LPG Production India को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए घरेलू उत्पादन में 25% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा है कि इमरजेंसी उपायों के तहत यह बढ़ोतरी की गई है और घरेलू उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग करने की कोई जरूरत नहीं है। मिडिल ईस्ट में ईरान–इसराइल जंग और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर बढ़ते संकट के बीच भारत में एलपीजी की किल्लत को लेकर देशभर में घबराहट का माहौल बना हुआ है।
इसी बीच एक बड़ी राहत भरी खबर यह आई है कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी अधिकारियों से बातचीत की है और ईरान ने आश्वासन दिया है कि भारत के जहाजों पर कोई हमला नहीं होगा। इस बातचीत के बाद पिछली रात दो भारतीय शिप स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से रवाना भी हो चुके हैं। सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 भी लागू कर दिया है ताकि जमाखोरी और होर्डिंग पर सख्ती से रोक लगाई जा सके।
असली समस्या क्या है: पैनिक बुकिंग ने बढ़ाया संकट
LPG Production India को लेकर सरकार का साफ कहना है कि घरेलू एलपीजी सप्लाई में कोई कमी नहीं है। असली समस्या पैनिक बुकिंग से पैदा हो रही है। देश भर में गली-मोहल्लों से लेकर मंदिरों तक हर जगह एलपीजी को लेकर चर्चा हो रही है। लोग ज्यादा से ज्यादा सिलेंडर अपने घरों में रखना चाह रहे हैं, जिनके पास पहले से भरा हुआ सिलेंडर है वे भी दूसरा बुक कर रहे हैं।
अब जरा सोचिए: अगर हर घर एक-एक एक्स्ट्रा सिलेंडर बुक करने लगे तो अचानक डिमांड दो से तीन गुना बढ़ जाएगी। और यही वो स्थिति है जो भले ही समस्या न हो, लेकिन पैनिक बुकिंग से समस्या “बना” दी जाएगी। सरकार का कहना है कि ऑनलाइन या किसी भी तरीके से एलपीजी बुक करने पर 3 से 4 दिन में घर पर डिलीवरी हो रही है और इसमें कोई रुकावट नहीं है।
हालांकि यह भी सच है कि जो कमर्शियल एलपीजी है, जैसे रेस्टोरेंट्स, होटलों में इस्तेमाल होने वाले बड़े 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर, उनकी सप्लाई में कमी आई है। बेंगलुरु, मुंबई समेत कई शहरों में रेस्टोरेंट्स बंद होने की खबरें आ रही हैं। लेकिन सरकार का जोर इस बात पर है कि घरेलू उपभोक्ताओं (14 किलोग्राम वाला सिलेंडर) को पूरी प्राथमिकता दी जा रही है।
25% उत्पादन कैसे बढ़ा: रिफाइनरियों की ट्यूनिंग का कमाल
LPG Production India में 25% की बढ़ोतरी कैसे हुई, इसे समझने के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि एलपीजी बनता कैसे है। एलपीजी दरअसल हाइड्रोकार्बन गैसों का मिश्रण है, जिसमें मुख्य रूप से दो गैसें होती हैं: प्रोपेन और ब्यूटेन। यह रंगहीन और गंधहीन होती है, लेकिन सुरक्षा के लिए इसमें गंध (ओडोरेंट) मिलाया जाता है ताकि लीक होने पर पता चल सके।
एलपीजी बनाने के दो मुख्य तरीके हैं। पहला: नेचुरल गैस प्रोसेसिंग, जिसमें समुद्र या गैस फील्ड्स से निकाली गई प्राकृतिक गैस से प्रोपेन और ब्यूटेन को अलग किया जाता है। यह तरीका मुख्य रूप से अमेरिका, कतर (दुनिया का 20% उत्पादन अकेले कतर करता है), सऊदी अरब और ईरान में अपनाया जाता है।
दूसरा और भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण तरीका है क्रूड ऑयल रिफाइनिंग। जब कच्चा तेल रिफाइनरी में डिस्टिलेशन प्रोसेस से गुजरता है तो अलग-अलग तापमान पर अलग-अलग उत्पाद निकलते हैं: लुब्रिकेटिंग ऑयल, डीजल, पेट्रोल, नाफ्था, गैसोलिन और सबसे ऊपर गैस के रूप में पेट्रोलियम गैस (एलपीजी)।
