Punjab Assembly का बजट सत्र बुधवार को जबरदस्त हंगामे की भेंट चढ़ गया। पंजाब विधानसभा में वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा और कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के बीच ऐसी तीखी भिड़ंत हुई कि पूरा सदन गरमा गया। चीमा इस कदर गुस्से में आ गए कि उन्होंने छाती ठोककर खैहरा को खुला चैलेंज दे डाला। पंजाबी में चीमा ने कहा: “ऐह बदमाशी करदा, जित्थे मर्जी आ जा, तेरे वरगे बंदिया दी बदमाशी कइयां दी कड्डी आ।” इस दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक “शेम-शेम” के नारे लगाते रहे और सदन का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।
Punjab Assembly के बजट सत्र के पांचवें दिन यह टकराव किसी एक्शन फिल्म के सीन से कम नहीं था। एक तरफ वित्तमंत्री छाती ठोककर चुनौती दे रहे थे, दूसरी तरफ विपक्षी विधायक अपनी जगह से हिलने को तैयार नहीं थे।
खैहरा के बैठने के अंदाज से भड़के AAP विधायक
Punjab Assembly में यह हंगामा दरअसल खैहरा के सदन में बैठने के अंदाज से शुरू हुआ। AAP विधायकों ने आपत्ति जताई कि खैहरा पैर पर पैर रखकर बैठे हुए हैं, जो सदन की गरिमा के खिलाफ है। AAP विधायकों ने तो खैहरा को सदन से बर्खास्त करने तक की मांग कर डाली। इस पर स्पीकर ने खैहरा को सही ढंग से बैठने की चेतावनी दी।
लेकिन असली बारूद तो उसके बाद फूटा। प्रश्नकाल खत्म होते ही खैहरा को लेकर सदन में जो हंगामा मचा, उसने Punjab Assembly के इतिहास में एक और विवादित अध्याय जोड़ दिया।
चीमा बोले: माताओं-बहनों की कोख तक जाने की बात करता है यह व्यक्ति
वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने सदन में खड़े होकर खैहरा पर जमकर निशाना साधा। चीमा ने कहा: “यह व्यक्ति हमारी माताओं-बहनों की कोख तक जाने की बात करता है। कल किसी लग्जरी गाड़ी में बैठा होगा, क्योंकि ये लोग चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। बंदा बनकर एक मिनट सुन लो।”
इस पर चीमा और खैहरा के बीच बहस इतनी तेज हो गई कि दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। चीमा ने स्पीकर से कुछ कहा और उसके बाद AAP के तमाम विधायक अपनी सीटों से खड़े हो गए। Punjab Assembly में ऐसा दृश्य बहुत कम देखने को मिलता है जब एक वित्तमंत्री इस कदर आक्रामक हो जाए।
चीमा ने गरजते हुए कहा: “यह पंजाब विधानसभा में बदतमीजी करता है और हमारी औरतों के बारे में गलत बोलता है। जहां मर्जी आ जा, बाहर आ जा। तेरे जैसे कई बदमाशों की बदमाशी निकाली है।”
अंबेडकर का हवाला देकर चीमा ने साधा निशाना
Punjab Assembly में अपने भाषण को और धार देते हुए वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने बाबा साहिब अंबेडकर का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि संविधान बाबा साहिब अंबेडकर ने बनाया है और उसी संविधान के तहत अरुणा चौधरी विधायक और मंत्री बनीं।
चीमा ने कहा: “माफ करना, आपका भी कोई दादा या परदादा मजदूरी करता होगा। यह सुखपाल खैहरा हमारी मजदूरी पर भी टिप्पणी करता है और हमें बंधुआ मजदूर कहता है।”
इसके बाद चीमा ने भावुक होकर कहा कि उन्हें गर्व है कि वे मजदूर के घर पैदा हुए हैं। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे 5 बार बजट पेश कर चुके हैं और लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।
खैहरा पर लगाए चोरी और नकल के आरोप
वित्तमंत्री चीमा यहीं नहीं रुके। उन्होंने Punjab Assembly में खैहरा पर एक के बाद एक आरोप दागे। चीमा ने कहा: “मैं सोशल मीडिया पर पढ़ रहा था कि कहीं लिखा था तेल चोरी की, कहीं तिरपाल चोरी करते पकड़े गए और कहीं 12वीं की डिग्री छिपाते पकड़े गए। अगर मन में चोर हो, तभी चीजें छिपाई जाती हैं।”
