India Foreign Policy को लेकर पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार, 12 मार्च को पंजाब विधानसभा में भाजपा नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की विदेश नीति पर जबरदस्त हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में भारत के हितों की रक्षा करने की हिम्मत नहीं है और विदेशी ताकतें हमारी ‘कमजोर’ विदेश नीति को खुलेआम डरा रही हैं।
विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ प्रस्ताव
चंडीगढ़ में पंजाब विधानसभा के सत्र के दौरान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव को सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने सर्वसम्मति से समर्थन दिया, जबकि भाजपा विधायक सदन में अनुपस्थित रहे।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस प्रस्ताव का जोरदार समर्थन करते हुए केंद्र सरकार की अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संभालने की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति ने इस बहस को और भी राजनीतिक रंग दे दिया।
‘विदेशी ताकतें हमें डरा रही हैं, मोदी सरकार चुप’: चीमा
सदन को संबोधित करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने India Foreign Policy पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की विदेश नीति इतनी कमजोर हो चुकी है कि विदेशी ताकतें भारत को लगातार डरा-धमका रही हैं।
चीमा ने कहा कि चाहे पिछले वर्ष सीमा तनाव के दौरान केवल एक ट्वीट के माध्यम से किया गया हस्तक्षेप हो या हाल ही में ईरान में हुई जान-माल की हानि पर सरकार की पूरी तरह चुप्पी, केंद्र सरकार ने साबित कर दिया है कि उसमें भारत के रणनीतिक हितों के लिए मजबूती से खड़े होने का साहस नहीं बचा है।
‘भाजपा भारत को अमेरिका का अधीन बाज़ार बना रही है’
पंजाब के वित्त मंत्री ने अपने तीखे बयान में यह भी कहा कि भाजपा भारत को अमेरिका के लिए एक अधीन बाज़ार बना रही है और देश के लोगों को गुलाम बनाने का काम कर रही है। उन्होंने ऐलान किया कि हम भाजपा को ऐसा नहीं करने देंगे।
चीमा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा ने बार-बार राष्ट्रीय संप्रभुता से ऊपर अपने निजी और पार्टी हितों को रखा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बार-बार अमेरिकी दबाव के आगे झुकती रही है, जिससे भारत वैश्विक मंच पर कमजोर दिखाई दे रहा है। यह बात आम नागरिक को भी समझ में आती है कि जब दुनिया के बड़े मंचों पर भारत मजबूती से अपनी बात नहीं रख पाता, तो इसका सीधा असर देश की आर्थिक और सामरिक ताकत पर पड़ता है।
‘संवेदनशील दस्तावेजों से ब्लैकमेल होने का डर?’
हरपाल सिंह चीमा ने सबसे तीखा हमला करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भाजपा नेतृत्व की लंबी चुप्पी गंभीर आशंकाएं पैदा करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं केंद्र सरकार को संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय दस्तावेजों को लेकर विदेशी ताकतों द्वारा बेनकाब या ब्लैकमेल किए जाने का डर तो नहीं है।
यह आरोप राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बन सकता है, क्योंकि चीमा ने सीधे तौर पर यह इशारा किया कि भाजपा नेतृत्व की चुप्पी के पीछे कोई बड़ी वजह छिपी हो सकती है।
ईंधन और रसोई गैस की कीमतें छुएंगी आसमान: चीमा की चेतावनी
India Foreign Policy की विफलता का सबसे बड़ा खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ेगा, यह बात चीमा ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों ने दशकों से देश के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने में असफलता दिखाई है, जिसके कारण भारत आज कमजोर स्थिति में है।
चीमा ने कहा कि ईरान की ओर से खुले तौर पर तेल आपूर्ति की पेशकश के बावजूद केंद्र सरकार चुप बैठी है। अमेरिका-ईरान टकराव के चलते ईंधन और रसोई गैस की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे देशभर और पंजाब के किसानों, मजदूरों तथा मध्यम वर्ग पर भारी आर्थिक बोझ पड़ेगा। यह वह तबका है जो पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है और ईंधन की बढ़ती कीमतें उनकी कमर तोड़ सकती हैं।
‘भाजपा संघीय ढांचे को नष्ट कर रही है’
वित्त मंत्री चीमा ने भाजपा पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा योजनाबद्ध तरीके से भारत के संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष शासित राज्यों को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा रहा है।
चीमा ने उदाहरण देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। पंजाब के मामले में उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास फंड (RDF) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत पंजाब के हजारों करोड़ रुपये गैरकानूनी तरीके से रोके गए हैं।
अमित शाह की मोगा रैली से पहले भाजपा नेताओं को चुनौती
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मोगा में होने वाली रैली से पहले चीमा ने पंजाब भाजपा के नेताओं को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सुनील जाखड़ और कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित पंजाब भाजपा के नेताओं को गृह मंत्री से पंजाब के रोके गए RDF, NHM और प्रधानमंत्री आवास योजना के फंडों के बारे में सवाल पूछने का साहस दिखाना चाहिए।
यह सीधी चुनौती पंजाब की राजनीति में नई बहस खड़ी कर सकती है, क्योंकि चीमा ने अमित शाह की रैली के ठीक पहले भाजपा को घेरा है।
GST पर भी दबाव की राजनीति का आरोप
हरपाल सिंह चीमा ने जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने वाली समिति में अपने अनुभव को भी सदन के साथ साझा किया। उन्होंने बताया कि पंजाब, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों के कड़े विरोध के बावजूद देर रात की आपात बैठकों में जीएसटी नियमों को जबरन लागू किया गया।
चीमा ने भावुक होते हुए कहा कि पंजाब ने ऐतिहासिक रूप से देश की आजादी और अखंडता के लिए सबसे अधिक बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब एक बार फिर भारत की संप्रभुता, लोकतंत्र और संघीय ढांचे को भाजपा की तानाशाही नीतियों से बचाने के लिए संघर्ष का नेतृत्व करेगा।
इस बयान का आम जनता पर क्या असर पड़ेगा
वित्त मंत्री चीमा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब समेत पूरा देश अमेरिका-ईरान टकराव के कारण ईंधन और रसोई गैस की किल्लत से जूझ रहा है। अगर India Foreign Policy में सुधार नहीं होता और ऊर्जा आपूर्ति का स्थायी समाधान नहीं निकलता, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा बोझ किसानों की खेती की लागत, ट्रांसपोर्ट किराये और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ेगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब विधानसभा में अमेरिका-ईरान टकराव पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित, भाजपा विधायक रहे अनुपस्थित।
- वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि मोदी सरकार की विदेश नीति कमजोर है, विदेशी ताकतें भारत को डरा रही हैं।
- चीमा ने आरोप लगाया कि भाजपा संघीय ढांचे को तोड़ रही है और पंजाब के हजारों करोड़ रुपये गैरकानूनी तरीके से रोके गए हैं।
- ईंधन और रसोई गैस की कीमतें आसमान छूने की चेतावनी दी, कहा कि आम आदमी भुगतेगा भाजपा की कूटनीतिक विफलता का खामियाजा।








