मराठी फिल्म शेर शिवराज ने मचाई धूम, ओपनिंग वीकेंड में हुई 4 करोड़ की जोरदार कमाई

मराठी फ़िल्म शेर शिवराज (Sher Shivraj) बॉक्स ऑफ़िस पर दमदार प्रदर्शन कर रही है। इसने हिंदी में रिलीज फ़िल्म जर्सी से प्रतिस्पर्धा के बावज़ूद अपने शुरुआती वीकेंड में 4 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। दिग्पाल लांजेकर (Digpal Lanjekar) द्वारा निर्देशित फ़िल्म में चिन्मय मांडलेकर (Chinmay Mandlekar) और मृणाल कुलकर्णी (Mrinal Kulkarni) प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
यह फ़िल्म छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन की घटनाओं पर आधारित है। कोरोना के प्रतिबंधों से राहत मिलने के बाद से रिलीज होने वाली हिंदी और साउथ की फ़िल्मों ने ज़ोरदार बिजनेस किया है। अब ये मराठी फ़िल्म भी कमाई के झंडे गाड़ रही है।
पिछले कुछ महीनों में बॉलीवुड में अच्छी फ़िल्मों की रिलीज के बावज़ूद मराठी, पंजाबी और बंगाली में छोटी, क्षेत्रीय भाषा की फ़िल्में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। गंगूबाई काठियावाड़ी और द कश्मीर फाइल्स ने बॉक्स ऑफ़िस धमाल मचाया था। मराठी फ़िल्में पावनखिंड, झिम्मा और पांडु एवं पंजाबी फ़िल्म आजा मेक्सिको चलिये को दर्शकों का ज़ोरदार रिस्पॉन्स मिला।
वैसे भी मल्टीप्लेक्स अक्सर ऐसी फ़िल्मों की रिलीज के लिए क्षेत्रीय स्तर पर प्लानिंग करते हैं। लॉकडाउन में लंबे समय तक घरों में बंद रहने के बाद अब दर्शक अच्छी फ़िल्मों का बढ़िया तरीक़े से लुत्फ़ उठा रहे हैं।
मराठा योद्धा बाज़ी प्रभु देशपांडे (Baji Prabhu Deshpande) के जीवन पर आधारित एक ऐतिहासिक फ़िल्म पावनखिंड (Pawankhind) ने फरवरी में सिनेमाघरों में अपने पहले हफ़्ते में 12.17 करोड़ रुपये कमाये।
इस फ़िल्म द्वारा इतने पैसे ऐसे समय में कमाये गये जब महाराष्ट्र में 50% क्षमता से काम हो रहा था। दूसरी ओर लोकप्रिय पंजाबी गायक और अभिनेता अम्मी विर्क अभिनीत आजा मेक्सिको चलिये ने अपने शुरुआती वीकेंड में लगभग 4 करोड़ रुपये का बिजनेस किया।
व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि इतने लंबे समय के बाद घर से बाहर निकलकर लोग परिवार के साथ मज़ा करते हुए दिखे। ऐसे लोगों की वजह से महामारी के बाद क्षेत्रीय फ़िल्मों को फ़ायदा हुआ है। लोगों ने महामारी के दौरान घर पर बहुत सारी नई फ़िल्में खोजी और देखी है। इससे क्षेत्रीय भाषा की फ़िल्मों और शो के प्रति उनका नज़रिया बदल गया है।
सोशल मीडिया पर जो कुछ भी बोला जा रहा है या ट्रेंड कर रहा है उस पर भी लोग नज़र रखते हैं। मिंट में छपी ख़बर के मुताबिक़ इस समय महाराष्ट्र में कई जगहों पर मराठी फ़िल्में हिंदी फ़िल्मों से भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।

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