Lawrence Bishnoi Film को लेकर देश में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कुख्यात गैंगस्टर Lawrence Bishnoi पर बन रही “Lawrence of Punjab” नामक documentary/TV series का जोरदार विरोध शुरू हो गया है। दिवंगत पंजाबी गायक Sidhu Moosewala के पिता Balkaur Singh ने सरकार के खिलाफ कड़ा रोष जताया है और Punjab Congress अध्यक्ष Amarinder Singh Raja Warring ने इस series के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की है।
देखा जाए तो यह सिर्फ एक film या documentary का मामला नहीं है। यह उस बड़े सवाल से जुड़ा है कि क्या gangsters को glorify करना, उन्हें hero की तरह पेश करना सही है? खासकर जब वह gangster जेल में बैठकर भी extortion, murder और kidnapping करवा रहा हो।
Sidhu Moosewala के पिता का दर्द – “मेरे बेटे को न्याय नहीं, गुंडों को सम्मान”
Balkaur Singh का दर्द साफ दिखता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ परिवार न्याय के लिए लगातार गुहार लगा रहा है, सरकारी दफ्तरों और कोर्ट के चक्कर लगा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ Lawrence Bishnoi जैसे gangster की film बन रही है, documentary बन रही है।
समझने वाली बात यह है कि Balkaur Singh का गुस्सा बेवजह नहीं है। उनके बेटे Sidhu Moosewala की 29 मई 2022 को दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। Lawrence Bishnoi gang ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली थी।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि FIR दर्ज हुए ढाई महीने हो गए लेकिन investigation एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी। जबकि Lawrence Bishnoi की तारीफ में film बन रही है।
“Lawrence का योगदान क्या है देश के लिए?”
Balkaur Singh ने एक बेहद महत्वपूर्ण सवाल उठाया। उन्होंने पूछा, “Lawrence का योगदान क्या है देश के लिए? क्या वह कोई scientist है? कोई general है जिसने युद्ध में देश की सीमा की रक्षा की हो? उसकी पहचान ‘Lawrence of Punjab’ क्यों?”
दिलचस्प बात यह है कि Balkaur Singh ने original T.E. Lawrence की कहानी का जिक्र किया। असली “Lawrence of Arabia” एक British military officer था जिसने World War I में अपने देश के लिए लड़ाई लड़ी थी। उसने Arab tribes के साथ मिलकर Ottoman Empire के खिलाफ संघर्ष किया। कई बड़े शहरों पर कब्जा किया। उसे चार-पांच देशों ने अपने highest awards दिए।
वह युद्ध का एक hero था। लेकिन Lawrence Bishnoi का योगदान क्या है? Extortion के लिए, अपराध के लिए और लोगों में खौफ पैदा करने के लिए उसे इस्तेमाल किया जा रहा है।
Original Lawrence की कहानी से सबक
Balkaur Singh ने बताया कि original Lawrence की film से एक सीख मिलती है – “युद्ध केवल जीत के लिए नहीं होती।” युद्ध का मानव मस्तिष्क पर, समाज पर कई बुरे प्रभाव पड़ते हैं जिनसे हम बच नहीं सकते। युद्ध जीतकर भी हम अंदर-अंदर हार चुके होते हैं।
उस film का उद्देश्य था समाज को बताना कि युद्ध के बुरे प्रभाव क्या होते हैं। लेकिन “Lawrence of Punjab” film का संदेश क्या होगा? क्या यह बताएगी कि एक gangster, Central Government की शक्तिशाली सरकार के रहते, जेल में बैठकर किसी को भी मरवा सकता है? किसी से भी extortion मांग सकता है? किसी का भी बेटा kidnap करवा सकता है?
70-80 मुकदमे दर्ज, फिर भी VIP सुविधाएं
Balkaur Singh ने कड़े शब्दों में कहा, “Lawrence Bishnoi के ऊपर 70 से 80 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। फिर भी वह VIP की तरह सुविधाएं ले रहा है। मैं तो BJP सरकार और Punjab की AAP सरकार दोनों का जनाजा निकलता देख रहा हूं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि AAP सरकार ने भी जेल में उस gangster की CBI inquiry में जिस तरीके से पुश्त-पनाही की, जिस तरीके से उसकी सेवा की, वह मुझे कोई कैदी नहीं लग रहा था। वह एक VIP की तरह सुविधाएं ले रहा था Punjab सरकार से।
चिंता का विषय यह है कि Punjab के DGP साहब उस gangster की खातिर दो बार press conference करके झूठ बोल रहे हैं। और Punjab की सरकार तो झूठ बोलने के लिए मशहूर है।
क्या राजनीतिक सरपरस्ती में पल रहे हैं gangsters?
