NEET Paper Leak Protest दिल्ली में लगातार तेज होता जा रहा है। 3 मई को हुए ‘नीट-यूजी’ (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो रहा है। दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले शुरू हुआ धरना आज सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा।
नौजवानों और विद्यार्थियों द्वारा शनिवार दोपहर से शुरू किया गया यह विरोध प्रदर्शन अब एक अनिश्चितकालीन सीधे सिट-इन (धरने) में तब्दील हो चुका है, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने भारी पुलिस तैनाती के बावजूद पूरी रात सड़क पर गुजारी।
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रात भर चला प्रदर्शन, लोगों ने बाँटा लंगर
देखा जाए तो रविवार की पूरी रात प्रदर्शन वाली जगह पर माहौल काफी भखा (गरम) रहा। वहाँ मौजूद नौजवानों ने सरकार खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, सियासी भाषण दिए और डफलियाँ बजाकर देश भगती के गीत गाते हुए सांस्कृतिक तरीके से विरोध दर्ज कराया।
प्रबंधकों के मुताबिक रविवार शाम तक प्रदर्शन वाली जगह पर 200 से ज्यादा लोग इकट्ठा हो गए थे। दिलचस्प बात यह है कि इस दौरान कई स्थानीय नागरिक और समर्थक रात भर धरने पर बैठे नौजवानों को खाने-पीने का सामान और पीने का पानी बाँटते दिखाई दिए।
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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पीड़ित परिवारों के लिए 1 करोड़ मुआवजे की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभीजीत दिपके ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर तीखे निशाने साधे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है, पर सरकार कोई जवाबदेही तय नहीं कर रही।
दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि पेपर लीक के सदमे के कारण खुदकुशी कर गए विद्यार्थियों के पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और विवादित परीक्षा को पूरी तरह रद्द किया जाए।
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बुनियादी सुविधाएं बंद करने के आरोप; किसान जत्थेबंदियाँ भी देंगी साथ
अभीजीत दिपके ने प्रशासन और दिल्ली पुलिस से अपील की कि वे जंतर-मंतर आने वाले समर्थकों के रास्ते में रुकावटें न खड़ी करें। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रदर्शनकारियों ने पहले आरोप लगाया था कि प्रशासन ने शनिवार रात को वहाँ की बत्तियाँ गुल कर दी थीं और जनतक शौचालयों की पानी सप्लाई भी काट दी गई थी। हालांकि, बाद में पीने वाले पानी की सप्लाई बहाल कर दी गई।
CJP के मुखी ने देश के किसान संगठनों और आम जनता को इस विद्यार्थी आंदोलन का हिस्सा बनने का सद्दा (न्योता) दिया है, जिसके बाद आज कई किसान जत्थेबंदियों के इस प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद है। फिलहाल, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जंतर-मंतर के आसपास भारी बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।
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आम आदमी पर असर
यह आंदोलन सीधे उन लाखों परिवारों से जुड़ा है, जिनके बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता का सवाल हर अभिभावक और छात्र की चिंता का विषय बन चुका है।
मुख्य बातें (Key Points)
- जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का धरना तीसरे दिन भी जारी।
- संस्थापक अभीजीत दिपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
- पीड़ित परिवारों के लिए 1-1 करोड़ मुआवजे और परीक्षा रद्द करने की मांग।
- किसान जत्थेबंदियों के प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद।
जानें पूरा मामला
यह पूरा मामला 3 मई को हुए ‘नीट-यूजी’ पेपर लीक से जुड़ा है, जिसमें कथित बेनियमियों का आरोप है। इसी को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के बैनर तले छात्रों ने शनिवार से जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया, जो अब अनिश्चितकालीन हो चुका है।













