PM Modi Israel Visit 2026 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार 25 फरवरी से दो दिवसीय इज़राइल यात्रा पर निकल चुके हैं। यह उनके कार्यकाल की दूसरी इज़राइल यात्रा है — इससे पहले वे जुलाई 2017 में इज़राइल गए थे, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली इज़राइल यात्रा थी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बिगड़ते संबंधों के बीच यह दौरा केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि वैश्विक कूटनीति के लिहाज़ से भी बेहद अहम माना जा रहा है।
एयरपोर्ट से संसद तक — मोदी का पूरा कार्यक्रम
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू खुद एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत करेंगे। इसके बाद पीएम मोदी इज़राइल की संसद Knesset को संबोधित करेंगे। भारतीय समयानुसार रात 8 बजे यह संबोधन होगा, जो ऐतिहासिक महत्व का होगा।
इसके अलावा इज़राइल के राष्ट्रपति इसहाक हरज़ोग से भी मुलाकात तय है। नेतन्याहू ने पीएम मोदी के सम्मान में एक निजी रात्रि भोज (Private Dinner) का भी आयोजन किया है, जिसमें दोनों नेता व्यक्तिगत स्तर पर बातचीत करेंगे। यहाँ तक कि विपक्षी नेता यायर लेपिड ने भी इस दौरे का स्वागत किया है।
रक्षा साझेदारी — Sudarshan Chakra और Iron Dome
Modi Netanyahu Meeting में सबसे अहम एजेंडा रक्षा सहयोग का होगा। भारत अपनी स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली सुदर्शन चक्र विकसित कर रहा है और इसमें इज़राइल की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली Iron Dome के कुछ तत्वों को शामिल करने की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हो सकती है।
यह साझेदारी भारत की सुरक्षा क्षमता को एक नए स्तर पर ले जाएगी। दोनों देश पहले से ही मिसाइल प्रणाली, ड्रोन तकनीक और साइबर सुरक्षा में मिलकर काम कर रहे हैं।
Hexagon Alliance — पश्चिम एशिया में नई साझेदारी
इस दौरे में एक और बड़े मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है — Hexagon Alliance। यह छह देशों का एक प्रस्तावित गठबंधन है जिसकी परिकल्पना नेतन्याहू ने की है। इसका उद्देश्य कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ पश्चिम एशिया में आर्थिक, कूटनीतिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ाना है।
India Israel Strategic Partnership के संदर्भ में भारत की इस गठबंधन में संभावित भूमिका पर बातचीत इस दौरे को और व्यापक आयाम देती है।
व्यापार, कृषि और तकनीक — आर्थिक साझेदारी की नई उड़ान
रक्षा के अलावा इस दौरे में व्यापार और निवेश पर भी ज़ोर रहेगा। भारत और इज़राइल के बीच Free Trade Agreement पर पहले से बातचीत शुरू हो चुकी है और इस दौरे में इसे और गति मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में दोनों देशों के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इनोवेशन, कृषि, जल प्रबंधन और पीपल-टू-पीपल कनेक्ट जैसे क्षेत्रों में मज़बूत आधार बना हुआ है। इस दौरे के बाद इन सभी क्षेत्रों में सहयोग और गहरा होने की पूरी संभावना है।
2017 से शुरू हुई दोस्ती, अब नए दौर में
साल 2017 में पीएम मोदी की पहली इज़राइल यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर उन्नत किया था। फिर 2018 में नेतन्याहू ने भारत का दौरा किया था। उस दोस्ती की बुनियाद पर अब 2026 में एक नई इमारत खड़ी की जा रही है।
Modi Israel 2026 Visit को विशेषज्ञ भारत की बढ़ती वैश्विक सक्रियता का प्रतीक बता रहे हैं। जब पूरी दुनिया की नज़र खाड़ी के तनाव पर है, उस वक्त भारतीय प्रधानमंत्री का इज़राइल में होना संदेश देता है कि भारत अब वैश्विक घटनाक्रम में मूकदर्शक नहीं, एक ज़िम्मेदार और सक्रिय भागीदार है।
क्या है पूरा संदर्भ
भारत और इज़राइल के बीच 1992 में पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। तब से दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक और कृषि में सहयोग लगातार बढ़ा है। भारत इज़राइल का सबसे बड़े हथियार खरीदारों में से एक है। पीएम मोदी की यह दूसरी यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं और भारत ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की एडवाइज़री जारी की है।
मुख्य बातें (Key Points)
- PM Modi 25-26 फरवरी को Israel के दो दिवसीय दौरे पर — 9 साल में दूसरी बार, पहली यात्रा जुलाई 2017 में थी।
- Knesset (Israeli Parliament) को संबोधन, Netanyahu संग द्विपक्षीय बैठक और Private Dinner तय।
- Sudarshan Chakra में Iron Dome तत्वों को शामिल करने और Hexagon Alliance पर बड़ी चर्चा संभव।
- Free Trade Agreement, रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और तकनीक में सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद।








