LIVE | ...
सोमवार, 24 अगस्त 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Live-In Relationship: Allahabad High Court के दो अलग फैसले, शादीशुदा कपल पर बड़ा आदेश

Live-In Relationship: Allahabad High Court के दो अलग फैसले, शादीशुदा कपल पर बड़ा आदेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने Live-In Relationship पर 5 दिन के अंदर दिए दो अलग-अलग फैसले, एक में दी सुरक्षा तो दूसरे में किया साफ इनकार, जानें पूरा मामला

The News Air Team by The News Air Team
बुधवार, 1 अप्रैल 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, लाइफस्टाइल
A A
0
Live-In Relationship
104
SHARES
694
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Live-In Relationship को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट के दो अलग-अलग फैसलों ने पूरे देश में बहस छेड़ दी है। क्या एक पुरुष और एक महिला बिना शादी के एक छत के नीचे रह सकते हैं? क्या शादीशुदा पुरुष किसी अन्य शादीशुदा महिला के साथ Live-In Relationship में रह सकता है? क्या यह गैरकानूनी है या अपराध है? ये सवाल बार-बार उठते हैं और सीधे अदालत की चौखट पर पहुंचते हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 20 मार्च और 25 मार्च को दो अलग-अलग मामलों में दो बिल्कुल अलग आदेश दिए हैं, जिनकी अब जबरदस्त चर्चा हो रही है। एक फैसले में कोर्ट ने कपल को सुरक्षा दी, जबकि दूसरे में सुरक्षा देने से साफ इनकार कर दिया।

पहला फैसला (20 मार्च): शादीशुदा कपल को Live-In में रहने का अधिकार नहीं

Live-In Relationship का पहला मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट के सामने तब आया जब एक लड़का और लड़की ने, जो साथ में रह रहे थे, कोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने कहा कि उन्हें जान का खतरा है और उनकी मांग थी कि कोर्ट लोगों को उनकी जिंदगी में दखल देने से रोके और उन्हें सुरक्षा प्रदान करे।

इस मामले की सबसे अहम बात यह थी कि दोनों लोगों की शादी पहले से अलग-अलग लोगों से हो रखी थी। यानी दोनों अपने-अपने जीवनसाथी को छोड़कर एक-दूसरे के साथ Live-In Relationship में रह रहे थे।

20 मार्च को हाई कोर्ट की एक जज की पीठ ने इस मामले पर अपना फैसला सुनाया और सुरक्षा देने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर किसी व्यक्ति की शादी हो रखी है, तो उन्हें किसी और के साथ Live-In Relationship में रहने के लिए पहले अपने पति या पत्नी से तलाक लेना होगा।

“सुरक्षा दी तो बायोगमी (द्विविवाह) को बढ़ावा मिलेगा”: कोर्ट का कड़ा रुख

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस Live-In Relationship मामले में बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि कोर्ट सुरक्षा का आदेश तभी दे सकता है जब किसी के कानूनी अधिकार को ठेस पहुंच रही हो। लेकिन इस मामले में शादीशुदा होकर किसी और के साथ रहना कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर वह इस कपल को सुरक्षा प्रदान करता है, तो हो सकता है कि वह विवाह बायोगमी (द्विविवाह) के अपराध को बढ़ावा दे रहा हो। कोर्ट का साफ कहना था कि “पूर्व पति-पत्नी से तलाक लिए बिना किसी तीसरे व्यक्ति के साथ Live-In Relationship में रहने की कानूनी अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्हें विवाह करने या Live-In Relationship में प्रवेश करने से पहले सक्षम न्यायालय से तलाक लेना होगा।”

हालांकि कोर्ट ने यह जरूर कहा कि अगर याचिकाकर्ताओं को किसी तरह की हिंसा या परेशानी का सामना करना पड़ता है, तो वे संबंधित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) या पुलिस अधीक्षक (SP) के समक्ष विस्तृत आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

दूसरा फैसला (25 मार्च): बालिग है तो अपनी मर्जी से रह सकती है

Live-In Relationship पर इलाहाबाद हाई कोर्ट का दूसरा फैसला पहले फैसले के ठीक 5 दिन बाद 25 मार्च को आया और इसने सबको चौंका दिया। इस बार हाई कोर्ट के दो जजों की पीठ ने बिल्कुल अलग रुख अपनाया।

इस मामले में एक Live-In Relationship में रह रहा कपल कोर्ट के सामने आया था। उन्होंने कोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी। इस केस की पृष्ठभूमि यह थी कि लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि लड़के ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ रख लिया है। इस मामले में भी लड़के की किसी और महिला से शादी हो रखी थी।