Balkaur Singh का आरोप गंभीर है। उन्होंने कहा, “जब किसी सरकार की लोकप्रियता घट जाती है, उन्हें पता लगता है कि लोगों में मेरा विरोध है, तो फिर वे गुंडे पालने शुरू कर देते हैं। फिर वे indirectly लोगों को डराना शुरू कर देते हैं।”
यह बेहद गंभीर आरोप है कि सरकारें gangsters को politically protect कर रही हैं। और इसी protection के कारण Lawrence Bishnoi जैसे अपराधी Gujarat की Sabarmati Jail में बैठकर भी अपराध करवा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि Lawrence का अपराध Punjab में होता है, Haryana में होता है, लेकिन वह जेल Gujarat में काटता है। ताकि किसी भी court के trial में हाजिर नहीं होना पड़े।
Amarinder Raja Warring ने भी किया विरोध
Lawrence Bishnoi Film के विरोध में सिर्फ Sidhu Moosewala के परिवार ने ही आवाज नहीं उठाई है। Punjab Congress अध्यक्ष Amarinder Singh Raja Warring ने भी इसका जोरदार विरोध किया है।
Warring ने कहा कि यह TV series न सिर्फ gangster culture को बढ़ावा देगी बल्कि Punjab, Punjabi और Punjabiyat की तौहीन भी होगी। क्योंकि गुरुओं, ऋषियों और पीरों की इस पवित्र धरती को एक खतरनाक gangster के साथ जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि Lawrence Bishnoi और उसका गिरोह मशहूर गायक Sidhu Moosewala समेत सैकड़ों बेगुनाह लोगों की हत्याओं के लिए जिम्मेदार रहे हैं।
नौजवानों को गलत संदेश मिलेगा
Warring ने चेतावनी दी कि यह TV series नौजवानों को गलत संदेश देगी। एक ऐसे व्यक्ति की बड़ाई होगी जिसकी निंदा होनी चाहिए।
यह कला या मनोरंजन का काम नहीं है बल्कि नौजवानों को अपराध की दुनिया की ओर उकसाने वाली एक अपराधिक गतिविधि है।
समझने वाली बात यह है कि Punjab में पहले ही drug problem और youth unemployment बड़ी समस्याएं हैं। ऐसे में अगर gangsters को glorify किया जाएगा तो युवा गलत रास्ते पर जा सकते हैं।
Punjab से Lawrence का कोई लेना-देना नहीं
Warring ने एक महत्वपूर्ण बात कही कि Lawrence Bishnoi का Punjab से कोई लेना-देना नहीं है। वह मूल रूप से Rajasthan का रहने वाला है और इस समय Gujarat की Sabarmati Jail में बंद है।
तो फिर उसे “Lawrence of Punjab” क्यों कहा जा रहा है? यह Punjab की पवित्र धरती को बदनाम करने की साजिश है।
हैरान करने वाली बात यह है कि Lawrence ने Punjab में कुछ अपराध किए हों या Punjab से उसका connection हो, इसलिए नहीं, बल्कि सिर्फ sensationalism के लिए “Punjab” शब्द जोड़ा जा रहा है।
Sidhu Moosewala की खून से लथपथ कार का सियासी इस्तेमाल
Balkaur Singh ने बेहद दर्द भरे शब्दों में कहा, “मैं उस लेखक से कहना चाहता हूं जो मेरे बेटे की लाश वाली कार बार-बार दिखा रहा है – परमात्मा ना करे ऐसा हो, लेकिन कल को तेरा बेटा मरे उस गाड़ी में या किसी नेता का बेटा मरे उस गाड़ी में, तो तुम बार-बार उस परिवार को दिखाओ कि Sidhu को गोलियां ऐसे लगी थीं।”
यह बेहद दर्दनाक बात है। एक पिता को बार-बार अपने बेटे की खून से लथपथ कार देखनी पड़ रही है। Documentary में, किताबों में, films में।
Balkaur Singh ने कहा, “हम उस घटना को भूलकर जिंदगी जीना चाहते हैं। लेकिन तुम पापियों रोज नई परतें उधेड़ते हो। जहां परतें उधेड़नी थीं, जहां investigation करनी थी, वहां से तुमने आंखें मूंद लीं। लेकिन अब पैसे बटोरने के लिए मेरे बेटे के बहते खून को बार-बार जनता के सामने दिखा रहे हो।”
BBC Documentary और किताबों का भी विरोध
यह पहली बार नहीं है जब Balkaur Singh ने विरोध किया है। उन्होंने कहा कि जब BBC ने documentary बनाई, मैंने उसका भी विरोध किया। जब किताबें लिखी गईं, Mann Ghat की गईं, मैंने उनका भी विरोध किया। लेकिन मेरे मुकदमे लटक रहे हैं।
कोई मेरी नहीं सुनता। प्रशासन गंभीर नहीं है इस मामले को लेकर। मुझे शक पड़ता है यह भ्रष्ट है मामला। मेरी कमाई दबाकर, मेरे साथ ही खेला जा रहा है।
चिंता का विषय यह है कि एक senior citizen, करोड़ों रुपए tax देने वाला व्यक्ति अगर सरकार से न्याय नहीं पा सकता तो फिर आम आदमी का क्या होगा?
