Manesar Land Scam ED Raid TDI Ravinder Taneja – हरियाणा के चर्चित 1,500 करोड़ रुपये के मानेसर जमीन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी और कढ़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने TDI Group के चेयरमैन रवींद्र तनेजा के दिल्ली और मोहाली स्थित ठिकानों पर तीन दिनों तक ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान ईडी ने 8 करोड़ रुपये मूल्य की महंगी लग्जरी गाड़ियां, कंप्यूटर सर्वर और कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।
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| विवरण (Detail) | आंकड़ा/जानकारी (Data) |
| कुल घोटाला राशि | ₹1,500 करोड़ (अनुमानित नुकसान) |
| जब्त संपत्तियां | ₹8 करोड़ की लग्जरी गाड़ियां, सर्वर व फाइल्स |
| छापेमारी की अवधि | दिल्ली और मोहाली में 3 दिनों तक |
| संबंधित प्रमुख नाम | पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रवींद्र तनेजा |
| खरीदी गई विवादित जमीन | TDI द्वारा 33 एकड़ (2005-2007) |
‘किसानों के डर का उठाया गया फायदा’
दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे खेल की शुरुआत साल 2004 में हुई थी जब हरियाणा की तत्कालीन हुड्डा सरकार ने मानेसर के तीन गांवों की लगभग 912 एकड़ जमीन को औद्योगिक क्षेत्र के लिए अधिग्रहित करने का नोटिस जारी किया था। इसके तुरंत बाद ही प्राइवेट बिल्डरों ने एक्टिव होकर किसानों के बीच यह खौफ फैला दिया कि सरकार उनकी जमीन का बहुत कम मुआवजा देगी।
अगर गौर करें तो इसी डर का फायदा उठाकर बिल्डरों ने किसानों से 400 एकड़ से भी ज्यादा जमीन कौड़ियों के भाव खरीद ली। और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी: जमीन बिक जाने के बाद सरकार ने अधिग्रहण का नोटिस रद्द कर दिया, जिससे बिल्डरों ने वही जमीन अन्य बड़ी कंपनियों को भारी-भरकम मुनाफे पर बेच दी।
‘टीडीआई ग्रुप पर संगीन आरोप’
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इस पूरे फर्जीवाड़े से स्थानीय किसानों को लगभग 1,500 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान उठाना पड़ा। जांच एजेंसियों के मुताबिक टीडीआई ग्रुप ने 2005 से 2007 के बीच अपनी मुखौटा कंपनियों के जरिए 33 एकड़ जमीन बहुत सस्ते दामों में खरीदी और आगे चलकर बड़े बिल्डरों को भारी मुनाफे में बेच दी।
चिंता का विषय यह है कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और ईडी दोनों ही एजेंसियां इस मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और बिल्डर रवींद्र तनेजा के खिलाफ अदालत में केस चला रही हैं। ईडी अब जब्त किए गए सर्वर और कागजातों की गहराई से जांच कर रही है।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
मानेसर जमीन घोटाला हरियाणा का सबसे चर्चित रियल एस्टेट घोटाला माना जाता है। इसमें आरोप है कि सरकारी अधिसूचनाओं का गलत इस्तेमाल करके किसानों को डराया गया और उनकी कीमती जमीनें सस्ते में हथियाकर निजी डेवलपर्स को करोड़ों का फायदा पहुंचाया गया।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
मानेसर जमीन घोटाले में ED ने TDI चेयरमैन रवींद्र तनेजा के ठिकानों पर रेड की।
तीन दिनों तक चली छापेमारी में ₹8 करोड़ की लग्जरी कारें और सर्वर सीज किए गए।
2004 में 912 एकड़ जमीन अधिग्रहण नोटिस का फायदा उठाकर किसानों से सस्ती जमीन हड़पी गई थी।
इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और रवींद्र तनेजा कोर्ट में केस का सामना कर रहे हैं।













