LIVE | ...
बुधवार, 10 जून 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - मोदी सरकार आठ बार तो बदल चुकी है संविधान, फिर ‘अबकी बार, 400 पार’ के नारे से डर क्यों?

मोदी सरकार आठ बार तो बदल चुकी है संविधान, फिर ‘अबकी बार, 400 पार’ के नारे से डर क्यों?

The News Air Team by The News Air Team
मंगलवार, 30 अप्रैल 2024
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय, सियासत
A A
0
मोदी सरकार
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

नई दिल्ली, 30 अप्रैल (The News Air): बीजेपी ने ‘अबकी बार, 400 पार’ का नारा दिया तो विपक्ष ने भी इस नारे को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया है बल्कि वह इसके पीछे की मंशा पर जोर-शोर से सवाल उठा रहा है। विपक्ष के कई नेता दावा कर रहे हैं कि बीजेपी 400 पार का नारा इसलिए दे रही है क्योंकि उसकी मंशा संविधान बदलने की है। उनका दावा है कि अगर एनडीए को 400 से ज्यादा सांसद मिल गए तो नई सरकार संविधान बदलकर आरक्षण खत्म कर देगी। दूसरी तरफ, यह डर दिखाया जा रहा है कि 400 पार का नारा सफल रहा तो देश में लोकतंत्र खत्म कर दिया जाएगा और तानाशाही शासन का ऐलान हो जाएगा। कांग्रेस समेत कई पार्टियां मतदाताओं को यह विश्वास दिलाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही हैं कि बीजेपी जीत गई तो यह आखिरी चुनाव होगा क्योंकि नई सरकार लोकतंत्र खत्म कर देगी। विपक्ष के इन दावों के बीच स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे सहयोगी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) को दिए इंटरव्यू में अपनी सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड की याद दिला दी। उन्होंने कहा कि दो कार्यकाल में संविधान संशोधन किए गए, लेकिन क्या कोई ऐसा कदम उठाया गया जिसे लोकतंत्र के खात्मे की तरफ बढ़ा हुआ बताया जा सके। आइए इस सवाल का जवाब जानने के लिए याद करते हैं कि मोदी सरकार के दो कार्यकाल में कौन-कौन से आठ संविधान संशोधन किए गए हैं।

राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम, 2015

2014 में जब बीजेपी को अकेले दम पर बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने तो उनकी सरकार ने सबसे पहला संविधान संशोधन उच्च अदालतों में न्यायिक नियुक्तियों की प्रक्रिया बदलने को लेकर किया। मोदी सरकार ने अपना पहला संविधान संशोधन किया था, वह संविधान का 99वां संविधान संशोधन था। संविधान (99वां संशोधन) अधिनियम, 2014 में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) की संरचना एवं कामकाज का जिक्र है। अधिनियम में राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग’ की ओर से सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के चयन के लिए एक पारदर्शी एवं व्यापक आधार वाली प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। यह 13 अप्रैल, 2015 को नोटिफाइ किया गया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने एनजेएसी एक्ट को रद्द कर दिया।

भारत-बांग्लादेश के बीच भू-सीमा संधि, 2015
भारत-बांग्लादेश के बीच भू-सीमा संधि, 2015

भारत और बांग्लादेश के बीच हुई जमीनी सीमा संधि के लिए संविधान में 100वां संशोधन किया गया। 1 अगस्त, 2015 को लागू इस कानून का मकसद 41 सालों से पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ चल आ रहे सीमा विवाद को सुलझाना है। कानून बनने के बाद दोनों देशों ने आपसी सहमति से कुछ भू-भागों का आदान-प्रदान भी किया। समझौते के तहत बांग्लादेश से भारत आए लोगों को भारतीय नागरिकता भी दी गई।

यह भी पढे़ं 👇

UPSC Preparation

UPSC Preparation में Brain Fog से बचें, जानें Expert Tips

बुधवार, 10 जून 2026
Nuclear Warheads

भारत ने तैनात किए 12 Nuclear Warheads, SIPRI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

बुधवार, 10 जून 2026
Alexander the Great

10 जून का इतिहास: Alexander the Great की मौत से लेकर Spirit Rover तक की बड़ी घटनाएं

बुधवार, 10 जून 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

बुधवार, 10 जून 2026
​वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम यानी जीएसटी एक्ट, 2016
​वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम यानी जीएसटी एक्ट, 2016

इस संशोधन अधिनियम का संबंध वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) से है। एक देश, एक टैक्स सिस्टम का यह कानून 1 जुलाई, 2017 को लागू हुआ था। 1 जुलाई, 2018 को जीएसटी का एक साल हुआ तो भारत सरकार ने इसे जीएसटी डे के रूप में मनाया। जीएसटी एक अप्रत्यक्ष कर है जिसे पूरे देश को एक साझा बाजार समझकर लागू किया गया है। जीएसटी ऐक्ट लागू करने के लिए संविधान में 101वां संशोधन किया गया।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा, 2018

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा, 2018

मोदी सरकार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए 2018 में 102वां संविधान संशोधन संसद में पेश किया था। इस संशोधन के जरिए संविधान में तीन नए अनुच्छेद शामिल किए गए। नए अनुच्छेद 338बी के तहत राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया गया। इसी तरह एक और नया अनुच्छेद 342ए जोड़ा गया जो अन्य पिछड़ा वर्ग की केंद्रीय सूची से संबंधित है। तीसरा नया अनुच्छेद 366(26सी) सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को परिभाषित करता है। इस संशोधन के माध्यम से पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा मिला।

EWS को शिक्षण संस्थाओं, नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण
EWS को शिक्षण संस्थाओं, नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण

