India China Border Talks 2026 – राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval सोमवार को बीजिंग पहुंचेंगे, जहां वे मंगलवार को चीन के विदेश मंत्री और अपने समकक्ष विशेष प्रतिनिधि वांग यी के साथ भारत-चीन सीमा मुद्दे पर बातचीत करेंगे। यह दौरा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सितंबर में प्रस्तावित भारत यात्रा से कुछ हफ्ते पहले हो रहा है। डोवाल और वांग यी दोनों देशों द्वारा सीमा विवाद के हल के लिए नियुक्त विशेष प्रतिनिधि हैं।
दोनों नेताओं के बीच मंगलवार को 25वें दौर की बातचीत होगी। विशेष प्रतिनिधियों को दोनों देशों के बीच जटिल सीमा विवाद और सीमा की निशानदेही से जुड़े मसलों को सुलझाने की जिम्मेवारी दी गई है।
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शी जिनपिंग से भी हो सकती है मुलाकात
सूत्रों के मुताबिक डोवाल अपनी बीजिंग यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात कर सकते हैं। यह बैठक भारत-चीन संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
देखा जाए तो यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब शी जिनपिंग की भारत यात्रा की तैयारियां चल रही हैं।
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BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे शी
शी के 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है, हालांकि चीन द्वारा उनकी यात्रा के बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। यह 2019 के बाद शी की पहली भारत यात्रा होगी।
इससे पहले उन्होंने अक्टूबर 2019 में तमिलनाडु के महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अनौपचारिक शिखर वार्ता की थी।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि अप्रैल 2020 में दोनों देशों की सेनाएं पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर आमने-सामने हो गई थीं।
SCO सम्मेलन में भी मुलाकात संभव
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी के 1 सितंबर को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार इस दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुलाकात की भी संभावना है।
समझने वाली बात है कि भारत और चीन के बीच कई स्तरों पर बातचीत की तैयारी हो रही है।
2005 के समझौते का सन्दर्भ
विदेश मंत्रालय ने अगस्त 2025 में हुई पिछली बैठक के बारे में बयान जारी किया था। इसमें दोनों देशों के बीच 2005 के समझौते का हवाला दिया गया था और कहा गया था कि दोनों पक्ष इस समझौते के अनुसार काम करेंगे।
इसमें यह भी कहा गया था कि समग्र द्विपक्षीय संबंधों का ‘राजनीतिक नजरिये’ से मूल्यांकन करने की जरूरत है और सीमा सवाल के हल के लिए ‘निष्पक्ष, वाजिब और दोनों पक्षों को स्वीकार्य ढांचा’ तैयार करने की कोशिश की जाएगी।
LAC पर शांति बनाए रखने के प्रयास
दोनों देशों ने पिछले साल अगस्त में मौजूदा ‘भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य प्रणाली’ के तहत ‘वर्किंग ग्रुप’ बनाने की घोषणा की थी। इसका काम सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रभावी सीमा प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
मुख्य बातें (Key Points)
- NSA Ajit Doval आज बीजिंग के लिए रवाना
- मंगलवार को वांग यी के साथ 25वीं दौर की वार्ता
- सीमा विवाद और LAC मुद्दे पर होगी चर्चा
- शी जिनपिंग से भी मुलाकात संभव
- सितंबर में BRICS शिखर सम्मेलन में शी की भारत यात्रा
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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