Kunwar Vijay Partap ने बेअदबी सहित अन्य मामलों में Atul Nanda की भूमिका का किया खुलासा

न्यूज ब्यूरो

चंडीगढ़, 20 अप्रैल

पंजाब विधानसभा में उप-नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की विधायक सर्वजीत कौर माणुंके (Bibi Saravjit Kaur Manuke) ने बुधवार को उच्च न्यायालय द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामले में विशेष जांच समिति (एसआईटी) की रिपोर्ट खारिज होने के लिए पंजाब सरकार के महाधिवक्ता अतुल नंदा को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि एसआईटी प्रमुख कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अतुल नंदा की बेअदबी सहित अन्य मामलों में भूमिका का खुलासा कर दिया है।

चंडीगढ़ (Chandigarh) में पार्टी मुख्यालय से मंगलवार को जारी एक बयान में माणुंके ने कहा कि यह वही कुंवर विजय प्रताप सिंह हैं जिन्होंने बरगाड़ी में गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की जांच के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता की थी। उन्होंने पंजाब के महाधिवक्ता और उनके कर्मचारियों की मामले में भूमिका का खुलासा कर दिया है।

उन्होंने कहा कि पूर्व पुलिस अधिकारी द्वारा किए गए खुलासे से पता चला है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद आरोपी को बचाना चाहते थे और ऐसा ही हुआ। कुंवर विजय प्रताप द्वारा किए गए खुलासे का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य के महाधिवक्ता अतुल नंदा अदालत में एक बार भी एसआईटी की रिपोर्ट के पक्ष में नहीं दिखाई दिए। वे छुट्टी लेते रहें। इसके अलावा, एडवोकेट जनरल के कर्मचारियों ने अदालती कार्यवाही के दौरान लाखों रुपये खर्च किए और पांच सितारा होटलों की सुविधाओं का आनंद लिया, लेकिन सिख समुदाय को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया। सरकारी वकीलों ने न्याय के लिए लडऩे वाले आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप के साथ भी बदसलूकी की।

उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से सवाल किया कि जब जांच अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री को सूचित किया था कि महाधिवक्ता अतुल नंदा और उनकी टीम मामले को सही ढ़ंग से कोर्ट में नहीं रख रही है, तो उन्होंने और अतुल नंदा और उनकी टीम क्यों नहीं बदली? कैप्टन अमरिंदर सिंह बताएं कि अतुल नंदा में क्या योग्यता है और वे सरकार को कितने केस जिताएं?

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि एजी अतुल नंदा को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया जाए और उन वकीलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जिन्होंने पुलिस अधिकारी के साथ दुव्र्यवहार किया था एवं मामले के अभियोजन के लिए किए गए खर्च का लेखा-जोखा पंजाब के लोगों के सामने पेश किया जाए।

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