चीमा ने चुनौती देते हुए कहा: “हमारी डिग्री कहीं भी चेक करवा लो। तेरी तरह नहीं कि किसी और को अपनी जगह बैठाकर पेपर पास कर लिया हो। जहां भी इसे पब्लिक प्लेटफॉर्म मिलता है, वहां गलत बोलता है।”
और अपनी बात का अंत करते हुए चीमा ने तंज कसा: “पैसे मैं दे दूंगा, इसका इलाज करवा लो।” Punjab Assembly में चीमा की इस टिप्पणी पर AAP विधायकों ने जमकर मेजें थपथपाईं।
AAP की महिला विधायकों का विधानसभा के बाहर प्रदर्शन
Punjab Assembly के अंदर हंगामे के साथ-साथ बाहर भी विरोध प्रदर्शन चला। AAP की महिला विधायकों ने विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह विरोध खैहरा द्वारा महिलाओं के बारे में की गई टिप्पणी को लेकर था।
क्या था पूरा विवाद: खैहरा की सोशल मीडिया पोस्ट
दरअसल Punjab Assembly में यह सारा बवाल सुखपाल खैहरा की एक सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था। खैहरा ने AAP सरकार की महिलाओं को एक हजार रुपए देने की स्कीम को लेकर सोशल मीडिया पर तंज कसा था। उनके फेसबुक अकाउंट पर लिखा गया था: “एक हजार रुपए के लिए गिद्दा डालने वाली बीबीयां सूरमे कहां से पैदा करेंगी।”
इस पोस्ट को लेकर Punjab Assembly में खैहरा के खिलाफ एक दिन पहले ही निंदा प्रस्ताव पास हो चुका था। हालांकि खैहरा का कहना था कि ये बात उन्होंने नहीं बल्कि एक यूट्यूबर ने कही थी, जिसका उन्होंने सिर्फ उदाहरण दिया था। बुधवार को खैहरा इसी निंदा प्रस्ताव को लेकर सदन में पहुंचे थे, लेकिन माहौल उनके खिलाफ और भी ज्यादा गर्म हो गया।
हिमाचल प्रदेश के वाहन टैक्स पर भी गरमाई बहस
Punjab Assembly के प्रश्नकाल में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पंजाब के वाहनों पर टैक्स बढ़ाने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि अफसोस की बात है कि हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है और उसने पंजाबियों पर वाहन टैक्स 70 रुपए से बढ़ाकर 170 रुपए कर दिया है।
चीमा ने कहा कि हिमाचल की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है और वहां की सरकार दिवालिया होने के करीब पहुंच गई है। कई स्कीमें वहां बंद हो गई हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय निकाय मंत्री अपने नियमों का अध्ययन कर हिमाचल के वाहनों पर भी जवाबी टैक्स लगाने पर विचार कर सकते हैं।
चीमा ने यह भी कहा कि जीरकपुर से लेकर पठानकोट तक का क्षेत्र हिमाचल से लगता है। हमारे कई मंत्रियों और विधायकों के विवाह भी हिमाचल में हुए हैं और उन्हें भी 170 रुपए देने पड़ते हैं।
विधायक दिनेश चड्ढा ने सवाल उठाया कि जिस तरह हिमाचल ने टैक्स लगाया है, क्या पंजाब भी ऐसा नहीं कर सकता। इस पर वित्तमंत्री ने कहा कि हिमाचल को विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ है, वह पहाड़ी राज्य है इसलिए वहां अलग नियम बनाए जा सकते हैं। स्पीकर ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि आप राज्य के मंत्री हैं, गांव का सरपंच भी गांव में आने वालों पर टैक्स लगा सकता है। इस पर मंत्री ने कहा कि टोल PWD विभाग के अधीन आता है और सभी विभागों के अधिकारियों को बुलाकर इस मामले को देखा जाएगा।
गैस सिलेंडर संकट: इजराइल-ईरान जंग का दिखने लगा असर
Punjab Assembly में बजट सत्र के दौरान गैस सिलेंडरों की सप्लाई का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया गया। मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब दिखने लगा है। गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है और कमर्शियल गैस की सप्लाई में कटौती शुरू हो गई है।
