LPG Gas Crisis India Modi Foreign Policy : LPG Gas Crisis को लेकर देशभर में मचे हाहाकार के बीच आम आदमी पार्टी, पंजाब के राज्य महासचिव और पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट ने बुधवार को चंडीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में LPG का जो संकट खड़ा हुआ है, वह केंद्र सरकार की एकतरफा और गलत विदेश नीति का सीधा नतीजा है। बरसट ने माँग की कि प्रधानमंत्री मोदी तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें ताकि कोई दूरदर्शी नेता देश की विदेश नीति को संतुलित कर सके।
’75 साल की गुट निरपेक्ष नीति को मोदी ने किया दरकिनार’
स. बरसट ने कहा कि भारत पिछले 75 वर्षों से गुट निरपेक्ष विदेश नीति (Non-Aligned Foreign Policy) अपनाता आया है। भारत ने कभी किसी एक पक्ष के साथ खड़े होने की बजाय अंतरराष्ट्रीय मंच पर मध्यस्थ की भूमिका निभाई और इसीलिए खाड़ी देशों समेत दुनियाभर में भारत के अच्छे संबंध बने रहे।
लेकिन ईरान-इजराइल युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने खुले तौर पर इजराइल और अमेरिका का साथ दिया। उनका कहना था कि इस एकतरफा रुख के कारण ईरान के साथ भारत के संबंध बिगड़ गए और अब उसका खामियाजा पूरा देश भुगत रहा है।
‘होर्मुज जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण, भारत की सप्लाई चेन टूटी’
बरसट ने बताया कि भारत में आने वाली LPG और तेल की करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर आती है, जिस पर ईरान का नियंत्रण है। अब ईरान केवल उन्हीं देशों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने दे रहा है जो गुट निरपेक्ष हैं या उसके पक्ष में हैं। भारत के इजराइल-अमेरिका समर्थन के बाद ईरान ने भारतीय जहाजों के लिए यह रास्ता मुश्किल कर दिया है, जिससे पूरी सप्लाई चेन टूट गई है और देश में एलपीजी का संकट खड़ा हो गया है।
‘मुंबई के 20% होटल-रेस्टोरेंट बंद, एक करोड़ नौकरियाँ खतरे में’
इस LPG संकट का सबसे सीधा और बुरा असर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर पड़ रहा है। बरसट ने बताया कि मुंबई के लगभग 20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं। आने वाले दिनों में 30 से 40 प्रतिशत और प्रतिष्ठान बंद होने की आशंका है।
उन्होंने चेताया कि इस संकट के चलते लगभग एक करोड़ लोगों के बेरोजगार होने का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने होटल और रेस्टोरेंट्स को LPG सिलेंडर देने से मना कर दिया है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं, कारोबारियों और उनके कर्मचारियों तीनों पर पड़ रहा है।
‘मोदी अमेरिकी दबाव में हैं या अडानी को बचाने की कोशिश?’
बरसट ने केंद्र सरकार पर तीखे सवाल उठाते हुए पूछा कि एकतरफा विदेश नीति बनाते समय देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर के बारे में क्यों नहीं सोचा गया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे अमेरिका के दबाव में क्यों हैं।
साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी अपने उद्योगपति मित्र अडानी को बचाने की कोशिश में ऐसी नीतियाँ बना रहे हैं जो भारत को बर्बाद कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका में अडानी के खिलाफ मामला दर्ज है।
‘PM मोदी इस्तीफा दें: हरचंद सिंह बरसट’
स. बरसट ने माँग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दें। उनका कहना था कि देश को किसी दूरदर्शी और समझदार प्रधानमंत्री की जरूरत है जो भारत की विदेश नीति को संतुलित ढंग से तैयार कर सके और देश की अर्थव्यवस्था को विकास की राह पर वापस ले जा सके।
‘क्या है पूरी पृष्ठभूमि’
ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध के बाद से खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। भारत, जो अपनी LPG जरूरत का करीब 90 प्रतिशत आयात के जरिए पूरा करता है, इस युद्ध से सीधे प्रभावित हुआ है। मोदी सरकार के इजराइल-अमेरिका समर्थन के बाद ईरान ने होर्मुज जलमार्ग पर अपनी पकड़ कड़ी की, जिससे भारत की LPG आपूर्ति बाधित हुई। इसी संकट को लेकर AAP सहित विपक्षी दलों का केंद्र सरकार पर हमला तेज होता जा रहा है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- AAP के राज्य महासचिव हरचंद सिंह बरसट नेLPG Gas Crisis के लिए मोदी सरकार की एकतरफा विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया।
- भारत की 90% LPG आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य से आती है जिस पर ईरान का नियंत्रण; ईरान के नाराज होने से सप्लाई चेन टूटी।
- मुंबई के 20% होटल-रेस्टोरेंट बंद, आगे 30-40% और बंद होने का खतरा; करीब एक करोड़ लोगों की नौकरी संकट में।
- बरसट ने PM मोदी से तत्काल इस्तीफे की माँग की।








