India Top News Today में आज एक नहीं बल्कि कई बड़ी खबरों ने पूरे देश और दुनिया को हिलाकर रख दिया। मिडिल ईस्ट में ईरान ने इज़राइल के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले का जवाब देते हुए खाड़ी देशों के तेल और गैस ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं, जिससे कतर की दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी सुविधा को भारी नुकसान पहुंचा। इसका सीधा असर भारत पर पड़ा: सेंसेक्स 2496 अंक टूटकर 74207 पर बंद हुआ, रुपया ऐतिहासिक गिरावट के साथ 93.31 प्रति डॉलर पर पहुंचा और देशभर में एलपीजी की भयंकर किल्लत ने आम जनता की मुश्किलें और बढ़ा दीं। इधर देश की राजनीति में भी भूचाल आया: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भारी आरोप लगाए, असम में बीजेपी के अपने ही नेताओं ने बगावत का बिगुल बजा दिया और बीजेपी सांसद कंगना रनौत के राहुल गांधी को “टपोरी” कहने पर जबरदस्त विवाद खड़ा हो गया।
ईरान का भीषण जवाबी हमला: खाड़ी देशों में मची तबाही
India Top News Today की सबसे बड़ी खबर मिडिल ईस्ट से आई। इज़राइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर जो हमला किया था, उसने ईरान की हर सीमा को तोड़ दिया। जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने खाड़ी देशों के तेल और गैस क्षेत्रों पर मिसाइलें दागीं। इसमें कतर स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एलएनजी सप्लाई सुविधा रास लफान को भारी नुकसान पहुंचा। कतर के गृह मंत्रालय ने रास लफान में आग लगने की पुष्टि की। इसके अलावा कुवैत की मीना अल अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी में भी आग लगने की खबर आई।
ईरानी सेना इस्लामिक रेवोलूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खातम अल अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने दो टूक चेतावनी दी कि “ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करके हमारे दुश्मनों ने बहुत बड़ी गलती की है। अगर ऐसा दोबारा हुआ तो आपके और आपके सहयोगियों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले तब तक नहीं रुकेंगे जब तक कि वे पूरी तरह तबाह न हो जाएं।”
ट्रंप की सफाई और ईरान के विदेश मंत्री का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इज़राइल के हमले पर सफाई देते हुए कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी। साथ ही उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि अगर वह कतर के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले जारी रखता है तो ईरान की ऊर्जा संपत्ति को उड़ा दिया जाएगा। लेकिन ईरान किसी भी धमकी के आगे झुकने को तैयार नहीं दिखा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका को करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि “यह वॉर ऑफ चॉइस है। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी नीतियों को प्रभावित कर रहे हैं और वाशिंगटन को एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में धकेल रहे हैं।” अरागची ने इसे “इज़राइल फर्स्ट टैक्स” करार दिया, जिसका बोझ आम अमेरिकी नागरिकों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने चेताया कि अभी तक जो 200 अरब डॉलर का खर्च सामने आया है, यह सिर्फ शुरुआत है और आगे चलकर यह ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
इस बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 12 अरब और इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों ने एक अहम बैठक की, जिसमें ईरान से हमले रोकने की मांग करते हुए संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 का हवाला दिया गया। हालांकि, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस जंग को खत्म करने का संकेत दिया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई यह जंग इतनी आसानी से खत्म होगी?
