MCX Margin Hike Gold Silver : Multi Commodity Exchange (MCX) ने सोने और चांदी के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में मार्जिन बढ़ा दिया है। MCXCCL यानी एमसीएक्स क्लियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अतिरिक्त मार्जिन लगाने का सर्कुलर जारी कर दिया है। इस फैसले से ट्रेडिंग करना अब और महंगा हो गया है।
सोने-चांदी में ट्रेडिंग करने वाले लोगों के लिए यह खबर बेहद अहम है। एमसीएक्स के इस फैसले का मतलब है कि अब ट्रेडर्स को पहले से ज्यादा पूंजी की जरूरत पड़ेगी। चांदी पर कुल अतिरिक्त मार्जिन 7% और सोने पर 3% हो गया है। यह बढ़ोतरी 6 फरवरी से लागू हो चुकी है।
सर्कुलर के मुताबिक कितना बढ़ा मार्जिन
सर्कुलर के अनुसार चांदी पर कुल अतिरिक्त मार्जिन 7% और सोने पर 3% हो गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि ट्रेडर्स को अब पहले से ज्यादा पैसा ब्लॉक करके पोजीशन लेनी पड़ेगी। जो लोग कमोडिटी की ट्रेडिंग करते हैं, उनके लिए यह बदलाव काफी अहम है।
मार्जिन वह शुरुआती रकम है जो ब्रोकर के जरिए एक्सचेंज में जमा करनी होती है। फ्यूचर्स ट्रेडिंग में पूरी कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू देने की जरूरत नहीं होती। उसका एक हिस्सा जिसे मार्जिन कहते हैं, उसे पहले ही जमा करना पड़ता है।
एमसीएक्स पर सोने के अलग-अलग लॉट
एमसीएक्स पर गोल्ड के अलग-अलग पांच तरह के लॉट होते हैं। गोल्ड में एक लॉट में 1 किलो सोने की ट्रेडिंग होती है। इसी के साथ गोल्ड एम में एक लॉट में 100 ग्राम सोने की ट्रेडिंग होती है।
गोल्ड 10 में एक लॉट में 10 ग्राम सोने की ट्रेडिंग होती है। गोल्ड गिनी में एक लॉट में 8 ग्राम सोने की ट्रेडिंग होती है। वहीं गोल्ड पेटल में एक लॉट में सिर्फ 1 ग्राम सोने की ट्रेडिंग होती है।
चांदी के तीन तरह के लॉट
एमसीएक्स पर चांदी लॉट के हिसाब से ट्रेड करती है। इसके तीन प्रकार के लॉट होते हैं। पहला होता है सिल्वर यानी 30 किलो का लॉट। दूसरा सिल्वर एम यानी 5 किलो का लॉट। तीसरा होता है सिल्वर माइक यानी 1 किलो का लॉट।
अब मान लीजिए कि आप 30 किलो वाली चांदी का एक लॉट खरीदते हैं। एमसीएक्स के मुताबिक जिसके ताजा रेट 2.5 लाख रुपये के करीब हैं। इस पर मार्जिन 4.5% था। लेकिन 6 फरवरी से यह कुल मार्जिन बढ़कर 7% हो गया है।
कितना महंगा पड़ेगा ट्रेडिंग
इसके हिसाब से एक लॉट को खरीदना या फिर होल्ड करना 5,24,000 रुपये तक महंगा पड़ सकता है। यह एक बड़ी रकम है और छोटे ट्रेडर्स के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता बताते हैं कि मार्जिन वह शुरुआती रकम है जो ब्रोकर के जरिए एक्सचेंज में जमा करनी होती है। इसे और आसान शब्दों में कहें तो फ्यूचर्स ट्रेडिंग में पूरी कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू देने की जरूरत नहीं होती।
मार्जिन एक सिक्योरिटी अमाउंट की तरह
उसका एक हिस्सा जिसे मार्जिन कहते हैं, उसे पहले ही जमा करना पड़ता है। यह सिक्योरिटी अमाउंट की तरह होता है ताकि बाजार में तेज उतार-चढ़ाव होने पर नुकसान की भरपाई हो सके।
जब एक्सचेंज को लगता है कि बाजार में जोखिम बढ़ गया है, तो वह मार्जिन बढ़ा देता है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है जो बाजार की सुरक्षा के लिए की जाती है। हालांकि इसका असर ट्रेडर्स की जेब पर पड़ता है।
जानें पूरा मामला
सोने और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमतों में तेज बदलाव आए हैं। इसी को देखते हुए एमसीएक्स ने जोखिम प्रबंधन के तहत मार्जिन बढ़ाने का फैसला लिया है। यह कदम बाजार में स्थिरता बनाए रखने और अचानक नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है।
मुख्य बातें (Key Points)
• एमसीएक्स ने सोने और चांदी के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट पर मार्जिन बढ़ा दिया है
• चांदी पर कुल अतिरिक्त मार्जिन 7% और सोने पर 3% हो गया है
• ट्रेडर्स को अब पहले से ज्यादा पैसा ब्लॉक करके पोजीशन लेनी पड़ेगी
• मार्जिन सिक्योरिटी अमाउंट की तरह काम करता है और बाजार में जोखिम बढ़ने पर इसे बढ़ाया जाता है








