Punjab Budget Session Sukhpal Khaira Censure Motion: पंजाब की राजनीति में मंगलवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ सदन में निंदा प्रस्ताव पास कर दिया गया। खैहरा ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने महिलाओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पोस्ट पर सत्ता पक्ष भड़क उठा और AAP की महिला विधायकों ने सदन में जोरदार विरोध दर्ज कराया। वहीं, पंजाब महिला आयोग ने भी खैहरा से 12 मार्च तक जवाब देने को कहा है।
क्या था खैहरा की विवादित पोस्ट का मामला
पूरे हंगामे की जड़ कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा की एक सोशल मीडिया पोस्ट रही। खैहरा ने अपनी पोस्ट में लिखा था कि “1000 रुपए के लिए गिद्दे डालने वाली बीबियां सूरमे कहां से पैदा कर लेंगी।” यह पोस्ट 8 मार्च को महिला दिवस पर AAP सरकार द्वारा की गई घोषणाओं के संदर्भ में थी। जैसे ही यह पोस्ट सदन में उठाई गई, माहौल पूरी तरह बदल गया।
वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने जीरो ऑवर के दौरान इस पोस्ट को सदन के सामने पढ़कर सुनाया और कांग्रेस से माफी की मांग की। चीमा ने कहा कि खैहरा ने अपनी इस पोस्ट से महिलाओं और खासतौर पर दलित महिलाओं का घोर अपमान किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विरोधी दल के नेता सिल्वर स्पून लेकर पैदा हुए हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि उन्हें औरतों के अपमान का अधिकार मिल गया है।
सदन में गूंजे चीमा के तीखे बोल
वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाया। उन्होंने कहा कि हमने 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं के सम्मान में बड़ी घोषणाएं कीं, लेकिन कांग्रेस के विधायक कह रहे हैं कि “क्या सूरमे पैदा कर लेंगी।” चीमा ने कहा कि इस तरह के लोगों का इलाज करवा देना चाहिए।
चीमा ने पुराने विवादों का भी जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस में पहले भी स्व. बूटा सिंह के बारे में “काले रंग वाले को होम मिनिस्टर बना दिया” जैसी बातें कही गई थीं। उन्होंने कहा कि हर बार दलितों का अपमान किया जाता है। कभी कोई “बैंड बाजा वाला” कहता है, कभी कोई “मैटीरियल” कहता है। चीमा ने यह भी कहा कि 75 साल के नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सदन में गालियां निकाली हैं और उन्हें मेंटल अस्पताल में दाखिल कराना चाहिए।
AAP की महिला विधायकों ने किया जोरदार विरोध
AAP विधायक इंद्रजीत कौर मान ने खैहरा की पोस्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये लोग बताएंगे कि गरीब महिलाएं कैसे सूरमा पैदा करेंगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को राज्य स्तर पर लेकर जाया जाएगा और खैहरा के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इंद्रजीत कौर ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने इस तरह की शर्मनाक टिप्पणी की है, उसे सफाई देने का मौका भी नहीं दिया जाना चाहिए।
AAP की अन्य महिला विधायकों ने भी सदन में जमकर हंगामा किया। डॉ. अमनदीप ने कहा कि खैहरा ने पंजाब की महिलाओं के लिए भद्दी शब्दावली इस्तेमाल की है और उन्होंने लाइव इंटरव्यू में भी ऐसा कहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सीनियर नेता अगर खैहरा को प्रोटेक्ट कर रहे हैं तो यह शर्म की बात है।
बाजवा ने जताया खेद, लेकिन AAP को नहीं मिला संतोष
विरोध बढ़ता देख कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सदन में खैहरा की पोस्ट पर खेद जताया। बाजवा ने कहा कि खैहरा इस समय सदन में मौजूद नहीं हैं, इसके बावजूद पार्टी उनकी टिप्पणी की निंदा करती है। बाजवा ने कहा कि खैहरा कल सदन में आकर अपना पक्ष रखेंगे।
लेकिन चीमा ने बाजवा की इस बात को काटते हुए कहा कि जो कुछ खैहरा ने अपनी पोस्ट में लिखा है, वो उन्हीं के शब्द हैं, किसी यूट्यूबर के नहीं। इस पर AAP की महिला विधायकों ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया और माफी की मांग तेज कर दी। माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को सदन को आधे घंटे के लिए स्थगित करना पड़ा।