मोदी सरकार ने पहली बार सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी शिक्षा और नौकरी में 10 प्रतिशत आरक्षण (ईडब्ल्यूएस रिजर्वेशन) की व्यवस्था की। सरकार ने इसके लिए वर्ष 2019 में संसद से 103वां संविधान संशोधन प्रस्ताव पारित करवाया। ईडब्ल्यूएस रिजर्वेशन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई तो अदालत ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण देने के प्रावधान में कोई खामी नहीं है। यानी कथित अगड़ी जातियों में आर्थिक रूप से पिछड़ों के लिए आरक्षण के कानून को सुप्रीम कोर्ट से भी हरी झंडी मिल गई। यह आरक्षण सिर्फ जनरल कैटिगरी यानी सामान्य वर्ग के लोगों के लिए है। इस आरक्षण से एससी, एसटी, ओबीसी को बाहर किया गया है।

लोकसभा, विधानसभाओं में एससी-एसटी आरक्षण 10 साल बढ़ा
लोकसभा, विधानसभाओं में एससी-एसटी आरक्षण 10 साल बढ़ा

मोदी सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए आरक्षण की अवधि को 10 साल के लिए और बढ़ाने के लिए संविधान संशोध प्रस्ताव संसद में लाया। यह प्रस्ताव भारतीय संविधान के अनुच्छेद 334 में संशोधन करने का था। दरअसल लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और एंग्लो-इंडियन समुदाय को पिछले 70 वर्ष से मिल रहा आरक्षण 25 जनवरी, 2020 को समाप्त हो रहा था। इस विधेयक में एससी-एसटी के संदर्भ में इसे 10 वर्ष बढ़ाने का प्रावधान किया गया। यह 104वां संविधान संशोधन के जरिए संभव हुआ।

सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों की पहचान
सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों की पहचान

केंद्र सरकार ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों की पहचान करने का अधिकार राज्य सरकारों को दे दिया। संसद के मानसून सत्र में 11 अगस्‍त, 2021 को 127वां संविधान संशोधन विधेयक पारित किया गया था। लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा था कि फिर से संख्या अंकित करने के बाद यह विधेयक 105वां संविधान संशोधन विधेयक माना जाएगा। इस संविधान संशोधन के बाद राज्यों को अधिकार मिल गया कि वो ओबीसी लिस्ट में संशोधन कर सके।

​नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023
​नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023

मोदी सरकार ने लोकसभा, राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली की विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने के लिए कानून बनाने का ऐतिहासिक कदम उठाया। केंद्र सरकार ने सितंबर, 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद से मंजूरी दिलाई। इसके लिए संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 को संसद से पारित किया गया था।

फिर 400 पार का डर क्यों?
फिर 400 पार का डर क्यों?

मोदी सरकार में हुए इन आठ संविधान संशोधनों में कोई एक भी ऐसा नहीं जिसे लोकंत्र विरोधी या आरक्षण के खात्मे का प्रयास बताया जा सकता है। बल्कि मोदी सरकार ने एससी, एसटी, ओबीसी तो छोड़िए सामान्य वर्ग के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था की। तो सवाल है कि आखिर विपक्ष को ऐसा क्यों लगता है कि 400 सीटें मिलने पर एनडीए सरकार संविधान बदल देगी? सवाल यह भी है कि सरकार ने जीएसटी एक्ट को आम सहमति से पास करवाया था तब तो उसके पास 400 सीटें नहीं थी। ऐसे में सवाल यह भी है कि अगर मोदी सरकार संविधान बदलना भी चाहे तो ऐसी क्या मजबूरी है कि 400 सीटें चाहिए ही चाहिए? आखिर इंदिरा गांधी की सरकार ने जब 42वें संशोधन के जरिए एक मिनी संविधान ही बना दिया था तब तो उसके पास 352 सांसद ही थे। उधर, 2019 में एनडीए के 353 सांसद जीते थे। जब इंदिरा गांधी ने 352 सांसदों के साथ ही संविधान बदल दिया तो 353 सीटों के साथ आई मोदी सरकार को भला संविधान बदलने से कौन रोक लेता?

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

खुद को सरकारी अधिकारी बताकर एक व्यक्ति ने कारोबारी से दो करोड़ रुपये ठगे

Next Post

Jharkhand Board 12th 2024 रिजल्ट घोषित, 85.88% पास, ऐसे चेक करें रिजल्ट

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

UPSC Preparation

UPSC Preparation में Brain Fog से बचें, जानें Expert Tips

बुधवार, 10 जून 2026
Nuclear Warheads

भारत ने तैनात किए 12 Nuclear Warheads, SIPRI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

बुधवार, 10 जून 2026
Alexander the Great

10 जून का इतिहास: Alexander the Great की मौत से लेकर Spirit Rover तक की बड़ी घटनाएं

बुधवार, 10 जून 2026
Breaking News Live Updates

Breaking News Live Updates: आज की हर बड़ी खबर, हर पल अपडेट

बुधवार, 10 जून 2026
Southwest Monsoon

Southwest Monsoon 2026 से भारी बारिश, IMD Alert जारी

बुधवार, 10 जून 2026
Breaking News Live Updates 10 June 2026

Breaking News Live Updates 10 June 2026: Big Alerts, हर खबर सबसे पहले

बुधवार, 10 जून 2026
Next Post
मोदी सरकार

Jharkhand Board 12th 2024 रिजल्ट घोषित, 85.88% पास, ऐसे चेक करें रिजल्ट

मोदी सरकार

लुक्सर जेल में कैदी ने लगाई फांसी, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

मोदी सरकार

लगातार दूसरे दिन बाजार में तेजी, टीवीएस मोटर, एस्कॉर्ट्स कुबोटा,

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।