Parliament Session को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के स्थान पर कार्यवाहक सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को शून्यकाल की कार्यवाही शुरू होने से पहले अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हफ्ते गुरुवार और शुक्रवार यानी 19 और 20 मार्च को सदन में अवकाश रहेगा। इसकी भरपाई के लिए अगले हफ्ते शनिवार और रविवार यानी 28 और 29 मार्च को संसद की बैठक होगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब देश में LPG संकट, मिडिल ईस्ट युद्ध और कई अहम विधेयकों पर संसद में गहन चर्चा जारी है।
शून्यकाल से पहले सभापति ने दी जानकारी
Parliament Session के बारे में सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले यह महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने सदन को बताया कि इस सप्ताह गुरुवार (19 मार्च) और शुक्रवार (20 मार्च) को सदन की कार्यवाही नहीं होगी और इन दो दिनों का अवकाश रहेगा।
सभापति ने स्पष्ट किया कि इन दो दिनों के अवकाश की भरपाई अगले सप्ताह शनिवार (28 मार्च) और रविवार (29 मार्च) को सदन की बैठक बुलाकर की जाएगी। आमतौर पर संसद की बैठक सोमवार से शुक्रवार तक होती है, लेकिन अहम विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा के लिए कई बार शनिवार-रविवार को भी सत्र बुलाए जाते रहे हैं।
19-20 मार्च को क्यों रहेगा अवकाश
Parliament Session में इस हफ्ते गुरुवार और शुक्रवार को अवकाश रखने का फैसला किया गया है। हालांकि सभापति ने अवकाश की विस्तृत वजह नहीं बताई, लेकिन 19 मार्च से चैत्र नवरात्र का पर्व शुरू हो रहा है और होली का त्योहार भी नजदीक है। ऐसे में त्योहारों को देखते हुए यह अवकाश दिया गया हो सकता है।
संसद के बजट सत्र में अक्सर ऐसा होता है कि त्योहारों या अन्य कारणों से कुछ दिन का अवकाश दिया जाता है और फिर उसकी भरपाई सप्ताहांत में बैठक बुलाकर की जाती है। इससे सदन का कामकाज प्रभावित नहीं होता और सभी लंबित विधेयकों और मुद्दों पर निर्धारित समय में चर्चा पूरी हो जाती है।
शनिवार-रविवार को संसद चलना क्यों अहम है
Parliament Session का शनिवार-रविवार को चलना इस बार इसलिए भी अहम है क्योंकि वर्तमान में संसद में कई गंभीर मुद्दे विचाराधीन हैं। देश में LPG संकट, मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर, होर्मुज जलडमरूमध्य संकट और पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव जैसे मुद्दों पर संसद में गहन बहस चल रही है।
ऐसे में सरकार और विपक्ष दोनों चाहते हैं कि संसद का कामकाज सुचारू रूप से चले और किसी भी दिन का नुकसान न हो। शनिवार-रविवार को बैठक बुलाने का फैसला यह दिखाता है कि सरकार बजट सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को पूरा करने के लिए गंभीर है।
बजट सत्र में पहले भी हो चुकी हैं वीकेंड बैठकें
Parliament Session में शनिवार-रविवार को बैठक होना कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई मौकों पर जब सत्र के दौरान किसी कारणवश कार्यदिवस का नुकसान हुआ है, तो उसकी भरपाई सप्ताहांत में बैठक बुलाकर की गई है। खासकर बजट सत्र में, जब वित्त विधेयक और अनुदान मांगों पर चर्चा और मतदान करना अनिवार्य होता है, तब अतिरिक्त बैठकें बुलाई जाती रही हैं।
सांसदों के लिए इसका मतलब है कि उन्हें अगले सप्ताहांत पर दिल्ली में ही रहना होगा और सदन की कार्यवाही में शामिल होना होगा। आम लोगों पर इसका सीधा असर तो नहीं पड़ता, लेकिन संसद में उनसे जुड़े मुद्दों पर ज्यादा समय तक चर्चा होने से बेहतर फैसले आने की उम्मीद रहती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोमवार को शून्यकाल से पहले बताया कि 19-20 मार्च (गुरुवार-शुक्रवार) को सदन में अवकाश रहेगा।
- अवकाश की भरपाई के लिए अगले हफ्ते 28-29 मार्च (शनिवार-रविवार) को Parliament Session की बैठक होगी।
- देश में LPG संकट, मिडिल ईस्ट युद्ध और अन्य अहम मुद्दों पर संसद में चर्चा जारी है, इसलिए कार्यदिवस का नुकसान न हो इसके लिए यह फैसला लिया गया।
- बजट सत्र में पहले भी सप्ताहांत में बैठकें बुलाई जा चुकी हैं ताकि सदन का कामकाज समय पर पूरा हो सके।








