Punjab Budget Debate : पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने पंजाब विधानसभा में बजट पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश किया गया बजट समाज के हर वर्ग की भलाई और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और यह एक जन-हितैषी तथा विकास-मुखी बजट है।
पांचवें सफल बजट पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने कई क्रांतिकारी पहल की हैं और ऐसे कार्य करके दिखाए हैं जो पिछले 70 वर्षों में नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी की सरकार ने पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-हितैषी नीतियों पर आधारित शासन के एक नए युग की शुरुआत की है।
सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि राज्य एक बड़े “शिक्षा क्रांति” का गवाह बना है, जिसमें प्रिंसिपलों और शिक्षकों को विश्व-स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ-साथ बड़े स्तर पर शिक्षकों की भर्ती की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं और आम आदमी क्लीनिकों की स्थापना तथा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना जैसी पहलों के माध्यम से, जिनका उद्देश्य लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत किया गया है।
कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने गन्ने का मूल्य बढ़ाकर और किसानों को आठ घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करके कृषि क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार ने 4000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण लिंक सड़कों को भी अपग्रेड किया है, जिससे संपर्क व्यवस्था में सुधार हुआ है और ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिला है।
हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पंजाब में अनुकूल औद्योगिक माहौल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन ने औद्योगिक नेताओं के साथ संवाद के लिए एक उपयुक्त मंच प्रदान किया और इससे राज्य में निवेश आकर्षित करने में मदद मिली, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए।
सामाजिक कल्याण पहलों का उल्लेख करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई योजनाएं शुरू की हैं। “साड्डे बुजुर्ग, साडा मान” पहल के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न कल्याण कार्यक्रम और महिलाओं तथा बच्चों की भलाई के लिए मिशन जीवनज्योत सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा उपायों ने यह सुनिश्चित किया है कि विकास का लाभ हर घर तक पहुंचे।
कैबिनेट मंत्री ने जल संरक्षण और सिंचाई सुधारों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि नहरों का पानी अंतिम छोर (टेल) तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिससे भूजल पर निर्भरता कम करने और कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल रही है।
नशों के खिलाफ लड़ाई के बारे में बोलते हुए हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मान सरकार ने पंजाब के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नशों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि गैंगस्टरों और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई से लोगों का विश्वास बहाल हुआ है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों का बिजली बिल अब शून्य हो गया है, जिससे लोगों को बड़ी वित्तीय राहत मिली है। मंत्री ने राज्य सरकार के 540 मेगावाट क्षमता वाले गोइंदवाल साहिब थर्मल पावर प्लांट को खरीदने के ऐतिहासिक फैसले का भी जिक्र किया, जिससे राज्य के बिजली ढांचे को मजबूती मिली।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार ने “खेडां वतन पंजाब दियां” के माध्यम से खेल संस्कृति को बढ़ावा दिया है, जबकि मुख्यमंत्री योगशाला कार्यक्रम ने नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया है। इसी तरह मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना ने वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त तीर्थ यात्रा करने का अवसर दिया है, जिसकी पूरे राज्य में व्यापक सराहना हुई है।
उन्होंने कहा कि “मेरा घर, मेरे नाम” योजना और सरल संपत्ति पंजीकरण सेवाओं सहित राजस्व विभाग के सुधारों से लोगों के लिए पारदर्शिता और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।
हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के लोगों के साथ निकटता बनाए रखी है और समय पर राहत तथा पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए बाढ़ और आपदा प्रभावित क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया है।
मंत्री ने कहा कि इन शानदार उपलब्धियों के बावजूद कुछ विपक्षी नेता सदन में राज्य सरकार की निराधार आलोचना करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मान सरकार द्वारा किए गए विकास कार्य स्वयं बोलते हैं, जो प्रशासन और सार्वजनिक सेवाओं की आपूर्ति में नए मानदंड स्थापित करते हैं।
उन्होंने राज्य सरकार के उस फैसले की सराहना की, जिसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का निर्णय लिया गया है। इससे महिलाओं के सशक्तिकरण को और मजबूती मिलेगी तथा घरेलू आर्थिक स्थिरता में सुधार होगा।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पांचवां बजट राज्य के प्रत्येक नागरिक की समृद्धि सुनिश्चित करते हुए समग्र और संतुलित विकास के लिए स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है।






