Punjab Assembly Session के स्पेशल सत्र का आखिरी दिन 27 अक्टूबर को इतना हंगामेदार रहा कि सदन की गरिमा ताक पर रखकर विधायक एक-दूसरे से भिड़ गए। चंडीगढ़ स्थित पंजाब विधानसभा में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के विधायकों के बीच पोडियम पर ही धक्का-मुक्की की नौबत आ गई, जिसने पूरे राज्य के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
🔍 यह भी पढ़ें- Punjab Assembly Session में सिर्फ 9 मिनट चली कार्यवाही, वजह जान हैरान रह जाएंगे आप
सदन के बाहर बोतल, अंदर गाली-गलौज: पूरा माजरा
देखा जाए तो हंगामे की शुरुआत सदन के बाहर से ही हो चुकी थी। रवनीत सिंह बिट्टू हाथ में बोतल लिए विधानसभा परिसर में पहुंचे और सीधे सरकार व मुख्यमंत्री भगवंत मान पर हमला बोला। उनका इशारा साफ था: सरकार जनता के मुद्दों पर चुप है। दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक गले में काला कपड़ा डालकर सदन पहुंचे, जो अपने आप में एक विरोध का प्रतीक था।
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी।
जब प्रताप सिंह बाजवा और अन्य कांग्रेस विधायक सदन में प्रवेश करने लगे तो उन्हें रोक दिया गया, कम से कम बाजवा का यही दावा है। इस बात ने उन्हें इतना गुस्सा दिलाया कि उन्होंने नारेबाजी करते हुए विधानसभा का बायकॉट कर दिया। हालांकि स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने तुरंत मामले को संभालने की कोशिश की। उन्होंने विधानसभा सचिव को जांच के निर्देश दिए और बसपा विधायक नछत्तर पाल से सीधे पूछा कि क्या उन्हें भी रोका गया? नछत्तर पाल ने साफ कहा कि वह समय के पाबंद हैं और उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। इसके बाद स्पीकर ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी सदस्य को सदन में आने से नहीं रोका जाएगा, बशर्ते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न हो।
पोडियम पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर घमासान
समझने वाली बात यह है कि असली टकराव तब हुआ जब पोडियम पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर दोनों पक्षों के विधायक आमने-सामने आ गए। AAP विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने सीधे चेतावनी दी: “बाहर जाकर जो करना है करो, यहां बाजवा की गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे।” यह बयान इतना तीखा था कि माहौल और गरमा गया। बाजवा ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें धक्के तक मारे गए।
दिलचस्प बात यह है कि इसी बीच कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा और AAP विधायक सरबजीत कौर माणुके के बीच जो बहस छिड़ी, उसने तो सारी हदें ही पार कर दीं। खैहरा ने माणुके को “एनआरआई की कोठी पर कब्जा करने वाली मंत्री” कहकर नारेबाजी शुरू कर दी। माणुके ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिल चुकी है और अब वह खैहरा के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करेंगी। माणुके ने यहां तक कह दिया कि खैहरा को महिलाओं की इज्जत करना सीखना चाहिए।
मिड-डे मील से लेकर पानी के प्रस्ताव तक: सदन में और क्या हुआ
हंगामे के बीच भी कुछ जमीनी मुद्दे उठे, जो आम आदमी की जेब और पेट से जुड़े थे। AAP विधायक कुलवंत सिंह ने सदन में मिड-डे मील का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नर्सरी और एलकेजी के बच्चों को खाना नहीं मिल रहा। जब लंच का समय आता है तो दो क्लास के बच्चे खाली पेट बैठे रहते हैं और बाकी खाते हैं। यह सुनकर किसी भी अभिभावक का दिल बैठ जाएगा। मंत्री ने जवाब में कहा कि भारत सरकार ने प्री-प्राइमरी वन और टू के नियम बदल दिए हैं, जिससे दिक्कत आ रही है, लेकिन कोशिश जारी है।
इसके अलावा सदन में कुल 5 सरकारी प्रस्ताव भी पेश किए गए, जो पंजाब के भविष्य के लिए बेहद अहम हैं:
| प्रस्ताव क्रमांक | विषय |
|---|---|
| 1 | यमुना के पानी में पंजाब का हिस्सा |
| 2 | तीन हेडवर्क्स का नियंत्रण |
| 3 | डैम सेफ्टी एक्ट रद्द करना |
| 4 | राजस्थान से पानी की कीमत वसूलना |
| 5 | पाकिस्तान की ओर बहने वाले पानी का मुद्दा |
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पानी का मुद्दा पंजाब की राजनीति में हमेशा से बारूद की तरह रहा है, और इस बार भी इसे सदन में जोर-शोर से उठाया गया।
CM मान के OSD ने मजीठिया को भेजा कानूनी नोटिस: 24 घंटे की चेतावनी
राजनीतिक हंगामे के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई। मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को कानूनी नोटिस भेज दिया है। मजीठिया ने 26 अक्टूबर को अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें घुम्मन को कथित ड्रग्स नेटवर्क और नशा मुक्ति केंद्रों से जोड़ा गया था।
