Indore EV Charging Blast के एक भयावह हादसे ने बुधवार की सुबह पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। इंदौर के बृजेश्वरी एनेक्स रिहायशी इलाके में सुबह करीब 4 बजे एक घर के बाहर चार्ज हो रही इलेक्ट्रिक गाड़ी के चार्जिंग पॉइंट में अचानक धमाका हो गया। देखते ही देखते आग पूरे घर में फैल गई और अंदर रखे 10 से ज्यादा गैस सिलेंडरों में भी विस्फोट हो गया। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की जलकर मौत हो गई जबकि 3 लोगों को रेस्क्यू टीम ने बचा लिया।
सुबह 4 बजे हुआ भयानक धमाका, मिनटों में घर बना आग का गोला
इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने घटनास्थल पर पहुंचकर पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शुरुआती जांच के मुताबिक घर के बाहर एक इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज हो रहा था। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में अचानक विस्फोट हुआ और आग की लपटें तेजी से गाड़ी से होते हुए घर तक पहुंच गईं।
जो बात इस हादसे को और भी भयावह बना देती है वह यह कि घर के अंदर बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर स्टोर किए गए थे। पुलिस के अनुमान के मुताबिक करीब 10 सिलेंडर घर में मौजूद थे और आग लगने के बाद इनमें से कई में एक के बाद एक धमाके होते चले गए। इसके अलावा घर में कुछ ज्वलनशील केमिकल भी रखे हुए थे जिन्होंने आग को और तेज़ कर दिया।
इलेक्ट्रॉनिक लॉक बने मौत का जाल, अंदर फंसे रह गए लोग
इस Indore EV Charging Blast की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि घर में इलेक्ट्रॉनिक ताले लगे हुए थे। जब धमाके के बाद बिजली कट गई तो ये इलेक्ट्रॉनिक लॉक खुल नहीं सके। घर के बेडरूम और अन्य कमरों में भी इसी तरह की लॉकिंग सिस्टम थी जिसके कारण पूरा घर बंद हो गया और अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जब तक फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं, तब तक आग पूरे घर में फैल चुकी थी। खासतौर पर दूसरी मंजिल पर स्थिति बेहद भयावह थी और एंट्री पॉइंट तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था।
पड़ोसी घर से बनाया रास्ता, SDRF और फायर टीम ने चलाया बचाव अभियान
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान फायर ब्रिगेड, SDRF और पुलिस की टीमों ने मिलकर जान बचाने की पूरी कोशिश की। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही 10 से 15 मिनट के अंदर सभी टीमें मौके पर पहुंच गईं और ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।
चूंकि घर का मुख्य प्रवेश द्वार आग की चपेट में था, इसलिए रेस्क्यू टीम ने बगल वाले घर की टॉप फ्लोर से इस घर की तीसरी मंजिल तक पहुंचने का रास्ता बनाया। तीसरी मंजिल वह फ्लोर था जहां लोग रह रहे थे। वहां से नीचे की तरफ एंट्री बनाई गई और बचाव कार्य लगातार जारी रखा गया। शुरुआती दौर में तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन दुर्भाग्य से 8 लोगों की जलकर मौत हो चुकी थी।
पॉलीमर कारोबारी मनोज पुगलिया का था यह घर
यह घर मनोज पुगलिया का था जो पॉलीमर का कारोबार करते थे। घर में कारोबार से जुड़े कुछ ज्वलनशील केमिकल भी रखे हुए थे जिन्होंने आग को और भयंकर बना दिया। बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों का घर में स्टोर होना भी इस हादसे की गंभीरता बढ़ाने का बड़ा कारण रहा। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर और ज्वलनशील केमिकल रिहायशी इलाके में क्यों रखे गए थे।
EV चार्जिंग की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
Indore EV Charging Blast का यह हादसा एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जिस तेजी से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, उसी अनुपात में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर मानक और नियम भी कड़े किए जाने चाहिए। रिहायशी इलाकों में EV चार्जिंग के दौरान आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन इस बार गैस सिलेंडर और ज्वलनशील केमिकल की मौजूदगी ने एक छोटी चिंगारी को विनाशकारी त्रासदी में बदल दिया।
आम नागरिकों के लिए यह एक चेतावनी है कि घर में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर या ज्वलनशील पदार्थ रखना कितना खतरनाक हो सकता है, खासकर जब पास में इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज हो रहा हो।
आसपास के घरों की भी हो रही जांच
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आग को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया है। फायर ब्रिगेड, SDRF और पुलिस की सभी टीमों ने मिलकर स्थिति को काबू में किया है। सावधानी के तौर पर आसपास के घरों की भी जांच की जा रही है क्योंकि हादसे के दौरान बहुत ज्यादा गर्मी पैदा हुई थी और इस बात की पुष्टि की जा रही है कि पड़ोसी मकानों को कोई नुकसान तो नहीं पहुंचा। पुलिस की विशेष टीम अब विस्तृत जांच में जुटी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- इंदौर के बृजेश्वरी एनेक्स में सुबह करीब 4 बजे EV चार्जिंग पॉइंट में विस्फोट से भीषण आग लगी जिसमें 8 लोगों की मौत हुई और 3 को बचाया गया।
- घर में 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर और ज्वलनशील केमिकल रखे थे जिनमें धमाके होने से आग बेकाबू हो गई।
- इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग सिस्टम बिजली कटने के बाद खुल नहीं सके, जिससे लोग घर के अंदर फंसे रह गए।
- SDRF, फायर ब्रिगेड और पुलिस ने पड़ोसी घर से रास्ता बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और आग को नियंत्रित किया।








