पुणे। ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती दिख रही हैं। पूजा पर कई तरह के झूठ बोलकर सिविल सेवा परीक्षा में आईएएस की नौकरी हासिल करने का आरोप है। इस बीच पुलिस ने सुबह-सुबह पूजा खेडकर के वाशिम जिले के आवास पर दस्तक दी और करीब डेढ़ घंटे तक वहां छानबीन और पूछताछ करती रही।
पूजा खेडकर पुणे से ट्रांसफर के बाद इस समय वाशिम जिले में ही पोस्टेड हैं। जानकारी के मुताबिक, सुबह-सुबह पुलिस की गाड़ी में छह पुलिसकर्मी उनके घर पर पहुंचे। इस टीम में तीन महिला पुलिसकर्मी भी थीं। जानकारी के मुताबिक, वाशिम पुलिस के साथ पुणे पुलिस की टीम भी वहां दिखी।
पूजा खेडकर के कमरे में करीब सवा घंटे तक तीन महिला पुलिस मौजूद रहीं। ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर से मिलने के बाद वाशिम महिला पुलिस की टीम उनके आवास से रवाना हो गई। हालांकि उन्होंने इतनी देर तक पूजा खेडकर से क्या पूछताछ की। यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। बस इतना पता है कि पूजा ने वाशिम कलेक्टर बुवनेस्वरी एस। से इजाजत लेकर पुलिस को कुछ जानकारी साझा करने के लिए बुलाया था।
पूजा खेडकर इससे पहले सोमवार को मीडिया के सामने आईं और अपने ऊपर लग रहे आरोपों पर बात की। उन्होंने कहा कि वह उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर रही केंद्रीय समिति के समक्ष अपना पक्ष रखेंगी और सत्य की जीत होगी।
लगातार तूल पकड़ रहा पूजा खेडकर का मामला
दरअसल आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर का मामला इन दिनों तूल पकड़ा हुआ है। उनके पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसको लेकर उनपर आरोप लगा है कि खेडकर ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग किया है। इसे लेकर पूजा खेडकर से सवाल किया गया तो उन्होंने एक बार फिर मीडिया को पुराना जवाब देकर अपने मामले पर बात करने से परहेज किया।
पूजा खेडकर ने खुद को बताया मीडिया ट्रायल का शिकार
उन्होंने कहा, ‘मैं मीडिया को कोई जवाब नहीं दूंगी, कुछ नहीं बोलूंगी और मैं इसके लिए बाध्य नहीं हूं। मैं इस संबंध में नियुक्त समिति के समक्ष अपना पक्ष रखूंगी। मुझे लगता है कि समिति जो भी निर्णय लेगी, वह सभी को स्वीकार्य होना चाहिए।’
खेडकर ने वाशिम में पत्रकारों से कहा, ‘जब भी समिति का फैसला आएगा, वह सार्वजनिक होगा। लेकिन, अभी मुझे चल रही जांच के बारे में आपको बताने का कोई अधिकार नहीं है।’ यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, खेडकर ने कहा, ‘हर कोई जानता है कि क्या चल रहा है।’ उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान इस तथ्य पर आधारित है कि जब तक आप दोषी साबित नहीं हो जाते, तब तक आप निर्दोष हैं।
बता दें कि वाशिम जिले की विवादित आईएएस-प्रोबेशनर ऑफिसर पूजा खेडकर की मां का भी एक विवादित वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह कथित तौर पर पुणे के किसान को पिस्तौल का डर दिखाकर जमीन बेचने के लिए मजबूर करने की कोशिश करती दिख रही हैं। यह घटना करीब दो महीने पुरानी बताई जा रही है, लेकिन इसका वीडियो अब सामने आया है।
पूजा की मां पर भी केस दर्ज
वीडियो में पूजा की मां मनोरमा डी। खेडकर को पिस्तौल दिखाकर एक किसान को धमकाते देखा जा सकता है। बाद में इलाके के पीड़ित किसानों ने दावा किया कि वे इस घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज कराने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया। अब उन्होंने घटना की गहन जांच की मांग की है।
उनकी संपत्ति के रिकॉर्ड के अनुसार, खेडकर परिवार के पास पुणे में 25 एकड़ से अधिक जमीन है। उन्होंने किसानों को अपनी जमीन बेचने के लिए मजबूर कर वहां अपनी जमीन बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन ज्यादातर ने इस कोशिश का विरोध किया।
बीते कुछ दिनों में उठे बड़े विवाद के बाद आईएएस (पीओ) पूजा खेडकर को पुणे कलेक्टरेट से वाशिम कलेक्टरेट में सहायक जिलाधीश के रूप में ट्रांसफर कर दिया गया है, जहां उन्होंने 11 जुलाई को कार्यभार संभाला।