अब जो 25% बढ़ोतरी हुई है वह इसी दूसरे तरीके से हुई है। सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को, चाहे सरकारी हों या प्राइवेट, निर्देश दिया कि वे अपनी ऑपरेटिंग कंडीशंस की “ट्यूनिंग” इस तरह करें कि क्रूड ऑयल रिफाइनिंग के दौरान एलपीजी का निष्कर्षण (एक्सट्रैक्शन) ज्यादा से ज्यादा हो। यानी पहले जो रिफाइनरी पेट्रोल या डीजल पर ज्यादा फोकस कर रही थी, अब उसने एलपीजी आउटपुट बढ़ा दिया है। सभी रिफाइनरियां फुल कैपेसिटी पर काम कर रही हैं।
90% एलपीजी आयात हॉर्मुज से: यही है सबसे बड़ी चिंता
LPG Production India का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का सिर्फ 40 से 45% ही घरेलू स्तर पर उत्पादन कर पाता है। बाकी 55 से 60% एलपीजी सऊदी अरब, कतर, यूएई और कुवैत से आयात किया जाता है। और सबसे बड़ी बात: जितना भी भारत एलपीजी आयात करता है, उसका 90% अकेले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से होकर आता है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े एलपीजी उपभोक्ताओं में से एक है। सालाना 30 मिलियन टन एलपीजी की खपत होती है, जो घरेलू इस्तेमाल से लेकर कमर्शियल, ऑटो एलपीजी और इंडस्ट्रियल ईंधन तक हर जगह इस्तेमाल होता है। ऐसे में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर संकट का मतलब है भारत की 90% एलपीजी आयात सप्लाई पर सीधा खतरा।
भारतीय जहाज पर मिसाइल हमला: जयशंकर ने संभाला मोर्चा
LPG Production India के इस संकट के बीच सबसे चौंकाने वाली घटना तब हुई जब भारत आ रहे थाई ध्वज वाले कार्गो जहाज “मयूरी नारी” पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास दो मिसाइलों से हमला किया गया। यह जहाज यूएई के अबू धाबी स्थित खलीफा पोर्ट से निकलकर गुजरात के कांडला पोर्ट आ रहा था। कांडला भारत का सबसे बड़ा कार्गो पोर्ट है जहां पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, केमिकल्स, फर्टिलाइजर और खाद्यान्न हैंडल किए जाते हैं।
हमले से जहाज के इंजन रूम में विस्फोट हुआ, भीषण आग लगी और पावर व नेविगेशन सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया। 23 नाविकों में से 20 को ओमान की रॉयल नेवी ने अपने नजदीकी खसाब पोर्ट से रेस्क्यू मिशन भेजकर बचाया, लेकिन 3 क्रू मेंबर्स अभी भी लापता हैं। ओमान को मिडिल ईस्ट का “स्विट्जरलैंड” कहा जाता है क्योंकि यह हमेशा से तटस्थ रहा है।
इस हमले के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तुरंत ईरानी अधिकारियों से बातचीत की। ईरान ने आश्वासन दिया है कि भारत के जहाजों पर कोई हमला नहीं किया जाएगा। इस बातचीत के बाद पिछली रात दो भारतीय शिप स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से रवाना हो चुके हैं। हालांकि युद्ध के समय चीजों को प्रिवेंट करना बेहद मुश्किल होता है। अमेरिका के जहाज अभी भी रुके हुए हैं और हॉर्मुज से नहीं गुजर पा रहे।
Essential Commodities Act लागू: जमाखोरी पर सख्ती
LPG Production India के संकट से निपटने के लिए सरकार ने 1955 का आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू कर दिया है। इस कानून के तहत सरकार को कई व्यापक अधिकार मिल जाते हैं। सरकार उत्पादन को रेगुलेट कर सकती है, वितरण पर नियंत्रण रख सकती है, जमाखोरी (होर्डिंग) को रोक सकती है और जरूरी क्षेत्रों को प्राथमिकता दे सकती है।
इस कानून के तहत सरकार ने एलपीजी की सप्लाई को रेगुलेट करना शुरू कर दिया है। मकसद साफ है: कोई भी व्यक्ति या संस्था जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा न कर सके और सप्लाई चेन सुचारू रूप से चलती रहे।
सरकार ने बनाए चार प्रायोरिटी सेक्टर: किसे मिलेगी कितनी गैस
सरकार ने गैस और एलपीजी सप्लाई के लिए चार प्रायोरिटी सेक्टर तय किए हैं, जिनमें पिछले 6 महीने की खपत के आधार पर सप्लाई का प्रतिशत तय किया गया है।