दोनों ने सुरक्षा के लिए पहले पुलिस का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। लड़की के मां-बाप और परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे और दोनों को अपनी जान का खतरा था।

“नैतिकता और कानून दोनों अपनी जगह हैं”: कोर्ट का अहम बयान

इलाहाबाद हाई कोर्ट की दो जजों की पीठ ने इस Live-In Relationship मामले में कहा कि “नैतिकता और कानून दोनों अपनी-अपनी जगह हैं।” कोर्ट ने कहा कि एक शादीशुदा व्यक्ति भी किसी और के साथ, उनकी मर्जी से, साथ रह सकता है।

कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि लड़की बालिग है और लड़के के साथ अपनी मर्जी से रह रही है। किसी बालिग व्यक्ति को यह अधिकार है कि वह अपनी इच्छा से अपना जीवनसाथी या साथी चुन सके। कोर्ट ने दोनों कपल को सुरक्षा देने का आदेश दिया, जो पहले मामले के फैसले से बिल्कुल उलट था।

दो फैसलों में फर्क क्यों: एक जज बनाम दो जजों की पीठ

Live-In Relationship पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के इन दो अलग-अलग फैसलों को समझने के लिए कुछ अहम बातें ध्यान में रखनी होंगी। पहला फैसला 20 मार्च को एक जज की सिंगल बेंच ने दिया, जबकि दूसरा फैसला 25 मार्च को दो जजों की डिवीजन बेंच ने सुनाया। आमतौर पर डिवीजन बेंच का फैसला सिंगल बेंच के फैसले से ज्यादा वजनदार माना जाता है।

दोनों मामलों की परिस्थितियां भी अलग-अलग थीं। पहले मामले में दोनों पक्ष शादीशुदा थे और दोनों ने अपने-अपने जीवनसाथियों को छोड़कर साथ रहना शुरू किया था। दूसरे मामले में लड़की बालिग थी, अपनी मर्जी से रह रही थी और उसे परिवार से जान का खतरा था। कोर्ट ने दूसरे मामले में बालिग महिला की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और उसकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

यह भी पढे़ं 👇

Employees

Punjab Employees Strike: कर्मचारियों की हड़ताल 8वें दिन, 27 अगस्त को होगा महाबंद

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Chandigarh Tiffin Bomb Case

Chandigarh Tiffin Bomb Case: बब्बर खालसा से जुड़े 3 युवक गिरफ्तार

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Bhagwant mann CM Punjab

बड़ा राजनीतिक दांव: Bhagwant Mann अब विरोधियों के गांव में करेंगे Lok Milni

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Breaking News Live Updates 24

Breaking News Live Updates 24 अगस्त 2026: Monday Live, हर बड़ी खबर सबसे पहले

सोमवार, 24 अगस्त 2026
सबसे अहम बात: किसी भी फैसले में Live-In Relationship को गैरकानूनी नहीं कहा

Live-In Relationship पर चल रही इस पूरी बहस में एक बात सबसे अहम है जो हर किसी को समझनी चाहिए। दोनों मामलों में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहीं भी यह नहीं कहा कि Live-In Relationship गैरकानूनी या अपराध है। दोनों फैसले केवल सुरक्षा प्रदान करने या न करने से संबंधित थे।

पहले मामले में कोर्ट ने सुरक्षा इसलिए नहीं दी क्योंकि दोनों शादीशुदा थे और बिना तलाक के किसी और के साथ रहना बायोगमी को बढ़ावा दे सकता था। दूसरे मामले में कोर्ट ने सुरक्षा इसलिए दी क्योंकि लड़की बालिग थी, अपनी मर्जी से साथ रह रही थी और उसकी जान को खतरा था। कोर्ट ने नैतिकता और कानून के बीच फर्क को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया।

आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर

Live-In Relationship पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के ये दोनों फैसले आम लोगों के लिए कई सवालों के जवाब देते हैं और साथ ही कुछ नए सवाल भी खड़े करते हैं। इन फैसलों से यह तो स्पष्ट है कि भारतीय न्यायपालिका Live-In Relationship को अपराध नहीं मानती, लेकिन शादीशुदा लोगों के लिए स्थिति अलग है।

अगर कोई व्यक्ति शादीशुदा है और बिना तलाक लिए किसी और के साथ Live-In Relationship में रहना चाहता है, तो कोर्ट उसे कानूनी सुरक्षा देने से मना कर सकता है। लेकिन अगर कोई बालिग अपनी मर्जी से किसी के साथ रह रहा है और उसकी जान को खतरा है, तो कोर्ट सुरक्षा दे सकता है। ये फैसले उन सभी लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं जो Live-In Relationship में रह रहे हैं या रहने की सोच रहे हैं।

