Pakistan Temple Renovation Plan : पाकिस्तान सरकार ने देश में मंदिरों (Temples) और गुरुद्वारों (Gurudwaras) के जीर्णोद्धार (Renovation) और सौंदर्यीकरण के लिए 1 अरब पाकिस्तानी रुपये का Master Plan तैयार किया है। यह निर्णय Evacuee Trust Property Board (ETPB) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता इसके प्रमुख सैयद अतउर रहमान (Syed Atta-ur-Rehman) ने की।
इस योजना के तहत पाकिस्तान सरकार ने घोषणा की है कि अल्पसंख्यकों (Minorities) के पूजा स्थलों की मरम्मत, सौंदर्यीकरण और संरक्षित रख-रखाव के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा। रहमान ने कहा कि यह कदम अल्पसंख्यक समुदायों के लिए एक सकारात्मक प्रयास है, जिसमें हिंदू (Hindu) और सिख (Sikh) समुदाय के लोगों को विशेष लाभ मिलेगा।
ETPB का दावा- राजस्व में भारी इजाफा
Evacuee Trust Property Board (ETPB) ने दावा किया कि इस वर्ष ट्रस्ट की आय में 1 अरब रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है। बोर्ड सचिव फरीद इकबाल (Farid Iqbal) ने कहा कि ट्रस्ट की उन संपत्तियों को विकास के लिए प्रस्तुत किया जाएगा जो लंबे समय से इस्तेमाल नहीं की जा रही थीं। इससे राजस्व में कई गुना वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
उन्होंने कहा,
“लंबे समय से खाली पड़ी जमीनों का सही तरीके से उपयोग करके विभाग का राजस्व कई गुना बढ़ सकता है।”
करतारपुर कॉरिडोर पर भी होगा विकास
बैठक में एक और बड़ा फैसला लिया गया, जिसमें विभिन्न मंदिरों और गुरुद्वारों में परियोजनाओं की निगरानी और संचालन के लिए एक परियोजना निदेशक की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा, करतारपुर कॉरिडोर (Kartarpur Corridor) में परिचालन कार्यों के प्रबंधन के लिए नई योजना बनाई जा रही है।
राजनीतिक उद्देश्य या धार्मिक सद्भाव?
हालांकि यह कदम धार्मिक सद्भाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, लेकिन कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह पाकिस्तान सरकार की रणनीतिक योजना का हिस्सा भी हो सकता है। भारत-पाकिस्तान के बीच लगातार बिगड़ते संबंधों के बीच यह मास्टर प्लान पाकिस्तान की छवि सुधारने का प्रयास भी हो सकता है।