पहली प्राथमिकता में पाइप नेचुरल गैस (PNG), ट्रांसपोर्ट के लिए CNG, एलपीजी प्रोडक्शन और पाइपलाइन कंप्रेसर फ्यूल आते हैं। इनके लिए पिछले 6 महीने की खपत का 100% सप्लाई सुनिश्चित किया जाएगा, यानी इसमें कोई कटौती नहीं होगी।
दूसरी प्राथमिकता में फर्टिलाइजर प्लांट्स को रखा गया है, जिन्हें पिछले 6 महीने की खपत का कम से कम 70% सप्लाई मिलेगी। तीसरी प्राथमिकता में टी इंडस्ट्रीज, मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल कंज्यूमर्स हैं, जिन्हें 80% तक सप्लाई दी जाएगी। चौथी प्राथमिकता में बाकी इंडस्ट्रियल और कमर्शियल कंज्यूमर्स हैं, जिन्हें भी 80% तक सप्लाई का लक्ष्य रखा गया है।
इससे साफ है कि सरकार का पूरा फोकस घरेलू उपभोक्ताओं और जरूरी क्षेत्रों पर है। कमर्शियल सेक्टर को कुछ हद तक दिक्कत झेलनी पड़ सकती है, लेकिन यह बाहरी परिस्थितियों का नतीजा है।
आयात विविधीकरण: हॉर्मुज पर निर्भरता घटाने की कोशिश
LPG Production India के मौजूदा संकट ने एक बड़ी कमजोरी उजागर की है: भारत का 90% एलपीजी आयात सिर्फ एक जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर निर्भर है। सरकार अब आयात विविधीकरण (इम्पोर्ट डाइवर्सिफिकेशन) रणनीति अपना रही है, जिसके तहत हॉर्मुज के अलावा दूसरे स्रोतों से एलपीजी मंगाने की कोशिश की जा रही है।
यह रणनीति लंबे समय में भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। जब एक ही रास्ते पर 90% निर्भरता हो और वह रास्ता युद्ध क्षेत्र में बदल जाए, तो पूरा सिस्टम खतरे में आ जाता है। भारत के पास विशाखापट्टनम और पादुर में अंडरग्राउंड रॉक कैवर्न्स में स्ट्रैटेजिक रिजर्व है, लेकिन वह भी सिर्फ 10-12 दिन का ही क्रूड ऑयल रिजर्व कवर करता है।
आम आदमी के लिए क्या मायने रखती है यह खबर
LPG Production India का यह संकट सीधे आम आदमी की रसोई से जुड़ा है। अच्छी बात यह है कि सरकार ने घरेलू उत्पादन 25% बढ़ाकर, Essential Commodities Act लागू करके और हाउसहोल्ड सप्लाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर तत्काल कदम उठाए हैं। ईरान से जयशंकर की बातचीत के बाद भारतीय जहाजों को हॉर्मुज से गुजरने का रास्ता भी खुला है।
लेकिन बुरी बात यह है कि जब तक मिडिल ईस्ट में युद्ध जारी है, तब तक यह संकट पूरी तरह खत्म नहीं होगा। कमर्शियल एलपीजी की किल्लत से रेस्टोरेंट्स और होटल इंडस्ट्री प्रभावित हो रही है। और सबसे बड़ी बात: अगर लोगों ने पैनिक बुकिंग बंद नहीं की तो भले ही सरकार सप्लाई मैनेज कर ले, लोग खुद ही अपने लिए संकट पैदा कर लेंगे। हर अतिरिक्त सिलेंडर जो जमाखोरी में रखा जाता है, वह किसी और परिवार की रसोई से छिन रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- LPG Production India में सरकार ने घरेलू उत्पादन 25% बढ़ाया, रिफाइनरियों को एलपीजी एक्सट्रैक्शन बढ़ाने का निर्देश दिया, फुल कैपेसिटी पर काम हो रहा है
- भारत अपनी एलपीजी जरूरत का 55-60% आयात करता है, जिसका 90% स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से आता है: यही सबसे बड़ी चिंता
- विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान से बात की, ईरान ने भारतीय जहाजों पर हमला न करने का आश्वासन दिया, पिछली रात दो भारतीय शिप हॉर्मुज से रवाना
- सरकार ने Essential Commodities Act 1955 लागू किया, जमाखोरी पर रोक, घरेलू उपभोक्ताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता
- कमर्शियल एलपीजी (19 kg सिलेंडर) की सप्लाई में कमी से रेस्टोरेंट्स प्रभावित, लेकिन हाउसहोल्ड (14 kg) सिलेंडर की सप्लाई में कोई कटौती नहीं







