India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच रातों-रात हुई ‘ऐतिहासिक’ ट्रेड डील ने भारतीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि भारत ने अमेरिका के साथ एक बड़ा समझौता किया है, जिसके तहत अमेरिका अब भारतीय सामानों पर सिर्फ 18% टैरिफ लगाएगा। लेकिन इस डील के बदले में ट्रंप ने जो दावा किया है, उसने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है।
ट्रंप का कहना है कि भारत अब रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा और इसके बजाय अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इस दावे के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला है और कहा है कि “मोदी जी ने ट्रंप के सामने सरेंडर कर दिया है।”
‘मोदी जी डरे हुए हैं, उन पर प्रेशर है’
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह डील देश के हित में नहीं है। उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी पर भयंकर प्रेशर है। वो डरे हुए हैं। जिन लोगों ने उनकी इमेज बनाई थी, वही अब उसे तोड़ रहे हैं। यह डील देश के खून-पसीने की कमाई को बेचने जैसा है।”
राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा कि जैसे सीजफायर का ऐलान ट्रंप ने किया था, वैसे ही इस डील का ऐलान भी ट्रंप ने ही किया। “मोदी जी ने खुद क्यों नहीं बताया? यह साफ दिखाता है कि प्रधानमंत्री को कॉम्प्रोमाइज कर दिया गया है।”
क्या है इस ट्रेड डील में?
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ (25% बेस + 25% पेनल्टी) को घटाकर 18% कर दिया है। इसके बदले में:
- भारत अमेरिकी सामानों पर अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को ‘शून्य’ करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
- भारत अमेरिका से $500 अरब से ज्यादा की ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और कृषि उत्पाद खरीदेगा।
- ट्रंप का दावा है कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद कर देगा।
हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में टैरिफ कटौती का स्वागत किया और इसे “शानदार घोषणा” बताया, लेकिन उन्होंने रूसी तेल बंद करने वाली बात पर चुप्पी साधे रखी है। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके खुशी हुई और यह डील दोनों देशों के लिए फायदेमंद है।
रूसी तेल पर सस्पेंस बरकरार
सबसे बड़ा सवाल जो अब उठ रहा है, क्या वाकई भारत अपने पुराने दोस्त रूस से तेल खरीदना बंद करने जा रहा है? ट्रंप के दावे के बाद रूस की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। रूसी अधिकारियों ने कहा है कि ऊर्जा बाजार में उनकी मांग बनी हुई है और वे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जानकारों का मानना है कि अगर भारत सस्ता रूसी तेल खरीदना बंद करता है, तो देश में पेट्रोल-डीजल और बिजली महंगी हो सकती है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। विपक्ष इसी मुद्दे को लेकर सरकार को घेर रहा है।
‘इमेज का गुब्बारा फूट सकता है’
राहुल गांधी ने तीखे शब्दों में कहा, “नरेंद्र मोदी जी की इमेज का जो गुब्बारा हजारों करोड़ रुपये खर्च करके बनाया गया था, वो अब फूट सकता है। सरकार घबराई हुई है और यह साइड शो है।” समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस डील को किसानों के हितों के खिलाफ बताया है।
फिलहाल, सरकार की तरफ से रूसी तेल और $500 अरब की कमिटमेंट पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है। संसद में भी इस मुद्दे पर भारी हंगामे के आसार हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया
- बदले में भारत अमेरिकी सामानों पर ‘जीरो टैरिफ’ करेगा
- ट्रंप का दावा: भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा
- राहुल गांधी का वार: “मोदी जी ने ट्रंप के दबाव में सरेंडर किया”
- PM मोदी ने डील का स्वागत किया, लेकिन रूसी तेल पर कुछ नहीं कहा
- विपक्ष को डर: रूसी तेल बंद होने से भारत में महंगाई बढ़ेगी








