Paramjit Kaur Khalra Demand: हरिके पट्टन में 14 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा बुलाई गई सभा से पहले, शहीद जसवंत सिंह खालड़ा की धर्मपत्नी और मानवाधिकार कार्यकर्ता बीबी परमजीत कौर खालड़ा ने बड़ी मांग उठाई है। उन्होंने जत्थेदार को अपील की है कि पंजाब में काले दौर के दौरान जबरदस्ती गायब किए गए लोगों, लावारिस लाशों और कथित झूठे पुलिस मुकाबलों की असल गिनती सामने लाने के लिए एक निष्पक्ष ‘पीपल्स कमीशन’ (लोक आयोग) का गठन किया जाए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई एक पोस्ट में बीबी खालड़ा ने जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज को अपील की कि वे 1980 और 1990 के दशकों के दौरान हुई मानवाधिकारों की उल्लंघनाओं का सच सामने लाने के लिए इस निष्पक्ष मुहिम की अगुवाई करें। देखा जाए तो उन्होंने जून 1984 के दरबार साहिब पर हुए फौजी हमले, नवंबर 1984 के सिख नरसंहार और उसके बाद के सालों का जिक्र करते हुए कहा कि हजारों लावारिस लाशें, यातना और झूठे मुकाबलों के पीड़ित परिवार आज भी इंसाफ और जवाबदेही की उम्मीद कर रहे हैं।
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सरकारों पर लगाए गंभीर आरोप
बीबी खालड़ा ने पंजाब और केंद्र की पूर्व तथा मौजूदा सरकारों पर पीड़ितों को इंसाफ देने में बुरी तरह नाकाम रहने के गंभीर आरोप लगाए। अगर गौर करें तो उन्होंने उस दौर में हुए जुल्मों के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेवार ठहराया, वहीं शिरोमणि अकाली दल की सरकारों को भी कटघरे में खड़ा किया।
समझने वाली बात है कि उन्होंने दोष लगाया कि अकाली दल ने जवाबदेही तय करने की बजाय मानवाधिकारों की उल्लंघना के दोषी पुलिस अफसरों को सरकारी पद और सुरक्षा दी। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह दोषी पुलिस कर्मचारियों को सजा दिलवाने में असफल रही है।
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को भी विदेशों में हो रहे सिखों के कथित टार्गेट किलिंग के मुद्दे पर घेरा।
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पीपल्स कमीशन की मांग
श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष रखी मांगों में बीबी खालड़ा ने मांग की कि 80-90 के दशक के पीड़ितों की असल गिनती का पता लगाने के लिए कमीशन बनाया जाए। यहां ध्यान देने वाली बात है कि इसके साथ ही जसवंत सिंह खालड़ा की मेहनत के कारण पहचाने गए अनपहचाने शहीदों की तस्वीरें केंद्रीय सिख संग्रहालय (अमृतसर) में लगाई जाएं और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) द्वारा पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद की जाए।
कोई भी जवाबदेही से ऊपर नहीं
बीबी परमजीत कौर खालड़ा ने साफ शब्दों में कहा कि कोई भी सियासी पार्टी या व्यक्ति जवाबदेही से ऊपर नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपील की कि पीड़ितों के दर्द और इस ‘तीसरे घल्लूघारे’ को सियासी लाभ के लिए न इस्तेमाल किया जाए, बल्कि पूरे सिस्टम को जनता के कटघरे में खड़ा करके इंसाफ सुनिश्चित बनाया जाए।
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जसवंत सिंह खालड़ा कौन थे
शहीद जसवंत सिंह खालड़ा एक मानवाधिकार कार्यकर्ता थे जिन्होंने 1980-90 के दशक में पंजाब पुलिस द्वारा किए गए हजारों फर्जी मुकाबलों और लापता लोगों का दस्तावेजीकरण किया था। उनकी अथक मेहनत से सैकड़ों अनपहचाने शहीदों की पहचान हुई थी। उनके इस काम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।
परमजीत कौर खालड़ा अपने पति के काम को आगे बढ़ाते हुए मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ रही हैं और पीड़ित परिवारों के लिए आवाज उठा रही हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- बीबी परमजीत कौर खालड़ा ने निष्पक्ष पीपल्स कमीशन बनाने की मांग की
- 80-90 के दशक में लापता लोगों और झूठे मुकाबलों की जांच हो
- सभी सरकारों पर इंसाफ न देने के आरोप
- जसवंत सिंह खालड़ा द्वारा पहचाने गए शहीदों की तस्वीरें संग्रहालय में लगाई जाएं
- SGPC द्वारा पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद की मांग
- 14 जुलाई को हरिके पट्टन में अकाल तख्त की सभा