निंदा प्रस्ताव पर कैसे हुई वोटिंग
सदन दोबारा शुरू होने के बाद सुखपाल खैहरा के खिलाफ औपचारिक रूप से निंदा प्रस्ताव पेश किया गया। इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान वित्तमंत्री हरपाल चीमा, मंत्री तरूणजीत सिंह सौंद, हरजोत सिंह बैंस और अन्य AAP नेताओं ने अपने विचार रखे। हरजोत बैंस ने कहा कि खैहरा का यह बयान उनकी फ्रस्ट्रेशन का नतीजा है।
चर्चा पूरी होने के बाद स्पीकर ने हां या ना में वोटिंग करवाई। सत्ता पक्ष ने जोर से “हां” कहा, जबकि विपक्ष चुप रहा और “ना” नहीं बोला। मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि विपक्ष या तो हां बोले या ना बोले। इस पर स्पीकर ने कहा कि चुप रहने को “ना” नहीं माना जाएगा। इसके बाद निंदा प्रस्ताव को पास कर दिया गया। यह Punjab Budget Session का अब तक का सबसे बड़ा घटनाक्रम रहा।
ईटीओ ने कांग्रेस को दिया करारा जवाब
निंदा प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने भी कांग्रेस पर जोरदार पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राजा वड़िंग ने एक रैली में कहा था कि “तीन मिनट में ईटीओ की धौंण मरोड़ दो।” इस पर ईटीओ ने कहा कि ये 3000 जन्म भी ले लें तो भी हरभजन सिंह ईटीओ की धौंण नहीं मरोड़ सकते। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने बैंड बाजा बजाकर उन्हें पढ़ाया और आज वो अपनी मेहनत से मंत्री बने हैं। ईटीओ ने कहा कि कांग्रेस अब माताओं की कोख तक पहुंच गई है और यह उनके ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।
कांग्रेस विधायक राणा गुरजीत ने की शांति की अपील
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक राणा गुरजीत सिंह ने इस मामले को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि CLP ने माफी मांग ली है और कल खैहरा सदन में आकर अपना पक्ष रखेंगे, इसलिए इसे और तूल देने की जरूरत नहीं है। राणा गुरजीत ने अपना किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक बार उनकी और बिक्रम मजीठिया के बीच खूब तू-तू मैं-मैं हुई थी, लेकिन उन्होंने खुद मामला शांत कराया। हालांकि ईटीओ ने उनकी बात नहीं मानी और कहा कि कांग्रेस ने उनके पिता के धंधे पर सवाल उठाए, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अकाली विधायक गनीव कौर मजीठिया ने भी इस बहस में हिस्सा लिया और कहा कि मुख्यमंत्री बाहर जाकर महिलाओं के बारे में टिप्पणियां करते हैं और किसी को भी “भाभी-भाभी” कहते हैं, क्या यह महिलाओं का सम्मान है? उन्होंने कहा कि जिनके बेटे इनकाउंटर में मारे जा रहे हैं, वो भी माताओं के बेटे हैं।
मेडिकल कॉलेज पर कांग्रेस-AAP में जमकर टकराव
Punjab Budget Session के चौथे दिन प्रश्नकाल में सरकारी मेडिकल कॉलेज का मुद्दा भी गर्मागर्म बहस का कारण बना। कांग्रेस विधायक तृप्त राजिंदर बाजवा ने कहा कि उन्होंने सरकारी मेडिकल कॉलेज के बारे में पूछा था, लेकिन सरकार प्राइवेट कॉलेज का नाम बता रही है।
सेहत मंत्री बलबीर सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि 40 साल कांग्रेस ने राज किया और चार साल भगवंत मान सरकार के हैं। उन्होंने बताया कि मंडीगोबिंदगढ़ और लुधियाना में ESI में 50-50 सीट के मेडिकल कॉलेज शुरू हो गए हैं। होशियारपुर में 20 मार्च से काम शुरू होगा, कपूरथला और संगरूर-नवांशहर में भी जून तक काम शुरू कर दिया जाएगा। मंत्री ने दावा किया कि AAP सरकार ने चार साल में 9 मेडिकल कॉलेज बनाए हैं, जबकि प्राइवेट कॉलेजों में भी 50 फीसदी सीटें सरकारी फीस पर होती हैं।
इस पर नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि सवाल सरकारी मेडिकल कॉलेज का था, प्राइवेट का नहीं। इसके बाद अमन अरोड़ा जवाब देने के लिए खड़े हुए तो बाजवा ने विरोध किया कि पार्टी प्रधान नहीं, सिर्फ हेल्थ मिनिस्टर ही जवाब दे सकते हैं। इस पर स्पीकर ने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि सरकार का कोई भी मंत्री किसी भी सवाल का जवाब दे सकता है। इसके बावजूद अमन अरोड़ा और बाजवा के बीच तीखी बहस हुई। अरोड़ा ने कहा कि कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में पांच मेडिकल कॉलेज खोलने का वादा किया था, लेकिन एक भी नहीं खोला।
