Iran War US Military Losses Bloomberg: अमेरिका की तरफ से ईरान के खिलाफ युद्ध में 90% सफलता का दावा किया जा रहा है, लेकिन अमेरिकी मीडिया हाउस Bloomberg ने एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने रखी है। Bloomberg के मुताबिक 28 फरवरी को जंग शुरू होने से अब तक यानी 21 दिनों में अमेरिका के 16 मिलिट्री एयरक्राफ्ट तबाह या क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इनमें दुश्मन की फायर में 10 MQ-9 Reaper ड्रोन हिट किए गए और आधा दर्जन से अधिक विमानों को बुरी तरह नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान ने Bloomberg की इस रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
Kuwait में F-15: फ्रेंडली फायर का दावा, सवाल बड़े
Kuwait में तीन अमेरिकी F-15 फाइटर जेट गिरे। अमेरिका ने इन्हें ‘फ्रेंडली फायर’ में गिरा बताया, लेकिन यह सफाई सवाल खड़े करती है। दुनिया के सबसे ताकतवर फाइटर जेट्स में से एक F-15 का इस तरह नुकसान उठाना अपने आप में एक बड़ी कहानी है।
यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि अगर यह वाकई फ्रेंडली फायर था, तो तीन-तीन विमान एक साथ कैसे गिरे और इस पर पारदर्शी जांच रिपोर्ट क्यों नहीं आई?
KC-135 Stratotanker: रिफ्यूलिंग विमान पर दोहरी मार
Bloomberg रिपोर्ट के मुताबिक KC-135 Stratotanker को दो अलग-अलग स्थानों पर नुकसान पहुंचा। Iraq में एक KC-135 रिफ्यूलिंग ऑपरेशन के दौरान गिरा, जिसमें सवार छह क्रू मेंबर्स की मौत हो गई। इराक के प्रतिरोध गुट ने इसे मार गिराने का दावा किया था, लेकिन अमेरिका ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह न तो होस्टाइल फायर में गिरा, न ही फ्रेंडली फायर में। घटना की जांच चल रही है।
वहीं Saudi Arabia में एयरफील्ड पर पार्क किए गए KC-135 को ईरानी मिसाइल हमले में क्षतिग्रस्त करने का दावा रिपोर्ट में किया गया है। KC-135 अमेरिकी वायुसेना की aerial refueling की रीढ़ है। 60 से अधिक वर्षों से यह विमान अमेरिकी ऑपरेशन्स में सक्रिय है। इसमें आमतौर पर एक पायलट, एक को-पायलट और बूम ऑपरेटर होता है। कुछ मिशनों में नेविगेटर की जरूरत होती है और विमान 37 यात्रियों को ले जाने में सक्षम है।
Reaper Drone: अमेरिका की ‘अदृश्य आंख’ निशाने पर
Bloomberg रिपोर्ट में General Atomics के बनाए MQ-9 Reaper ड्रोन पर सबसे ज्यादा नुकसान का ब्यौरा है। जंग से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर Bloomberg को बताया कि ईरान ने अब तक नौ Reaper ड्रोन को हवा में मार गिराया है। एक Reaper ड्रोन को Jordan में मिसाइल हमले से जमीन पर ही नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा दो Reaper ड्रोन तकनीकी खराबी के चलते दुर्घटना का शिकार हुए।
Reaper एक बहुउद्देशीय मानवरहित ड्रोन है जो हमले और जासूसी दोनों काम करता है। यह एक बार में 28 से 30 घंटे तक लगातार उड़ सकता है और 3,000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकता है। अफगानिस्तान में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हुआ था। 2020 में बगदाद एयरपोर्ट के बाहर ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी को भी इसी ड्रोन से मारा गया था। यह 500 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है, जो इसे ट्रैक करना बेहद मुश्किल बनाता है।
F-35 पर IRGC का दावा और इमरजेंसी लैंडिंग का सच
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी F-35 फाइटर जेट पर हमला किया। IRGC ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंग्स ने बताया कि विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई और पायलट सुरक्षित हैं। अमेरिका ने अभी तक सीधे तौर पर ईरानी हमले की पुष्टि नहीं की है और घटना की जांच जारी है।
90% सफलता का दावा और ईरान के जवाबी हमले
अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने दावा किया है कि युद्ध की शुरुआत की तुलना में अब ईरान की ओर से होने वाले हमलों में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है और ईरान के 60 प्रतिशत मिसाइल लॉन्चर्स तबाह कर दिए गए हैं। लेकिन Bloomberg की रिपोर्ट एक अलग तस्वीर सामने रखती है।
18 मार्च को ईरान के साउथ पार्ट्स गैस फील्ड पर हमले के जवाब में ईरान ने UAE, Qatar और Saudi Arabia की एनर्जी फैसिलिटी को निशाना बनाया। इन हमलों की तस्वीरें दुनिया के सामने आईं। यानी 60 प्रतिशत लॉन्चर्स तबाह होने के बावजूद ईरान की जवाबी क्षमता बरकरार दिखती है।
आधिकारिक दावे और Bloomberg की रिपोर्ट में अंतर क्यों?
यह जंग अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान के दावों और जमीनी वास्तविकता के बीच एक बड़ी खाई उजागर करती है। 90 प्रतिशत सफलता का दावा करने वाली पेंटागन ने Bloomberg की रिपोर्ट पर एकदम चुप्पी साध ली। यह चुप्पी खुद बहुत कुछ बोलती है।
16 एयरक्राफ्ट का नुकसान, जिसमें F-15 जैसे उन्नत फाइटर जेट, KC-135 जैसे रणनीतिक refueling विमान और Reaper जैसे सामरिक ड्रोन शामिल हैं, किसी भी एकतरफा युद्ध का चित्र नहीं खींचते। छह क्रू मेंबर्स की मौत और एक F-35 की इमरजेंसी लैंडिंग यह बताती है कि यह जंग दोनों पक्षों को महंगी पड़ रही है। Bloomberg की रिपोर्ट बताती है कि वास्तविक नुकसान आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अलग हो सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी से शुरू 21 दिनों की Iran War में अमेरिका के कुल 16 मिलिट्री एयरक्राफ्ट तबाह या क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिसमें दुश्मन की फायर में 10 MQ-9 Reaper ड्रोन और आधा दर्जन से अधिक विमान शामिल हैं।
- Kuwait में तीन F-15 फाइटर जेट गिरे, Iraq में KC-135 पर हमले में 6 क्रू मेंबर्स की मौत और Saudi Arabia में पार्क KC-135 पर ईरानी मिसाइल हमले का दावा।
- ईरान ने 9 Reaper ड्रोन हवा में और 1 Jordan में जमीन पर मिसाइल हमले से नष्ट किए; 2 तकनीकी खराबी से हादसे का शिकार हुए।
- IRGC ने F-35 पर हमले का वीडियो जारी किया, US ने इमरजेंसी लैंडिंग की पुष्टि की लेकिन ईरानी हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की; 18 मार्च को ईरान ने UAE, Qatar और Saudi Arabia की एनर्जी फैसिलिटी पर जवाबी हमले किए।