भारत में Live-In Relationship का कानूनी दर्जा क्या है

भारत में Live-In Relationship को लेकर कोई अलग से कानून नहीं बना है। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार अपने फैसलों में कहा है कि दो बालिग लोग अपनी मर्जी से साथ रह सकते हैं और यह कोई अपराध नहीं है। हालांकि जब शादीशुदा लोग बिना तलाक के Live-In Relationship में रहते हैं, तो यह कानूनी जटिलताएं पैदा करता है, क्योंकि भारतीय दंड संहिता (अब भारतीय न्याय संहिता) में बायोगमी (द्विविवाह) को अपराध माना गया है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट के ये दोनों फैसले इसी कानूनी स्थिति को और स्पष्ट करते हैं। Live-In Relationship अपने आप में कोई अपराध नहीं है, लेकिन शादीशुदा लोगों को इसमें प्रवेश करने से पहले अपने पहले विवाह से कानूनी रूप से मुक्त होना जरूरी है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • इलाहाबाद हाई कोर्ट ने Live-In Relationship पर 20 मार्च और 25 मार्च को दो अलग-अलग फैसले दिए।
  • पहले फैसले में शादीशुदा कपल को Live-In में सुरक्षा देने से इनकार किया, कहा: बिना तलाक के अधिकार नहीं।
  • दूसरे फैसले में बालिग लड़की को अपनी मर्जी से रहने का अधिकार माना और कपल को सुरक्षा दी।
  • दोनों फैसलों में कोर्ट ने कहीं भी Live-In Relationship को गैरकानूनी या अपराध नहीं कहा, फर्क सिर्फ सुरक्षा देने में था।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: क्या भारत में Live-In Relationship गैरकानूनी है?

नहीं, भारत में Live-In Relationship गैरकानूनी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार कहा है कि दो बालिग लोग अपनी मर्जी से साथ रह सकते हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी अपने दोनों फैसलों में Live-In Relationship को अपराध नहीं माना।

Q2: क्या शादीशुदा होकर Live-In Relationship में रह सकते हैं?

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि शादीशुदा व्यक्ति को Live-In Relationship में रहने से पहले अपने पति या पत्नी से तलाक लेना होगा, अन्यथा यह बायोगमी (द्विविवाह) को बढ़ावा दे सकता है और कोर्ट सुरक्षा देने से इनकार कर सकता है।

Q3: Allahabad High Court ने Live-In Relationship पर दो अलग फैसले क्यों दिए?

दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग थीं। पहले मामले में दोनों शादीशुदा थे और सिंगल बेंच ने सुरक्षा नहीं दी। दूसरे मामले में लड़की बालिग थी, मर्जी से रह रही थी और जान का खतरा था, इसलिए डिवीजन बेंच ने सुरक्षा दी।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Gold Silver Rate Today: सोने में ₹439 की उछाल, चांदी ₹1989 धड़ाम

Next Post

RBSE 12th Result: 93.88% लाई बेटी, पर खुशियां बन गईं मातम

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Employees

Punjab Employees Strike: कर्मचारियों की हड़ताल 8वें दिन, 27 अगस्त को होगा महाबंद

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Chandigarh Tiffin Bomb Case

Chandigarh Tiffin Bomb Case: बब्बर खालसा से जुड़े 3 युवक गिरफ्तार

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Bhagwant mann CM Punjab

बड़ा राजनीतिक दांव: Bhagwant Mann अब विरोधियों के गांव में करेंगे Lok Milni

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Breaking News Live Updates 24

Breaking News Live Updates 24 अगस्त 2026: Monday Live, हर बड़ी खबर सबसे पहले

सोमवार, 24 अगस्त 2026
Chandrayaan

23 अगस्त का इतिहास: William Wallace Execution से Chandrayaan-3 तक की बड़ी घटनाएं

रविवार, 23 अगस्त 2026
Weather Alert

Weather Alert: बंगाल की खाड़ी में Low Pressure Area, ओडिशा-छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट

रविवार, 23 अगस्त 2026
Next Post
RBSE 12th Result

RBSE 12th Result: 93.88% लाई बेटी, पर खुशियां बन गईं मातम

Rule Change 1 April 2026

Rule Change 1 April 2026: LPG से ATF तक सब महंगा, बड़ा झटका

Iran Attack US

Iran Attack US: Apple-Google पर हमले की धमकी, Trump ने उड़ाया मजाक

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।