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The News Air - Breaking News - Mount Kailash Mystery: इस पवित्र पर्वत पर आज तक कोई क्यों नहीं चढ़ पाया? जानें सच्चाई!

Mount Kailash Mystery: इस पवित्र पर्वत पर आज तक कोई क्यों नहीं चढ़ पाया? जानें सच्चाई!

चार धर्मों में पूजनीय कैलाश पर्वत पर 2001 से क्लाइंबिंग बैन, टाइम डाइलेशन और मैग्नेटिक फोर्स के दावे निकले झूठे, जानें साइंस क्या कहता है

The News Air Team by The News Air Team
बुधवार, 28 जनवरी 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, धर्म, स्पेशल स्टोरी
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Mount Kailash Mystery
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Mount Kailash Mystery: एक ऐसा पहाड़ जिस पर कोई नहीं चढ़ता। एक ऐसी जगह जहां समय अलग तरीके से चलने का दावा किया जाता है। क्लाइंबर्स के रातोंरात बूढ़े हो जाने की कहानियों से लेकर छिपे हुए पिरामिड, खोखली गुफाओं और प्राचीन सभ्यताओं के दावों तक – माउंट कैलाश दुनिया के सबसे रहस्यमय पहाड़ों में से एक है।

आखिर क्या कारण है कि जब माउंट एवरेस्ट जैसे दुनिया के सबसे ऊंचे पहाड़ पर हजारों लोग चढ़ चुके हैं, तो कैलाश पर्वत पर आज तक कोई इंसान क्यों नहीं चढ़ पाया?

कैलाश पर्वत: बेसिक जानकारी
विवरणजानकारी
स्थानतिब्बत का पश्चिमी क्षेत्र (भारत-चीन सीमा से ~100 km)
ऊंचाई6,638 मीटर
माउंट एवरेस्ट से तुलना~2,200 मीटर कम
विशेषतापिरामिड जैसी शेप, चार दिशाओं में एलाइन
चार धर्मों में पूजनीय क्यों?

कैलाश पर्वत दुनिया का एकमात्र ऐसा पहाड़ है जिसे चार अलग-अलग धर्म पवित्र मानते हैं:

1. हिंदू धर्म:

  • भगवान शिव और माता पार्वती का निवास स्थान
  • रावण द्वारा कैलाश उठाने की प्रसिद्ध कथा

2. बौद्ध धर्म:

  • देवता चक्रसंवर और वज्रवाराही का ध्यान स्थल
  • मीलारेपा की प्रसिद्ध कथा

3. जैन धर्म:

  • अष्टापद के नाम से जाना जाता है
  • प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव ने यहां मोक्ष प्राप्त किया

4. बोन धर्म:

  • तिब्बत का प्राचीन धर्म (बौद्ध धर्म से पहले)
  • स्वर्ग और पृथ्वी के मिलन का एक्सिस माना जाता है

परिक्रमा का मार्ग: ~52 km

  • हिंदू और बौद्ध: घड़ी की दिशा में
  • जैन और बोन: घड़ी की विपरीत दिशा में
कैलाश के पास की अद्भुत झीलें

कैलाश पर्वत के पास दो झीलें हैं जो एक प्राकृतिक आश्चर्य हैं:

झीलपानीविशेषता
मानसरोवरमीठा (पीने योग्य)मछलियां और पौधे मौजूद
राक्षस तालखारा (पीने योग्य नहीं)कोई जीवन नहीं

साइंटिफिक कारण: राक्षस ताल एक एंडोर्हेइक लेक है – यानी पानी बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं। इवेपोरेशन से पानी उड़ जाता है लेकिन मिनरल्स जमा होते रहते हैं, जिससे पानी खारा हो गया।

चार महान नदियों का उद्गम

कैलाश के आसपास से चार बड़ी एशियाई नदियां निकलती हैं:

  • सिंधु (Indus)
  • सतलुज
  • ब्रह्मपुत्र
  • करनाली (गंगा में मिलती है)

ये नदियां करोड़ों लोगों को पानी देती हैं।

वायरल दावे और उनकी सच्चाई

दावा 1: टाइम डाइलेशन – समय अलग तरीके से चलता है

1999 में रूसी डॉक्टर एर्नस्ट मुल्दाशेव ने दावा किया:

  • चार साइबेरियन क्लाइंबर्स कैलाश चढ़ने की कोशिश के बाद डेढ़ साल में बूढ़े होकर मर गए
  • कैलाश के पास नाखून और बाल तेजी से बढ़ते हैं
  • 12 घंटे में उतना बढ़ता है जितना 2 हफ्तों में बढ़ता है

सच्चाई: ❌ मुल्दाशेव आई सर्जन थे, फिजिसिस्ट या जियोलॉजिस्ट नहीं ❌ उनके दावे किसी भी पीयर-रिव्यूड साइंटिफिक जर्नल में पब्लिश नहीं हुए ❌ रशियन माउंटेनियरिंग फेडरेशन ने कहा – ऐसी कोई एक्सपिडिशन हुई ही नहीं ❌ साइबेरियन क्लाइंबर्स के नाम, उम्र, डेथ सर्टिफिकेट कुछ भी उपलब्ध नहीं ❌ मुल्दाशेव मरमेड्स, वैंपायर्स के अस्तित्व में विश्वास करते थे

आइंस्टाइन की थ्योरी के अनुसार: टाइम को सिर्फ दो चीजें प्रभावित कर सकती हैं – स्पिड और ग्रेविटी। कैलाश पर न तो स्पीड ज्यादा है और न ही ग्रेविटी में कोई फर्क।

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दावा 2: कैलाश आर्टिफिशियल पिरामिड है

सच्चाई: कैलाश की पिरामिड शेप क्वाटर्नरी पीरियड की आइस एजेस (25 लाख साल पहले) के दौरान बनी। ग्लेशियर्स ने चट्टानों को काटकर स्मूथ बना दिया।

ऐसे और भी पहाड़ हैं:

  • मैटरहॉर्न (स्विट्जरलैंड) – बिल्कुल पिरामिड शेप

दावा 3: मैथमेटिकली परफेक्ट पोजीशन

दावा: कैलाश नॉर्थ पोल से 6,666 km और साउथ पोल से 13,332 km दूर है

सच्चाई:

दावावास्तविक दूरी
नॉर्थ पोल से 6,666 km6,500 km
स्टोनहेंज से 6,666 km6,900 km
साउथ पोल से 13,332 km13,400 km

ये नंबर्स एग्जैक्ट नहीं हैं, सिर्फ अप्रॉक्सिमेट हैं।


दावा 4: NASA ने स्ट्रेंज एनर्जी फील्ड डिटेक्ट की

सच्चाई: NASA की Terra Spacecraft ने 20 जनवरी 2003 को ASTER इमेजेस लीं। NASA की वेबसाइट पर कोई भी एनोमली मिलने का दावा नहीं है। यह सामान्य माउंटेन फोटोग्राफी थी।


दावा 5: चढ़ने पर सिर दर्द, कंफ्यूजन – सुपरनैचुरल फोर्स

सच्चाई: यह ऑल्टीट्यूड सिकनेस है। 4,000 मीटर से ऊपर ऑक्सीजन कम हो जाती है। ऑक्सीजन की कमी से दिमाग में सूजन आती है जिससे:

  • तेज सिर दर्द
  • कंफ्यूजन
  • हेलुसिनेशंस

यह हर ऊंचे पहाड़ पर होता है।

असली कारण: कोई कैलाश पर क्यों नहीं चढ़ा?

1. धार्मिक सम्मान:

1985: दुनिया के महानतम माउंटेनियर राइनहोल्ड मेसनर को चीन ने कैलाश चढ़ने का ऑफर दिया। मेसनर दुनिया के सभी 14 पहाड़ों (8,000 मीटर+) पर चढ़ने वाले पहले व्यक्ति थे।

उनके साथी माउंटेनियर्स ने कहा:

“किसी को भी पत्थर बन चुके देवताओं को अपने जूते के नीचे नहीं कुचलना चाहिए।”

मेसनर ने मना कर दिया और कहा:

“इस पर चढ़ना लोगों की आत्मा को जीतने जैसा होगा।”

2. कानूनी प्रतिबंध:

2001: स्पेनिश क्लाइंबर को चीन से परमिशन मिली, लेकिन भारी विरोध के बाद:

  • एक्सपिडिशन कैंसिल
  • चीन ने परमानेंट बैन लगा दिया

2001 के बाद से कैलाश पर चढ़ना कानूनी रूप से प्रतिबंधित है।

क्या कैलाश सच में अनक्लाइमेबल है?