Court में PIL दाखिल करने की तैयारी
Amarinder Raja Warring ने घोषणा की है कि वे इस TV series के प्रसारण के खिलाफ Punjab and Haryana High Court में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल करेंगे। क्योंकि इससे नौजवानों पर बुरा और खतरनाक असर पड़ सकता है।
Balkaur Singh ने भी कहा कि वे शुरू से ही विरोध कर रहे हैं और court का रुख करेंगे। उन्होंने कहा, “जो भी इस film के खिलाफ बोलेगा, मैं उसका धन्यवाद करता हूं। चाहे वह किसी भी पार्टी का हो। बुराई के खिलाफ तो हम सबको लड़ना है।”
Lawrence Bishnoi के Interviews और प्रशासन की नाकामी
Balkaur Singh ने कड़वा सच बयान किया, “Investigation की बात की जा रही है, Lawrence Bishnoi के interviews हो गए। वह तो किसी के सामने नहीं जाता, हर कोई पल्ला झाड़ रहा कि यहां नहीं हुई, वहां नहीं हुई।”
“उसका कोई लगा तुम्हारे सामने interview हुई। Honorable High Court ने सोचते हुए सारी बात तुम्हारे सामने ला दी। अब अदालत है ना। हमारे विद्वान जजों ने बड़ी गंभीरता से उस मुद्दे को लिया, बड़ी कोशिश की। पर सरकार टस से मस नहीं हुई।”
यह दर्शाता है कि judiciary कोशिश कर रही है लेकिन executive की ओर से cooperation नहीं मिल रहा।
क्या Gangster Culture को Glorify करना सही है?
यह बहस का मुख्य मुद्दा है। देखा जाए तो दुनिया भर में gangsters, mafia और criminals पर films बनती हैं। “The Godfather”, “Scarface”, “Narcos” जैसी कई मशहूर films और series हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या इन films में glorification होता है या फिर अपराध के परिणामों को दिखाया जाता है?
अगर गौर करें तो ज्यादातर अच्छी crime films में यह दिखाया जाता है कि अपराध का अंत बुरा होता है। लेकिन अगर “Lawrence of Punjab” में Lawrence को hero की तरह पेश किया जाएगा तो यह गलत संदेश देगा।
Punjab की छवि और पहचान का सवाल
Punjab की पहचान गुरुओं, शहीदों, किसानों और बहादुर सैनिकों से है। यह वह धरती है जहां से देश को सबसे ज्यादा सैनिक मिलते हैं। यहां के किसान देश को अन्न देते हैं।
हैरान करने वाली बात यह है कि ऐसी पवित्र धरती को एक gangster के नाम से क्यों जोड़ा जा रहा है?
यह Punjab की बदनामी है। और इसीलिए Punjabis को इसका विरोध करना चाहिए।
सरकारों की चुप्पी पर सवाल
Warring ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। अगर सरकारें वाकई gangster culture के खिलाफ हैं तो इस series को ban क्यों नहीं कर रहीं?
क्या यह political protection का मामला है? क्या Lawrence Bishnoi को किसी राजनीतिक संरक्षण में काम करने दिया जा रहा है?
ये गंभीर सवाल हैं जिनका जवाब सरकारों को देना चाहिए।
न्याय की लड़ाई और पीड़ित परिवारों का दर्द
सबसे दुखद पहलू यह है कि Sidhu Moosewala के परिवार को अभी तक न्याय नहीं मिला है। FIR दर्ज हुए ढाई महीने हो गए लेकिन investigation आगे नहीं बढ़ी।
Balkaur Singh का दर्द साफ दिखता है, “एक senior citizen हूं मैं, करोड़ों रुपया tax देने वाला। अगर मेरी सरकार नहीं सुनती तो और किसकी सुनेगी?”
उम्मीद की किरण यह है कि court इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। Balkaur Singh और Warring दोनों ने PIL दाखिल करने का ऐलान किया है।
मुख्य बातें (Key Points)
• Lawrence Bishnoi Film “Lawrence of Punjab” पर Sidhu Moosewala के पिता Balkaur Singh और Congress नेता Amarinder Warring ने विरोध किया
• आरोप है कि gangster को hero की तरह पेश कर Punjab की पवित्र धरती को बदनाम किया जा रहा है
• Balkaur Singh ने कहा कि Lawrence का देश के लिए कोई योगदान नहीं, वह सिर्फ extortion, murder और kidnapping के लिए जाना जाता है
• 70-80 गंभीर मुकदमे होने के बावजूद Lawrence को VIP सुविधाएं मिल रही हैं, राजनीतिक संरक्षण का आरोप
• Amarinder Warring ने Punjab and Haryana High Court में PIL दाखिल करने का ऐलान किया, series पर ban की मांग