कटारूचक ने चेतावनी दी कि पंजाब में गेहूं का सीजन शुरू होने वाला है, जिससे आगे और बड़ा संकट पैदा हो सकता है। गोदामों में पहले से ही जगह की कमी है क्योंकि चावल का उठान धीमा चल रहा है। गेहूं की पैकिंग के लिए जूट के बैग बांग्लादेश से आते हैं, लेकिन इस बार जरूरत के मुकाबले केवल तीन लाख बैग ही मिले हैं। इसलिए दो लाख प्लास्टिक बैग की व्यवस्था करने को कहा गया है।
गैस के दाम भी बढ़ाए गए हैं, जिसका असर रेस्टोरेंट समेत कई क्षेत्रों की सप्लाई पर पड़ सकता है। कटारूचक ने बताया कि चेन्नई और मुंबई में पहले ही दिक्कतें सामने आने लगी हैं। इसके खिलाफ उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर निंदा प्रस्ताव पेश किया, जिस पर कल वोटिंग होगी। शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
चीमा बोले: देश की विदेश नीति हो चुकी है फेल
Punjab Assembly में वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की विदेश नीति पूरी तरह फेल हो चुकी है। चीमा ने कहा कि जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव हुआ तो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लड़ाई बंद हो रही है और उसके बाद इसकी घोषणा भी हो गई।
चीमा ने गंभीर जानकारी देते हुए बताया कि भारत की कंपनियों के पास तेल और गैस का स्टॉक केवल करीब 20 दिन का ही बचा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत बहस होनी चाहिए, क्योंकि इससे देश में बड़ा आर्थिक संकट पैदा हो सकता है। इस पर स्पीकर ने भी गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक संकट नहीं, बल्कि रोटी का संकट भी बन सकता है।
बीजेपी के खिलाफ हुई नारेबाजी: शादी सीजन में गैस संकट की चिंता
AAP विधायक शैरी कलसी ने Punjab Assembly में कहा कि आज लोगों को सच्चाई बताने की जरूरत है। उन्हें अभी तक तीन-चार लोगों के फोन आ चुके हैं। कई लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि शादियों में आने वाले मेहमानों को कैसे संभालेंगे। कलसी ने आरोप लगाया कि गैस संकट के मुद्दे पर बीजेपी सरकार चुप बैठी है। इस दौरान सदन में बीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
यह मुद्दा आम लोगों के लिए इसलिए भी गंभीर है क्योंकि शादी का सीजन चल रहा है और गैस की कमी से टेंट हाउस, कैटरिंग और होटल कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो सकते हैं।
अकाली दल पर भी कसा तंज: डायनासोर पर चढ़े फिर रहे
Punjab Assembly में AAP विधायक अमृतपाल सुखानंद ने खैहरा और विपक्ष दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खैहरा जो बातें कर रहे हैं, वह उनकी फ्रस्ट्रेशन दिखाती है। सुखानंद ने कहा कि महिलाओं को दिए जा रहे एक हजार रुपए उनके सशक्तिकरण की दिशा में एक कदम है और यह महिलाओं पर निर्भर करता है कि वे इस पैसे को कैसे खर्च करती हैं।
सुखानंद ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उनका नेता सबको बैठाकर कहता है कि सुधर जाओ नहीं तो रिजर्व में बैठा दूंगा। वहीं शिरोमणि अकाली दल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिसे अकाली पुरख की फौज कहा जाता था और जो कभी घोड़ों पर चलती थी, आज वह डायनासोर पर चढ़े फिरते नजर आते हैं।
अकाली विधायक ने उठाया ग्राउंड उखाड़ने का मुद्दा
शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत अयाली ने Punjab Assembly में एक अलग मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नए ग्राउंड बनाना अच्छी बात है, लेकिन पहले से बनाए गए ग्राउंडों को उखाड़ा जा रहा है, जो ठीक नहीं है। इससे पैसों की बर्बादी हो रही है।
अयाली ने कहा कि इस तरह के कामों में चुने हुए जनप्रतिनिधियों से भी राय ली जानी चाहिए। भले ही आज उनकी पार्टी सरकार में नहीं है, फिर भी वे अपने क्षेत्र के काम करवाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई जगह ऐसे लोगों के नाम के पत्थर लगाए जा रहे हैं, जिनके पास कोई आधिकारिक पद नहीं है।
पहली बार किसानों को मिला तुरंत मुआवजा: धालीवाल
AAP विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने Punjab Assembly में सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि बाढ़ पीड़ितों की जिस तरह मदद की गई और उन्हें मुआवजा दिया गया, वह अभूतपूर्व है।
धालीवाल ने बताया कि जब वे किसानों को चेक बांट रहे थे, तो एक किसान ने बताया कि उन्हें 2019 की बाढ़ का मुआवजा भी अब तक नहीं मिला था। पहले की सरकारों में लोगों को समय पर मुआवजा नहीं मिलता था। धालीवाल ने वित्तमंत्री से अपील भी की कि बाढ़ में बह गए किसानों के सोलर सिस्टम के लिए भी मुआवजा दिया जाए।
AAP विधायक भराज: देश की सबसे कम संपत्ति वाली जनप्रतिनिधि
Punjab Assembly की चर्चा में AAP विधायक नरेंद्र कौर भराज का नाम भी सामने आया। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार संपत्ति के मामले में वह पूरे देश के विधायकों और सांसदों में आखिरी स्थान पर हैं, यानी सबसे कम संपत्ति उनके पास है। यह बात Punjab Assembly में AAP की राजनीतिक छवि को मजबूत करने के लिए उठाई गई।
पंजाब की सियासत में इस टकराव के क्या होंगे मायने?
Punjab Assembly में हरपाल चीमा और सुखपाल खैहरा के बीच हुई यह टक्कर सिर्फ दो नेताओं का आपसी विवाद नहीं है। यह दरअसल पंजाब की बदलती राजनीतिक तस्वीर का आईना है। AAP सरकार अपने बजट सत्र में विपक्ष को किसी भी कीमत पर हावी नहीं होने देना चाहती। वहीं खैहरा जैसे विधायक लगातार सरकार की योजनाओं पर सवाल उठाकर AAP को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
महिलाओं को एक हजार रुपए देने की स्कीम पर खैहरा की टिप्पणी ने AAP को एक ऐसा मुद्दा दे दिया जिसे लेकर वह खैहरा को चारों तरफ से घेर सके। वित्तमंत्री चीमा ने इस मौके का पूरा राजनीतिक फायदा उठाया और अपनी मजदूर पृष्ठभूमि को हथियार बनाकर खैहरा की “अमीर” छवि पर हमला बोला।
वहीं गैस संकट का मुद्दा आम लोगों के लिए कहीं ज्यादा गंभीर है। अगर सचमुच तेल और गैस का स्टॉक 20 दिन का ही बचा है, तो यह पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। Punjab Assembly में इस मुद्दे पर हुई बहस से साफ है कि राज्य सरकारें केंद्र पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab Assembly में वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा को छाती ठोककर बाहर आने की खुली चुनौती दी और कहा कि कईयों की बदमाशी निकाली है।
- खैहरा द्वारा महिलाओं को एक हजार रुपए की स्कीम पर की गई सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सदन में निंदा प्रस्ताव पास हुआ और AAP महिला विधायकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया।
- गैस सिलेंडर संकट पर मंत्री कटारूचक ने बताया कि भारत के पास तेल-गैस का स्टॉक केवल 20 दिन का बचा है और केंद्र सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया गया।
- हिमाचल प्रदेश द्वारा पंजाबी वाहनों पर टैक्स 70 से बढ़ाकर 170 रुपए करने पर Punjab Assembly में जवाबी टैक्स लगाने की मांग उठी।