1926 में ब्रिटिश एक्सप्लोरर ह्यू रटलेज ने कहा था:

“यह अटरली अनक्लाइमेबल है। नॉर्थ फेस लगभग 90° के एंगल पर है।”

लेकिन डग स्कॉट (ब्रिटिश अल्पाइन क्लब प्रेसिडेंट) ने कहा:

“यह कोई बहुत डिफिकल्ट पहाड़ नहीं है। लेकिन चढ़ने के बारे में सोचना भी उस चीज को नीचा दिखाना होगा जिसे लोग पवित्र मानते हैं।”

ऐसे और भी पवित्र पहाड़ जिन पर चढ़ना मना है
पहाड़ऊंचाईदेशधर्म
खावा कार्पो6,740 mतिब्बतबौद्ध
गंगखर पुनसुम7,600 mभूटानस्थानीय

गंगखर पुनसुम दुनिया का सबसे ऊंचा अनक्लाइंब्ड पहाड़ है। 1994 से इस पर बैन है।

असली चमत्कार क्या है?

“सोच कर देखिए – इंसानों ने पहाड़ों से लेकर समुद्र तक, स्पेस से लेकर चांद तक हर चीज को कॉन्कर किया है। लेकिन कैलाश जैसे पहाड़ को देखकर पूरी इंसानियत ने कहा – यह सेक्रेड है, इस पर हम नहीं चढ़ेंगे। इससे अद्भुत चीज क्या हो सकती है?”

“यह पर्वत हमें सिखाता है कि कुछ चीजें कॉन्कर करने के लिए नहीं होतीं। कुछ चीजें रिस्पेक्ट करने के लिए होती हैं।”


‘मुख्य बातें (Key Points)’
  • चार धर्मों में पूजनीय: हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन धर्म में कैलाश पवित्र माना जाता है
  • 2001 से बैन: चीन ने इंटरनेशनल प्रेशर के बाद कैलाश पर क्लाइंबिंग पर परमानेंट बैन लगाया
  • टाइम डाइलेशन झूठ: रशियन डॉक्टर मुल्दाशेव के दावे किसी भी साइंटिफिक जर्नल में वेरिफाइड नहीं
  • पिरामिड शेप नेचुरल: आइस एजेस के दौरान ग्लेशियर्स ने यह शेप बनाई
  • सम्मान का प्रतीक: दुनिया के महानतम माउंटेनियर्स ने भी चढ़ने से मना किया

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: क्या कैलाश पर्वत पर कोई चढ़ा है?

A: आज तक कोई भी कैलाश पर्वत की चोटी पर नहीं चढ़ा है। 2001 से इस पर क्लाइंबिंग कानूनी रूप से प्रतिबंधित है।

Q2: कैलाश पर्वत पर चढ़ना क्यों मना है?

A: चार धर्मों (हिंदू, बौद्ध, जैन, बोन) के लिए यह पवित्र है। धार्मिक भावनाओं के सम्मान में चीन ने 2001 में परमानेंट बैन लगाया।

Q3: क्या कैलाश पर्वत पर समय अलग तरीके से चलता है?

A: नहीं, यह एक मिथक है। इसके पीछे कोई साइंटिफिक प्रमाण नहीं है। ये दावे रशियन डॉक्टर मुल्दाशेव ने किए थे जो वेरिफाइड नहीं हैं।

Q4: कैलाश पर्वत की ऊंचाई कितनी है?

A: कैलाश पर्वत की ऊंचाई 6,638 मीटर है, जो माउंट एवरेस्ट से लगभग 2,200 मीटर कम है।

Q5: मानसरोवर और राक्षस ताल में पानी अलग क्यों है?

A: राक्षस ताल एक एंडोर्हेइक लेक है जहां से पानी बाहर नहीं निकलता। इवेपोरेशन से मिनरल्स जमा होते रहे जिससे पानी खारा हो गया। मानसरोवर से पानी ओवरफ्लो होता रहता है इसलिए वह मीठा है।

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