Ambedkar Photo Controversy : दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) में मंगलवार को उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से बाबा साहब भीमराव आंबेडकर (B. R. Ambedkar) और भगत सिंह (Bhagat Singh) की तस्वीरें हटा दी गई हैं। इस मुद्दे पर AAP विधायकों ने जोरदार नारेबाजी की, जिससे विधानसभा में भारी हंगामा हुआ।
जैसे ही एलजी वी.के. सक्सेना (V.K. Saxena) ने अपना अभिभाषण शुरू किया, AAP विधायकों ने “जय भीम, अंबेडकर का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान” जैसे नारे लगाना शुरू कर दिए। इसके बाद स्पीकर विजेंद्र गुप्ता (Vijender Gupta) ने एक्शन लेते हुए विपक्ष के एक दर्जन से ज्यादा विधायकों को दिनभर के लिए निष्कासित कर दिया, जिनमें आतिशी (Atishi) और गोपाल राय (Gopal Rai) भी शामिल थे।
AAP का दावा: तस्वीरें हटाने का आरोप
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें हटाकर उनकी जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की तस्वीर लगा दी गई है। हालांकि, सरकार का दावा है कि तस्वीरें अभी भी वहीं लगी हैं, लेकिन उनकी जगह में बदलाव किया गया है। अब मुख्यमंत्री की कुर्सी के पीछे महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi), राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की तस्वीरें दिखाई दे रही हैं, जबकि आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें किनारे की दीवारों पर लगी हैं।
स्पीकर का सख्त रुख: निष्कासन की कार्यवाही
नारेबाजी के बीच स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सख्ती दिखाते हुए सबसे पहले विधायकों को चेतावनी दी। चेतावनी के बावजूद हंगामा जारी रहने पर उन्होंने बारी-बारी से विधायकों को सस्पेंड करना शुरू कर दिया। निष्कासित विधायकों में अनिल झा (Anil Jha), सोम दत्त (Som Dutt) और विशेष रवि (Vishesh Ravi) भी शामिल थे।
धरने पर बैठीं Atishi: BJP पर लगाया बड़ा आरोप
सदन से निष्कासित होने के बाद, विपक्ष की नेता आतिशी ने विधानसभा के बाहर धरना दिया। हाथ में आंबेडकर की तस्वीर लेकर उन्होंने नारेबाजी करते हुए कहा, “भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बाबा साहब की फोटो हटाकर नरेंद्र मोदी की तस्वीर लगा दी है। क्या अब मोदी जी, आंबेडकर से भी बड़े हो गए हैं?”
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें वापस नहीं लगाई जातीं, तब तक AAP का विरोध सड़क से सदन तक जारी रहेगा।
राजनीतिक घमासान: कौन सही, कौन गलत?
इस मुद्दे पर दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। भाजपा का कहना है कि तस्वीरें अपनी जगह पर ही हैं, जबकि AAP इसे जनता के सम्मान का मुद्दा बता रही है। अब देखना होगा कि इस विवाद का अंत किस तरह से होता है और क्या AAP की मांगों पर सरकार कोई कार्रवाई करती है।