PM Modi on Petrol Diesel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोकसभा में मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तार से संबोधन किया। पीएम मोदी ने कहा कि मिडिल ईस्ट की जंग ने भारत के सामने आर्थिक, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय तीनों स्तरों पर अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, लेकिन बीते एक दशक में उठाए गए कदमों की वजह से आज भारत इस संकट का सामना करने की स्थिति में है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने अपने एनर्जी इंपोर्ट का डायवर्सिफिकेशन करके 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों से तेल और गैस आयात शुरू किया है, 53 लाख मेट्रिक टन से अधिक का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व तैयार किया है, और पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग के करीब पहुंचकर हर साल 4 करोड़ बैरल कम तेल आयात की जरूरत पड़ रही है।
“एनर्जी सिक्योरिटी पर 11 सालों में उठाए गए कदम आज सबसे ज्यादा प्रासंगिक”
PM Modi on Petrol Diesel विषय पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जब पूरी दुनिया स्ट्रेट ऑफ होरमुज के संकट और तेल की आसमान छूती कीमतों से जूझ रही है, तब बीते एक दशक में भारत ने जो कदम उठाए थे वो आज सबसे ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि पहले भारत की ऊर्जा जरूरतें, चाहे क्रूड ऑयल हो, एलएनजी हो या एलपीजी हो, सिर्फ 27 देशों से आयात होती थी। लेकिन आज भारत 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है। यह डायवर्सिफिकेशन इसीलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर किसी एक क्षेत्र या देश से सप्लाई बाधित हो जाए तो दूसरे स्रोतों से ऊर्जा जरूरतें पूरी की जा सकें। मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और होरमुज की नाकेबंदी के बीच यह रणनीति भारत के बहुत काम आ रही है।
53 लाख मेट्रिक टन का स्ट्रैटेजिक रिजर्व: संकट के लिए पहले से तैयारी
PM Modi on Petrol Diesel विषय पर सबसे अहम बात यह बताई कि भारत ने संकट के ऐसे ही समय के लिए कच्चे तेल के भंडारण को प्राथमिकता दी है। आज भारत के पास 53 लाख मेट्रिक टन से अधिक का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserve – SPR) मौजूद है। इसके अलावा 65 लाख मेट्रिक टन से अधिक रिजर्व की अतिरिक्त व्यवस्था पर भी काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह रिजर्व तेल कंपनियों के पास जो सामान्य रिजर्व रहता है उससे अलग है। स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व सरकार द्वारा आपातकालीन स्थितियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया भंडार है जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट, युद्ध या प्राकृतिक आपदा के दौरान देश की ऊर्जा जरूरतों को कुछ समय तक पूरा करने में सक्षम है।
आज जब होरमुज से सप्लाई अनिश्चित है और तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी हैं, तब यह रिजर्व भारत के लिए एक सुरक्षा कवच का काम कर रहा है। अगर सप्लाई कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद भी हो जाए तो भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है।
रिफाइनिंग कैपेसिटी बढ़ी, 41 देशों के सप्लायर्स से लगातार संपर्क
प्रधानमंत्री ने बताया कि बीते 11 वर्षों में भारत की रिफाइनिंग कैपेसिटी (Refining Capacity) में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत अब न सिर्फ अपनी जरूरतों के लिए कच्चे तेल को रिफाइन करता है बल्कि पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात भी करता है।
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार अलग-अलग देशों के सप्लायर्स के साथ लगातार संपर्क में है। प्रयास यह है कि जहां से भी संभव हो वहां से तेल और गैस की सप्लाई होती रहे। हाल ही में अमेरिका ने ईरानी तेल पर 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है, जिसका भारत फायदा उठाने की तैयारी कर रहा है। भारतीय रिफाइनरियां पहले से ही ईरानी तेल खरीदने के विकल्प तलाश रही हैं।
होरमुज में फंसे भारतीय जहाज सुरक्षित लाए गए: पीएम मोदी
PM Modi on Petrol Diesel विषय पर एक बहुत अहम जानकारी यह दी कि भारत सरकार गल्फ और आसपास के शिपिंग रूट्स पर निरंतर नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि तेल, गैस, फर्टिलाइजर और हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचें।
मोदी ने बताया कि भारत अपने सभी वैश्विक सहयोगियों के साथ निरंतर संवाद कर रहा है ताकि मैरिटाइम कॉरिडोर (Maritime Corridor) सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि इन्हीं प्रयासों के कारण बीते दिनों होरमुज स्ट्रेट में फंसे भारत के कई जहाज सुरक्षित भारत पहुंचे भी हैं। यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि होरमुज में ईरान की नाकेबंदी के बाद कई देशों के जहाज फंसे हुए हैं और भारत ने कूटनीतिक प्रयासों से अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने में सफलता हासिल की है।
इथेनॉल ब्लेंडिंग से 4 करोड़ बैरल कम तेल आयात: बड़ी उपलब्धि