घुम्मन ने इस पोस्ट को निराधार, झूठा और मानहानिकारक बताते हुए 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की है। चेतावनी साफ है: माफी नहीं तो आपराधिक कार्रवाई और हर्जाने का मुकदमा। यह मामला इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि सीबीआई पहले ही 5 अक्टूबर को भ्रष्टाचार के आरोपों में घुम्मन सहित कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट ने घुम्मन की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी है।
पाकिस्तान से CM मान को आया दिलचस्प निमंत्रण
और अब एक ऐसी खबर, जो सुनकर आप थोड़ा हैरान जरूर होंगे। पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने वीडियो संदेश के जरिए भगवंत मान को पाकिस्तान आने का औपचारिक निमंत्रण दे दिया है। उन्होंने कहा: “सरदार भगवंत सिंह मान, हम आपको सलाम करते हैं। आकर देखिए पाकिस्तान कितना खूबसूरत है।”
यह निमंत्रण 27 से 29 नवंबर तक लाहौर में होने वाले चौथे अंतरराष्ट्रीय पंजाबी सम्मेलन के लिए है। मान ने खुद सदन में कहा था कि वह पाकिस्तान जाना चाहते हैं, लेकिन केंद्र सरकार उन्हें फ्रांस या जापान तक जाने की अनुमति नहीं देती, तो पाकिस्तान की उम्मीद कैसे करें? यह तंज केंद्र की भाजपा सरकार पर सीधा वार था।
एक आंकड़ा जो रूह कंपा देता है: बंटवारे से पहले पाकिस्तान वाले हिस्से में सिखों की आबादी करीब 20 लाख थी। आज यह घटकर सिर्फ 15,998 रह गई है।
2027 चुनाव की दस्तक: Election Commission की टीम पंजाब पहुंची
राहत की बात यह है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनी रफ्तार से चल रही है। Election Commission of India की 10 सदस्यीय टीम 27-28 अक्टूबर को पंजाब पहुंच चुकी है। यह टीम मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंदिता मिश्रा और राज्य के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर रही है।
अगर गौर करें तो 2022 के ट्रेंड से एक दिलचस्प पैटर्न निकलता है। तब चुनाव आयोग की टीम 15-16 दिसंबर 2021 को आई थी और ठीक 24 दिन बाद 8 जनवरी 2022 को चुनाव की घोषणा हो गई थी। इस बार भी कयास लगाए जा रहे हैं कि 15 दिसंबर के बाद चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है और फरवरी में वोटिंग कराई जा सकती है।
अमित शाह 1 नवंबर को चंडीगढ़ में: 5 घंटे का दौरा, कई प्रोजेक्ट को हरी झंडी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 1 नवंबर को चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस पर शिरकत करेंगे। सुबह 7 बजे से दोपहर 11:45 बजे तक करीब 5 घंटे के इस दौरे में सेक्टर-17 के तिरंगा पार्क में भव्य परेड की सलामी लेंगे। कार्यक्रम की सजावट पर करीब 14.60 लाख रुपए खर्च होंगे।
सवाल उठता है कि क्या इस दौरे में सारंगपुर मॉडर्न ट्रेनिंग सेंटर और नए पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी? इसके अलावा सेक्टर-26 हाईलेवल पुल और पुनर्वास कॉलोनियों के मालिकाना हक जैसे मुद्दों पर भी बड़ी घोषणा हो सकती है।
पंजाब की राजनीति का बड़ा सच
पंजाब की राजनीति आज जिस मोड़ पर खड़ी है, वह किसी भी लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। एक तरफ सदन में विधायक धक्का-मुक्की पर उतर आए हैं, दूसरी तरफ CBI-ED की जांच, पाकिस्तान से निमंत्रण और चुनाव आयोग की दस्तक जैसे मुद्दे एक साथ उबल रहे हैं। यह दर्शाता है कि 2027 के चुनाव से पहले पंजाब में राजनीतिक तापमान तेजी से चढ़ने वाला है। आम आदमी के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन सियासी लड़ाइयों के बीच उसके बच्चों का मिड-डे मील, उसका पानी और उसकी सुरक्षा का क्या होगा? यही वो असली मुद्दे हैं जिन पर शोर कम और काम ज्यादा होना चाहिए।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Assembly Session के आखिरी दिन AAP-कांग्रेस विधायक पोडियम पर भिड़े, बाजवा ने धक्के मारने का आरोप लगाया।
- CM मान के OSD घुम्मन ने मजीठिया को 24 घंटे में माफी मांगने का कानूनी नोटिस भेजा, CBI जांच पहले से जारी।
- पाकिस्तान के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने CM मान को लाहौर सम्मेलन का औपचारिक निमंत्रण दिया।
- Election Commission की 10 सदस्यीय टीम पंजाब पहुंची, 2027 चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द संभव।
- अमित शाह 1 नवंबर को चंडीगढ़ पुलिस के 60वें स्थापना दिवस पर आएंगे, कई प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सकती है।













