RSS की तुलना Taliban से कर ट्रोल हुए जावेद अख्तर, यूजर्स बोले..

मुंबई, 6 सितंबर (The News Air)
अफ़ग़ानिस्तान पर हथियारों के बूते कब्ज़ा करने वाले कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन Taliban से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तुलना किए जाने पर गीतकार व लेखक जावेद अख्तर लोगों के निशाने पर आ गए हैं। हिंदूवादी संगठनों व बीजेपी ने जावेद अख्तर का विरोध करने के साथ उनसे माफ़ी की मांग की है। इस बीच शिवसेना ने भी अख्तर के बयान को ग़लत ठहराया है।
शिवसेना ने सामना में लिखा लेख-
शिवसेना ने अपने अख़बार सामना में एक लेख के ज़रिये जावेद अख्तर को निशाने पर लिया। लिखा गया कि अगर RSS की विचारधारा तालिबानी होती, तो लाखों मुस्लिम महिलाओं को आज़ादी नहीं मिलती। तीन तलाक़ के ख़िलाफ़ क़ानून नहीं बनता। शिवसेना ने लिखा कि देश में बहुसंख्यक हिंदुओं की आवाज़ को दबाया नहीं जाए। जो हिंदूवादी संगठन देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते हैं, उनकी सोच सौम्य है।
वंदेमातरम गाने पर की थी तारीफ़- शिवसेना ने लिखा कि देश में जब भी राष्ट्रद्रोही गतिविधियां होती हैं, जावेद अख्तर ने ऐसे लोगों के मुखौटे फाड़े हैं। कट्टरपंथियों की परवाह न करते हुए वंदेमातरम गाया है। लेकिन RSS की तुलना तालिबान से करना मंज़ूर नहीं है।
यह था जावेद अख्तर का बयान- एक न्यूज़ पोर्टल को दिए इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने कहा था कि तालिबान बर्बर हैं, उनकी हरकतें निंदनीय हैं। मगर आरएसएस, विहिप और बजरंग दल का समर्थन करने वाले सभी एक जैसे हैं। जावेद अख्तर ने कथित तौर पर यह भी कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है, जनसंख्या भी काफ़ी हद तक धर्मनिरपेक्ष है, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो आरएसएस और वीएचपी जैसे संगठनों का समर्थन करते हैं और नाजियों के समान विचारधारा रखते हैं।
जावेद अख्तर के बयान पर बीजेपी ने की माफ़ी की मांग- जावेद अख्तर के बयान के बाद सियासी परा चढ़ गया है। बीजेपी ने इस बयान पर घोर आपत्ति जताई है। बीजेपी ने गीतकार-लेखक जावेद अख्तर से माफ़ी की मांग की है। कई हिंदूवादी संगठनों ने उनकी फ़िल्म न चलने की धमकी दी है।
सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना- जावेद अख्तर की सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। पढ़िए कुछ कमेंट्स…
-सर RSS उम्र में आपसे बड़ा है। इसका मतलब है कि आप बचपन से इसके साथ रह रहे हैं। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप तालिबान के ख़िलाफ़ एक बार अपना मुंह खोलो।

-इस आदमी और उसके परिवार का बहिष्कार करो…वह भारत में आनंद ले रहा है, उसका पूरा परिवार हिंदुओं से अच्छी कमाई कर रहा है, लेकिन वह भारत और हिंदुओं के ख़िलाफ़ ज़हर उगलता रहता है।

-अगर RSS तालिबान जैसा हो जाएगा, तो भारत में कोई भी कट्टर मुसलमान नहीं रह सकता।

-मुझे लगता है कि इस आदमी को मानसिक शरण में भेज देना चाहिए।

-RSS की तालिबान से तुलना करना हिंदुत्व के ख़िलाफ़ मूर्खता और नफ़रत की निशानी है।

-जावेद अख्तर को याद रखना चाहिए कि अगर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ तालिबानों की तरह होता, तो जावेद अख्तर या किसी भारतीय मुसलमान के लिए भारत में सेलिब्रिटी होना मुश्किल होता।

-हिंदुत्व की विचारधारा से इतना डरते क्यों हैं?

-बॉलीवुड हमेशा हिंदुत्व के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी करता नज़र आता है। अब समय आ गया है कि हमें बॉलीवुड का पूरी तरह से बहिष्कार करना चाहिए।

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