PM Modi Captain Samit की बातचीत शुक्रवार को चर्चा में रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट कैप्टन समित से बात करके उनकी बहादुरी और सूझ-बूझ की खुलकर सराहना की। इजराइल जा रहे जहाज में मुश्किल आई थी, तब कैप्टन समित ने अपनी जान की परवाह किए बिना 174 यात्रियों की जान बचाई।
प्रधानमंत्री ने कैप्टन से कहा कि पूरा देश उनकी सेहत के लिए प्रार्थना कर रहा है। उनके जल्दी ठीक होने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी किया जा रहा है।
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‘प्रधानमंत्री ने क्या कहा’
बातचीत में प्रधानमंत्री ने भारत के लोगों के बारे में एक बड़ी बात कही। उनके मुताबिक भारत के लोग दूसरों की जान लेने वाले नहीं हैं। वे अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की रक्षा करने वाले हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी बातचीत में कैप्टन की बहादुरी को देश की सोच से जोड़कर देखा गया। यानी यह सिर्फ एक पायलट की तारीफ नहीं, बल्कि भारतीय पहचान की बात भी थी।
‘जिंदगी और मौत के बीच हनुमान चालीसा का पाठ’
कैप्टन समित ने बताया कि जब वे जिंदगी और मौत से लड़ रहे थे, तब उस मुश्किल घड़ी में हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सब भगवान की कृपा और उनके 17 साल के उड़ान अनुभव की वजह से संभव हो सका।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि उन्होंने सफलता का श्रेय सिर्फ किस्मत को नहीं दिया। आस्था के साथ-साथ 17 साल के तजुर्बे का नाम भी लिया।
‘एक नज़र में: उस दिन की कहानी’
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| किसने बात की | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी |
| किससे | भारतीय पायलट कैप्टन समित |
| कब | शुक्रवार |
| कितनी जानें बचीं | 174 यात्रियों की |
| जहाज कहां जा रहा था | इजराइल |
| पायलट का अनुभव | 17 साल |
| पायलट ने किसका पाठ किया | हनुमान चालीसा |
‘आखिरी मौके पर खुला दरवाजा, टला बड़ा हादसा’
कैप्टन समित के मुताबिक अंतिम पलों में उनकी आंखें बंद थीं। इसके बावजूद उन्हें जहाज की स्थिति का अहसास था। इसी अहसास के सहारे वे आखिरी मौके पर दरवाजा खोलने में कामयाब हुए।
नतीजा यह हुआ कि बड़ा हादसा टल गया। यह बात दिखाती है कि लंबे अनुभव के बाद इंसान मुश्किल में भी हालात को महसूस कर लेता है।
‘देश के लिए उम्मीद की किरण’
राहत की बात यह है कि 174 परिवारों के अपने लोग सुरक्षित रहे। प्रधानमंत्री का कहना है कि पूरा देश कैप्टन की तंदुरुस्ती की दुआ कर रहा है। यानी बहादुरी के इस किस्से के साथ अब सबकी नजर कैप्टन के जल्दी ठीक होने पर है।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
इजराइल जा रहे जहाज में मुश्किल आई थी। उस वक्त कैप्टन समित ने अपनी जान की परवाह न करते हुए 174 यात्रियों की जान बचाई। इसी बहादुरी की सराहना के लिए शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे बातचीत की।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को कैप्टन समित से बात कर उनकी बहादुरी की सराहना की।
- इजराइल जा रहे जहाज में आई मुश्किल के दौरान कैप्टन ने 174 यात्रियों की जान बचाई।
- कैप्टन ने कहा कि भगवान की कृपा और 17 साल के उड़ान अनुभव से यह संभव हुआ।
- आखिरी मौके पर दरवाजा खुलने से बड़ा हादसा टल गया।













