Punjab Budget 2026: पंजाब सरकार के बजट पर विपक्ष ने तीखा हमला बोल दिया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने रविवार को चंडीगढ़ में कहा कि यह बजट आम आदमी पार्टी द्वारा पिछले चार वर्षों से पंजाब की जनता के बीच फैलाए जा रहे झूठों की श्रृंखला का अंतिम अध्याय है। उन्होंने यह भी चेताया कि राज्य का कर्ज अब कुल बजट का लगभग 160 प्रतिशत तक पहुँच चुका है, जो पंजाब को दिवालियेपन की कगार पर ले जा सकता है।
‘बहुत कम, बहुत देर से’: महिलाओं के 1000 रुपये पर वड़िंग का तंज
बजट में महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने के ऐलान पर वड़िंग ने कहा कि यह न केवल बहुत कम है, बल्कि बहुत देर से किया गया ऐलान भी है। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान AAP ने राज्य की हर महिला को 1000 रुपये मासिक नकद सहायता देने का वादा किया था और इसी वादे की बदौलत पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की थी।
वड़िंग ने सीधा सवाल दागा कि अगर सरकार अपने वादे को लेकर सच में गंभीर होती, तो चार साल के बकाया समेत भुगतान का ऐलान करती, जो हर महिला के हिसाब से 48,000 रुपये बनता है।
‘पोस्ट-डेटेड चेक’: शुरुआत की तारीख तक नहीं बताई
वड़िंग ने कहा कि चार साल तक यह राशि नहीं दी गई और अब जब ऐलान हुआ है, तो यह भी नहीं बताया गया कि महिलाओं को यह पैसा किस तारीख से मिलना शुरू होगा। उन्होंने इस ऐलान की तुलना एक पोस्ट-डेटेड चेक से करते हुए कहा कि इसके नकद होने की कोई गारंटी नहीं है, क्योंकि AAP सरकार के कार्यकाल के अब गिने-चुने दिन ही बचे हैं।
उन्होंने आशंका जताई कि यह ऐलान भी 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना जैसा ही अंजाम भुगतेगा, जो केवल पंजीकरण और पहचान की प्रक्रियाओं में ही उलझकर रह गई है।
कर्ज का बोझ: बजट 2.60 लाख करोड़, कर्ज 4.17 लाख करोड़
वड़िंग ने पंजाब की वित्तीय स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि जहाँ इस बार बजट का कुल आकार 2.60 लाख करोड़ रुपये है, वहीं राज्य का कुल कर्ज बढ़कर 4.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। यह कर्ज बजट के कुल आकार का लगभग 160 प्रतिशत बनता है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बजट में यह भी नहीं बताया गया कि इस गंभीर वित्तीय चुनौती से कैसे निपटा जाएगा, जो आने वाले समय में पंजाब को दिवालियेपन की ओर धकेल सकती है।
विज्ञापनबाजी पर खर्च होगा पैसा या महिलाओं तक पहुँचेगा?
वड़िंग ने यह चिंता भी जताई कि कहीं AAP सरकार महिलाओं को पैसा देने के बजाय इस ऐलान की विज्ञापनबाजी पर ही ज़्यादा पैसा न खर्च कर दे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब की महिलाएं आखिरी वक्त में दिए जा रहे इस मामूली भुगतान के बजाय अपने हक के बकाया सहित पूरी राशि की हकदार हैं।
यह बयान उस वक्त आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं और AAP सरकार पर अपने चुनावी वादे पूरे न करने के आरोप लगातार तेज़ होते जा रहे हैं।
क्या है पूरी पृष्ठभूमि
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP ने महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने का वादा किया था। इसी वादे समेत कई अन्य लोकलुभावन घोषणाओं के दम पर पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। लेकिन चार साल बाद भी यह वादा अधूरा रहा। अब बजट के आखिरी साल में इसका ऐलान होने पर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- वड़िंग ने AAP के बजट को ‘चार साल के झूठों का अंतिम अध्याय’ बताया।
- महिलाओं को 1000 रुपये का ऐलान ‘पोस्ट-डेटेड चेक’ करार, शुरुआत की तारीख तक नहीं बताई।
- राज्य का कर्ज 4.17 लाख करोड़, जो कुल बजट 2.60 लाख करोड़ का 160% है।
- 4 साल का बकाया मिलाकर हर महिला की 48,000 रुपये की हक़दार: वड़िंग।
- स्वास्थ्य बीमा योजना की तरह यह ऐलान भी अधूरा रह सकता है: कांग्रेस।