PM Modi on Petrol Diesel विषय पर प्रधानमंत्री ने संसद में एक और बड़ी उपलब्धि बताई। उन्होंने कहा कि पिछले 10-11 साल में इथेनॉल के उत्पादन और उसकी ब्लेंडिंग पर अभूतपूर्व काम हुआ है।
मोदी ने बताया कि एक दशक पहले तक देश में सिर्फ डेढ़ प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग कैपेसिटी थी, लेकिन आज भारत पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग (E20) के करीब पहुंच रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके कारण प्रतिवर्ष करीब 4 करोड़ बैरल कम ऑयल इंपोर्ट करना पड़ रहा है।
यह आंकड़ा इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि जब तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार हैं, तब 4 करोड़ बैरल कम तेल आयात करने का मतलब है अरबों डॉलर की बचत। इथेनॉल ब्लेंडिंग न सिर्फ विदेशी मुद्रा बचाती है बल्कि भारतीय किसानों को भी फायदा पहुंचाती है क्योंकि इथेनॉल गन्ने और मक्के से बनाया जाता है।
रेलवे बिजलीकरण से बचे 180 करोड़ लीटर डीजल, मेट्रो नेटवर्क 4 गुना बढ़ा
प्रधानमंत्री ने संसद में बताया कि ऊर्जा बचत के लिए कई और बड़े कदम उठाए गए हैं। भारतीय रेलवे के बिजलीकरण (Railway Electrification) से बहुत बड़ा फायदा हो रहा है। मोदी ने कहा कि अगर रेलवे का इतना बिजलीकरण नहीं होता तो हर साल करीब 180 करोड़ लीटर अतिरिक्त डीजल की जरूरत पड़ती। यह बचत आज के संकट में बेहद काम आ रही है।
मेट्रो नेटवर्क के विस्तार पर भी पीएम ने गर्व से बताया कि 2014 में भारत में मेट्रो नेटवर्क 250 किलोमीटर से भी कम था, जो आज बढ़कर करीब 1,100 किलोमीटर हो गया है। मेट्रो बिजली से चलती है, जिससे डीजल-पेट्रोल पर निर्भरता कम होती है।
इसके अलावा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Electric Mobility) पर भी जोर दिया गया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को 15,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए दी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जिस स्केल पर वैकल्पिक ईंधन (Alternative Fuel) पर काम हो रहा है, उससे भारत का भविष्य और सुरक्षित होगा।
इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप हर रोज करता है समीक्षा
PM Modi on Petrol Diesel विषय पर प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट संकट से निपटने के लिए एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप (Inter-Ministerial Group) भी बनाया है। यह ग्रुप हर रोज मिलता है और भारत के इंपोर्ट-एक्सपोर्ट में आने वाली हर दिक्कत का आकलन करता है तथा आवश्यक समाधान पर निरंतर काम करता है।
मोदी ने कहा कि सरकार हर सेक्टर के स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा कर रही है और जहां भी जरूरत है उस सेक्टर को आवश्यक सपोर्ट दिया जा रहा है। सरकार इसके शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म, तीनों स्तरों पर रणनीति बनाकर काम कर रही है।
आम आदमी के लिए क्या मायने रखता है यह संबोधन
PM Modi on Petrol Diesel विषय पर प्रधानमंत्री का यह संबोधन आम आदमी के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मिडिल ईस्ट के युद्ध ने तेल की कीमतें लगभग दोगुनी कर दी हैं और एलपीजी गैस संकट भी गहरा हो रहा है। ऐसे में सरकार ने जो कदम उठाए हैं, चाहे वो स्ट्रैटेजिक रिजर्व हो, डायवर्सिफिकेशन हो, इथेनॉल ब्लेंडिंग हो या रेलवे बिजलीकरण, इन सबका सीधा फायदा यह है कि भारत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कीमतें उतनी तेजी से नहीं बढ़ी जितनी अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी हैं।
हालांकि, चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। अगर होरमुज का संकट लंबा खिंचता है तो भारत को अपने रिजर्व पर ज्यादा निर्भर होना पड़ेगा। ईरान से तेल की 30 दिनों की छूट भी अस्थायी है। फर्टिलाइजर की कमी खरीफ सीजन पर असर डाल सकती है। लेकिन प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार और इंडस्ट्री के साझा प्रयासों से भारत इन परिस्थितियों का बेहतर तरीके से सामना करेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- PM Modi ने लोकसभा में बताया कि भारत ने एनर्जी इंपोर्ट का डायवर्सिफिकेशन करके 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों से तेल-गैस आयात शुरू किया, 53 लाख मेट्रिक टन का स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व तैयार है और 65 लाख मेट्रिक टन के अतिरिक्त रिजर्व पर काम जारी है।
- इथेनॉल ब्लेंडिंग 1.5% से बढ़कर 20% के करीब पहुंची जिससे हर साल 4 करोड़ बैरल कम तेल आयात करना पड़ रहा है। रेलवे बिजलीकरण से 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत और मेट्रो नेटवर्क 250 किमी से 1,100 किमी तक बढ़ा।
- होरमुज स्ट्रेट में फंसे भारतीय जहाज कूटनीतिक प्रयासों से सुरक्षित भारत लाए गए, सरकार गल्फ शिपिंग रूट्स पर निरंतर नजर रखे हुए है और 41 देशों के सप्लायर्स से लगातार संपर्क में है।
- एक इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप हर रोज मिलकर इंपोर्ट-एक्सपोर्ट की दिक्कतों का आकलन कर रहा है, सरकार शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म तीनों स्तरों पर रणनीति बनाकर काम कर रही है।








