Punjab Cabinet Congress Governor Address Boycott : चंडीगढ़, 6 मार्च 2026। पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और हरभजन सिंह ईटीओ ने कांग्रेस द्वारा राज्यपाल के अभिभाषण के बहिष्कार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक सिद्धांतों और 75 साल की संसदीय परंपराओं का घोर अपमान है। तीनों मंत्रियों ने एक सुर में कहा कि कांग्रेस का यह रवैया इस बात का सबूत है कि वह पंजाब की तरक्की को बर्दाश्त नहीं कर सकती।
पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने राज्यपाल के अभिभाषण में हंगामा किया और बहिष्कार का रास्ता अपनाया। इसके जवाब में आम आदमी पार्टी के तीन वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री मीडिया के सामने आए और कांग्रेस पर जोरदार पलटवार किया।
‘शराब-रेत-ट्रांसपोर्ट माफिया की पार्टी है कांग्रेस: हरपाल चीमा’
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सबसे तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस सरकार का पूरा कार्यकाल शराब, रेत और ट्रांसपोर्ट माफिया को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। राज्य के खजाने और जनता की भलाई को ताक पर रखकर पिछली सरकारों ने राज्य के संसाधनों की खुलकर लूट होने दी। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत AAP सरकार ने वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता दी और राज्य के वास्तविक विकास पर ध्यान केंद्रित किया। चीमा ने यह भी कहा कि जो कांग्रेस दिल्ली और बिहार में पहले ही हाशिये पर जा चुकी है, वह अपने जनविरोधी और दलित विरोधी रवैये के कारण 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में भी पूरी तरह साफ हो जाएगी।
‘राज्यपाल ने दो बार बैठने को कहा, फिर भी कांग्रेस ने नहीं मानी: चीमा’
हरपाल चीमा ने विधानसभा के अंदर कांग्रेस के व्यवहार का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के राज्यपाल ने कांग्रेस सदस्यों को दो बार बैठने, अभिभाषण सुनने और चर्चा के दौरान अपना जवाब देने के लिए कहा, लेकिन कांग्रेस ने पूरी तरह अलोकतांत्रिक रवैया अपनाया। उन्होंने कहा कि यह व्यवहार साफ बताता है कि कांग्रेस को संवैधानिक मर्यादाओं की कोई परवाह नहीं है।
‘दलित मंत्री की “बैंड-बाजे” से तुलना: कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता उजागर’
हरपाल चीमा ने कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता को उजागर करते हुए कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हरभजन सिंह ईटीओ वह व्यक्तित्व हैं जिन्होंने पहले कठिन सिविल सेवा परीक्षा पास की और फिर जनसेवा के लिए AAP में शामिल हुए। लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने इतने योग्य और सम्मानित व्यक्ति की तुलना “बैंड-बाजे” से करने की हिम्मत की, जो पूरी तरह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि जब AAP नेताओं ने जवाब में बैंड-बाजे वाले लाकर विरोध दर्ज किया तो कांग्रेसी नेता भड़क उठे क्योंकि वे अपने ही अहंकार की सच्चाई का सामना नहीं कर सके।
’75 साल की संसदीय परंपरा का अपमान: अमन अरोड़ा’
AAP पंजाब के प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि विधानसभा में कांग्रेस का यह रवैया एक शर्मनाक कृत्य है जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों से राज्यपाल का अभिभाषण जनता के सामने राज्य का रिपोर्ट कार्ड रखने और भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर रहा है। यह सब जानते हुए भी कांग्रेस ने एक संवैधानिक प्रमुख के अभिभाषण के पहले शब्द से ही अनुचित नारों के साथ व्यवधान डालने का दुर्भाग्यपूर्ण फैसला लिया।
‘AAP की उपलब्धियां गिनाईं, कांग्रेस-अकाली काल से की तुलना: अमन अरोड़ा’
अमन अरोड़ा ने AAP सरकार की प्रमुख उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस और अकाली काल से तुलना की। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में 63,000 से अधिक युवाओं को रोजगार दिया गया, आम आदमी क्लीनिक के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक तक पहुंचाई गईं और 90 प्रतिशत परिवारों को निर्बाध मुफ्त बिजली दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अकाली सरकारों के समय किसानों को रात में बार-बार खेतों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन उनकी सरकार ने किसानों को दिन के समय निर्बाध बिजली देकर बड़ी राहत दी है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब में पहली बार नहरों का पानी टेल एंड तक पहुंचाया गया है।
‘गैंगस्टरों को संरक्षण नहीं, उनकी संपत्ति ध्वस्त की: अरोड़ा’
अमन अरोड़ा ने कहा कि पिछली सरकारों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया, जबकि CM भगवंत मान की सरकार ने उनकी अवैध संपत्तियां ध्वस्त कीं, उनके खिलाफ मामले दर्ज किए और ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान शुरू करके प्रशासन में जनता का विश्वास फिर से बहाल किया।
‘कांग्रेस ने दलितों को वोट बैंक समझा: हरभजन सिंह ईटीओ’
कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा दलितों, गरीबों और मजदूरों को इंसान समझने के बजाय केवल एक वस्तु और वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि 6 फरवरी 2026 को जंडियाला गुरु में प्रताप सिंह बाजवा द्वारा दलित समुदाय के खिलाफ की गई टिप्पणियों ने कांग्रेस की असली दलित विरोधी मानसिकता को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यही दलित विरोधी नीतियां 2027 के विधानसभा चुनावों में उसके ताबूत की आखिरी कील साबित होंगी।
‘राजनीतिक संदर्भ’
बजट सत्र के पहले दिन एक तरफ कांग्रेस विधानसभा घेराव और राज्यपाल अभिभाषण के बहिष्कार के जरिए सरकार को घेर रही थी, वहीं AAP मंत्रियों ने मीडिया में पलटवार करके यह संदेश देने की कोशिश की कि कांग्रेस का विरोध राज्य की जनता के हित में नहीं बल्कि अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की बेताब कोशिश है। 2027 के चुनाव से पहले दोनों दलों के बीच यह नोकझोंक आने वाली राजनीतिक लड़ाई की झलक देती है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- Harpal Cheema: Congress ने शराब-रेत-ट्रांसपोर्ट माफिया पाला, AAP ने वित्तीय अनुशासन अपनाया; दिल्ली-बिहार के बाद पंजाब में भी कांग्रेस साफ होगी।
- Aman Arora: राज्यपाल अभिभाषण का बहिष्कार 75 साल की संसदीय परंपरा का अपमान; AAP ने 63,000 नौकरियां, AAM Aadmi Clinics और मुफ्त बिजली दी।
- Harbhajan Singh ETO: Congress ने दलितों को वोट बैंक समझा; Bajwa की टिप्पणी ने दलित विरोधी मानसिकता बेनकाब की।
- तीनों मंत्रियों का एक सुर में संदेश: Congress विकास को बर्दाश्त नहीं कर सकती, इसीलिए हंगामा कर रही है।