भारत पर भारी असर: सेंसेक्स 2496 अंक गिरा, रुपया ₹93.31 पर
India Top News Today में मिडिल ईस्ट की जंग का सबसे बड़ा असर भारत पर दिखा। शेयर बाजार में भयंकर गिरावट आई। सेंसेक्स 2496 अंकों की गिरावट के साथ 74207 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 775 अंकों की गिरावट के साथ 22302 पर बंद हुआ। पिछले दो-तीन दिनों में जो थोड़ी-बहुत रिकवरी हुई थी, वह पूरी तरह मिट गई।
इसके साथ ही रुपया ऐतिहासिक गिरावट के साथ 93.31 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कांग्रेस ने इसे लेकर मोदी सरकार पर तीखा तंज कसते हुए एक्स पर पोस्ट किया: “$1 = ₹93.31। नरेंद्र मोदी की कड़ी मेहनत से रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। रुपए में ऐसी रिकॉर्ड गिरावट हमारी इकॉनमी और देश की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।”
एलपीजी किल्लत से आम जनता बेहाल, सरकार घिरी
देश में एलपीजी की भयंकर कमी ने आम जनता की मुश्किलें कई गुना बढ़ा दी हैं। जो एलपीजी सिलेंडर पहले आसानी से मिल जाता था, उसे लेने के लिए अब गैस एजेंसियों के सामने लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। एक तरफ विपक्ष लगातार मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ सरकार ने तेल-गैस से जुड़ी जानकारी को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ दिया है।
इसका मतलब है कि अब यह सिर्फ कंपनियों का मामला नहीं रहा, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा विषय माना जा रहा है। सरकार ने कई नए नियम लाए हैं जिनमें ऊर्जा से जुड़ी सभी कंपनियों को अपनी पूरी जानकारी सरकार को देनी होगी: कितना उत्पादन हो रहा है, कितना तेल-गैस बाहर से आ रहा है, कितना स्टॉक बचा है और कितनी खपत हो रही है। सरकार एलपीजी किल्लत को नजरअंदाज करते हुए इसे “अफवाह” बता रही है, जबकि विपक्ष का दावा है कि उसने इसका भांडा पहले ही फोड़ दिया है।
सीएम ममता का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला: 50 से ज्यादा अधिकारी हटाए
India Top News Today में घरेलू राजनीति की सबसे बड़ी खबर पश्चिम बंगाल से आई। विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक्स पर विस्तृत पोस्ट किया।
ममता ने कहा कि “आयोग निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय एक खास राजनीतिक पार्टी के इशारे पर फैसले ले रहा है।” उनका आरोप है कि चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने से पहले ही बंगाल में बड़े पैमाने पर अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। मुख्य सचिव से लेकर डीजीपी, आईजी, डीएम और एसपी तक 50 से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारियों को अचानक हटा दिया गया। इसे सामान्य प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला बताया जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ममता के मुताबिक जिन अधिकारियों को हटाया गया, उन्हीं में से कुछ को बाद में चुनाव पर्यवेक्षक बना दिया गया। सिलीगुड़ी और विधान नगर जैसे बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नर को हटाकर तुरंत नई नियुक्ति नहीं की गई। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद पूरक मतदाता सूची अभी तक जारी नहीं की गई। खुफिया और जांच एजेंसियों के अधिकारियों को चुन-चुनकर हटाया जा रहा है। ममता ने इसे “सोची-समझी रणनीति” बताया जिसका मकसद चुनाव पर असर डालना है।
असम बीजेपी में बगावत: अपने ही नेताओं ने खोला मोर्चा
असम विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही बीजेपी के अंदर भगदड़ मच गई। पार्टी ने 88 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की और उधर झटकों का सिलसिला शुरू हो गया।
सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की रही कि कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को जोरहाट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। उम्मीद थी कि हिमंत यह चुनौती स्वीकार करेंगे, लेकिन लिस्ट आई तो पता चला कि वे अपनी परंपरागत सीट जालूकबारी से ही चुनाव लड़ रहे हैं। विपक्ष ने तंज कसा कि सीएम हार के डर से सेफ सीट की तरफ भाग खड़े हुए।
बीजेपी के लिए असली मुसीबत तब शुरू हुई जब पार्टी ने महज 25 दिन पहले आए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र बोरा और सिर्फ 24 घंटे पहले आए सांसद प्रद्युत बोरदोलाई को टिकट दे दिया। बोरदोलाई को दिसपुर से उम्मीदवार बनाने के लिए पार्टी ने अपने मौजूदा विधायक अतुल बोरा का पत्ता साफ कर दिया। नतीजा तुरंत सामने आया: अतुल बोरा बगावत पर उतर आए और उन्होंने साफ कहा कि वह निर्दलीय लड़ेंगे या कांग्रेस की मदद करेंगे।
इसके साथ ही ढोलई से विधायक निहर रंजन दास ने पार्टी छोड़ दी, जबकि दिग्गज नेता शांतनु भराली ने न्यू गुवाहाटी से निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया। भराली ने तो यहां तक कह दिया कि “असम बीजेपी को अब पूर्व कांग्रेसी चला रहे हैं।” राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बगावत का यह सिलसिला अभी और तेज होगा। बीजेपी के लिए अब दो-दो चुनौतियां खड़ी हो गई हैं: एक तरफ कांग्रेस और दूसरी तरफ अपनी ही पार्टी की खींचतान।
कंगना का राहुल पर “टपोरी” वाला बयान: विपक्ष आगबबूला
India Top News Today में एक और बड़ा विवाद बीजेपी सांसद कंगना रनौत के बयान से खड़ा हुआ। कंगना ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को लेकर अजीबोगरीब टिप्पणी करते हुए कहा: “महिलाओं को उनको देखकर अनकंफर्टेबल फील होता है क्योंकि एकदम टपोरी की तरह वो आते हैं और किसी को भी ‘ए तू’ ऐसे करके तू तड़ाक करते हैं।”
कंगना के इस बयान पर सियासी बवाल मच गया। विपक्ष ने तो यहां तक कह दिया कि कंगना को मनोचिकित्सक की सख्त जरूरत है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि “बीजेपी के अंदर एक अजीब होड़ चल रही है कि कौन सबसे नीचे गिर सकता है, कौन सबसे घटिया कमेंट कर सकता है।” उन्होंने कहा कि “कंगना को दिमाग के डॉक्टर की जरूरत है क्योंकि उनकी कंडीशन बिगड़ती जा रही है।”
शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि “जो खुद ऐसे परिवार से आए हों जहां इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसी महिला लीडरशिप रही हो, उन पर इस तरह का आरोप लगाना हास्यास्पद है।” वहीं IYAC राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु ने कहा कि “कंगना रनौत का मानसिक संतुलन बिगड़ा हुआ है। देश के लीडर ऑफ अपोजिशन के लिए ऐसी बात करना शर्मनाक है।”
बिहार का अगला सीएम कौन: नीतीश की चाल पर सबकी नजर
बिहार की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त हलचल है। सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलें तेज होने के साथ सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
जेडीयू के सांसद और बड़े नेता लगातार नीतीश कुमार से कह रहे हैं कि सीएम की कुर्सी जेडीयू के पास ही रहनी चाहिए। उनको डर है कि अगर जरा सी भी ढील दी गई तो बीजेपी अपना सीएम बनाने में कामयाब हो जाएगी।
एनडीए के सहयोगी जीतन राम मांझी ने बड़ा बयान दिया कि “बिहार का अगला सीएम कौन होगा, इसका फैसला सिर्फ और सिर्फ नीतीश कुमार ही करेंगे।” यानी सहयोगी भी मानते हैं कि नीतीश दिल्ली जाने से पहले अपनी पसंद का सीएम बनाकर जाएंगे ताकि बिहार की सत्ता पर उनकी पकड़ बनी रहे।
लेकिन एक तस्वीर ने सबको चौंका दिया। नीतीश कुमार ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखा और कहा कि “अब इनको ही आगे सब कुछ संभालना है।” इससे दो संभावनाएं निकलती हैं: या तो बीजेपी ने सम्राट चौधरी को सीएम बनाने का भारी दबाव बनाया है, या फिर नीतीश कुमार आखिरी वक्त तक सम्राट का नाम उछालकर बीजेपी को चकमा देने की रणनीति बना रहे हैं ताकि ऐन वक्त पर पासा पलटे और कुर्सी जेडीयू के पास रहे।
सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद: मोदी सरकार पर अभिव्यक्ति की आजादी छीनने का आरोप
India Top News Today में एक और बड़ा विवाद मोदी सरकार के उस फैसले को लेकर खड़ा हुआ जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कई अकाउंट्स बंद कर दिए गए। खासतौर पर उन अकाउंट्स के खिलाफ एक्शन लिया गया जिनके जरिए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे थे और खामियां उजागर की जा रही थीं।
भाविका कपूर नाम की एक यूजर ने साइबर क्राइम विभाग का नोटिस शेयर करते हुए बताया कि “भारत में मेरे एक्स हैंडल को ब्लॉक करवाने के बाद अब बीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ की गई पोस्ट पर पुलिस कार्रवाई के जरिए मुझे डराने की कोशिश कर रही है।”
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे लेकर सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा: “यह अब एक नया ट्रेंड है। सरकार को जो कंटेंट पसंद नहीं आएगा उसे ब्लॉक करवा दिया जाएगा।” उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा: “आप इतने बड़े कायर क्यों हैं? जरा सी भी आलोचना नहीं झेल सकते तो ऐसे काम ही क्यों करते हैं?” उन्होंने चेतावनी दी कि चाहे एपस्टीन फाइल्स हो, अमेरिका के साथ ट्रेड डील हो या कोई और मुद्दा: सवाल आगे भी उठेंगे। “संविधान से मिली अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर यह सबसे बड़ा हमला है।”
अन्य अहम खबरें जो आज बनीं सुर्खियां
दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि बीआरएस की पूर्व नेता के. कविता की नई पार्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़ी अर्जी पर जल्द फैसला करें। वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने दिल्ली के उत्तम नगर मामले पर कहा कि “लोगों ने हिंसा की भारी कीमत चुकाई है। बीजेपी चाहती है कि देश हिंदू-मुसलमान में उलझा रहे।”
शिक्षा संबंधी संसदीय स्थाई समिति की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ कि यूजीसी और एआईसीटीई जैसे संस्थानों में भारी संख्या में पद खाली हैं। कांग्रेस ने वीबीएसए बिल 2025 के मौजूदा स्वरूप पर सात गंभीर सवाल उठाए। यूपी ओबीसी आरक्षण पर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अगली कैबिनेट में मंजूरी मिलेगी और कोई नई गणना नहीं होगी।
जब एक छोटा देश सुपरपावर के सामने खड़ा हो जाए
जाने-माने कार्टूनिस्ट इरफान ने आज अपने कार्टून के जरिए मिडिल ईस्ट की जंग पर तीखी टिप्पणी की। उनका संदेश था: “बड़ा है तो बेहतर है, ये जरूरी नहीं।” ईरान ने अमेरिका जैसी महाशक्ति को बता दिया कि आकार से ताकत नहीं आंकी जाती। अमेरिका दूसरों के कंधों पर रखकर बंदूक चलाता है, लेकिन ईरान के मामले में उसके कई साथी उसका साथ नहीं दे रहे। फ्रांस ने तो खुले तौर पर ईरान पर हमले का कड़ा विरोध किया है। अब देखना यह है कि अमेरिका ईरान वाले मामले पर धीरे-धीरे पूरी तरह अकेला पड़ जाएगा या नहीं।
मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान ने इज़राइल के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले का जवाब देते हुए कतर के रास लफान और कुवैत की रिफाइनरियों पर मिसाइलें दागीं, ट्रंप ने सफाई दी कि अमेरिका को कुछ नहीं पता था।
- भारत में सेंसेक्स 2496 अंक गिरकर 74207 पर बंद हुआ, रुपया ₹93.31 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचा और एलपीजी किल्लत से जनता बेहाल है।
- असम में बीजेपी में बड़ी बगावत: विधायक अतुल बोरा ने निर्दलीय लड़ने का ऐलान किया, निहर रंजन दास ने पार्टी छोड़ी और दिग्गज शांतनु भराली ने भी बगावत की।
- बिहार में सीएम फेस को लेकर खींचतान तेज: जीतन राम मांझी ने कहा फैसला सिर्फ नीतीश कुमार ही करेंगे, नीतीश के सम्राट चौधरी वाले इशारे ने सियासी अटकलें तेज कर दीं।






