और न किसी ने इस्तीफा दिया।
राजा वड़िंग और अमित शाह का नाम लेकर CM ने दागे तीखे सवाल
CM भगवंत मान ने यहीं नहीं रुके। उन्होंने कांग्रेस नेता राजा वड़िंग का नाम लेते हुए कहा कि एक पूरी फैमिली ने राजा वड़िंग का नाम लेकर छलांग लगा दी थी। मां की मौत हो गई, बाप और बेटी बच गए। उन्होंने भी नाम लिया था, लेकिन उस पर न कोई CBI जांच हुई और न कोई इस्तीफा।
इसके बाद CM ने और भी बड़ा निशाना साधते हुए कहा कि एक आदमी सुनील कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेकर जान दे दी थी। उसमें अमित शाह ने कब इस्तीफा दिया और कब जांच हुई? CM के इस सवाल ने विपक्ष को निरुत्तर कर दिया।
उन्होंने महल कलां में किरनजीत कौर से जुड़े बड़े कांड का भी जिक्र किया और कहा कि आज तक उसकी याद मनाई जाती है, लेकिन दोषियों को सजा नहीं मिली। वे लोग कौन थे और किसने किया, यह सवाल आज भी अनुत्तरित है।
विपक्ष की एकजुटता पर CM ने ली चुटकी
CM भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक और दिलचस्प बात कही। उन्होंने हंसते हुए कहा कि एक बात से मुझे बहुत खुशी हुई कि राजा वड़िंग, बिक्रम सिंह मजीठिया, सुनील जाखड़ और प्रताप सिंह बाजवा सब एक ही गाड़ी में नजर आए। यह टिप्पणी विपक्ष की एकजुटता पर एक तीखा तंज थी, जिसमें CM ने अलग-अलग पार्टियों के नेताओं को एकसाथ देखकर उनकी राजनीतिक मजबूरी पर सवाल उठाया।
पंजाब की राजनीति में क्या बदलेगा इस फेरबदल से
Punjab Cabinet Reshuffle सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह पंजाब की राजनीति में एक बड़ा संदेश है। एक सिटिंग कैबिनेट मंत्री का इस्तीफा लेना, उसे गिरफ्तार करवाना और फिर तुरंत उसका विभाग दूसरे मंत्री को सौंप देना, यह दिखाता है कि भगवंत मान सरकार इस मामले में कोई कमजोरी नहीं दिखाना चाहती।
हालांकि, CBI जांच से इनकार और चीफ सेक्रेटरी लेवल की कमेटी से जांच कराने के फैसले पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, खासकर तब जब कोर्ट में भुल्लर की पेशी के बाद नए तथ्य सामने आएं।
आम पंजाबी के लिए इस पूरे मामले का सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकारी अफसरों को राजनीतिक दबाव से मुक्ति मिलेगी या यह सिर्फ एक केस तक सीमित रहेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Cabinet Reshuffle में भुल्लर का ट्रांसपोर्ट विभाग हरपाल चीमा को और जेल विभाग डॉ. रवजोत को सौंपा गया।
- वेयरहाउस DM गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड केस में पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर गिरफ्तार, कोर्ट में पेशी की तैयारी।
- CM भगवंत मान ने CBI जांच से साफ इनकार किया, चीफ सेक्रेटरी लेवल कमेटी से जांच के आदेश दिए।
- CM ने राजा वड़िंग, अमित शाह और कैप्टन अमरिंदर से जुड़े पुराने मामलों का हवाला देकर विपक्ष पर तीखा पलटवार किया।