25 किलोमीटर सड़क का मामला भी गरमाया
प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया ने सवाल उठाया कि उनके हलके की 25 किलोमीटर लंबी सड़क पिछले 6 साल से बन रही है और अभी तक पूरी नहीं हुई। मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने जवाब दिया कि इन 6 साल की देरी में से 3 साल कांग्रेस सरकार के थे और यह काम दिसंबर 2020 तक पूरा होना था, जो कांग्रेस के कार्यकाल में ही पूरा नहीं हो सका। ईटीओ ने बताया कि 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है और जून तक सड़क पूरी कर दी जाएगी। देरी करने वाले ठेकेदार पर 10.50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
स्पीकर ने मोबाइल और अन्य मुद्दों पर चिंता जताई
स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने सदन में बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर चिंता जताई और सरकार से पूछा कि क्या इस पर कोई एडवाइजरी जारी की जा सकती है। मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा करके कोई फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने घोषणा की कि सूबे में 2 महीने में 7500 नए डिपो अलॉट किए जाएंगे। वहीं विधायक दलबीर सिंह ने डायबिटीज-1 से पीड़ित बच्चों के लिए फ्री इंसुलिन और हैंडिकैप्ड कैटेगरी में शामिल करने की मांग रखी, जिस पर मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि ऐसे बच्चों को इंसुलिन देने की ट्रेनिंग दी जा रही है और मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत इलाज किया जाएगा।
बजट सत्र के पहले तीन दिन भी रहे हंगामेदार
Punjab Budget Session 6 मार्च से शुरू हुआ था। पहले दिन राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का अभिभाषण हुआ, जिसके दौरान विपक्ष ने कानून-व्यवस्था और नशे के मुद्दे पर नारेबाजी की। 8 मार्च को वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और कृषि के लिए बड़े प्रावधान घोषित किए गए। विपक्ष ने इस बजट को “दिशाहीन” और “घोषणाओं का बजट” करार दिया। 9 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस हुई, जिसमें विपक्ष ने नशा, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी को मुद्दा बनाया। सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के भाषण के दौरान विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और अकाली दल को जमकर लताड़ा।
क्या होगा इस निंदा प्रस्ताव का राजनीतिक असर
पंजाब विधानसभा में किसी विधायक के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास होना कोई मामूली बात नहीं है। यह प्रस्ताव भले ही कानूनी रूप से खैहरा की सदस्यता पर कोई सीधा असर न डाले, लेकिन राजनीतिक रूप से यह कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है। एक तरफ AAP सरकार ने महिला दिवस पर बड़ी घोषणाएं करके महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश की, तो दूसरी तरफ कांग्रेस के विधायक की विवादित पोस्ट ने पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया है। पंजाब महिला आयोग द्वारा 12 मार्च तक जवाब मांगना इस बात का संकेत है कि यह मामला सदन से बाहर भी लंबा चल सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि खैहरा सदन में आकर क्या पक्ष रखते हैं और क्या कांग्रेस इस विवाद से होने वाले राजनीतिक नुकसान को रोक पाती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन कांग्रेस MLA सुखपाल खैहरा के खिलाफ उनकी विवादित सोशल मीडिया पोस्ट पर निंदा प्रस्ताव पास किया गया।
- वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने खैहरा पर महिलाओं और दलित महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया और कांग्रेस से माफी की मांग की।
- नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने खैहरा की पोस्ट पर खेद जताया, लेकिन AAP की महिला विधायकों ने सख्त कार्रवाई की मांग जारी रखी।
- पंजाब महिला आयोग ने भी खैहरा से 12 मार्च तक जवाब मांगा है, जिससे यह मामला सदन के बाहर भी आगे बढ़ सकता है।








