IMD Weather Forecast के अनुसार भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 मार्च 2026 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में इस सप्ताह पूरे भारत के लिए बड़ी मौसम चेतावनी जारी की है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत काम करने वाले IMD ने बताया कि लगातार तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण इस हफ्ते उत्तर-पश्चिम भारत में छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश, गरज के साथ आंधी और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। साथ ही पूर्वोत्तर भारत में भी भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

पिछले 24 घंटों में असम में भारी बारिश, कुर्नूल में पारा 38.5°C पहुंचा
IMD Weather Forecast की रिपोर्ट के मुताबिक 23 मार्च 2026 को सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान असम में कुछ स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई। कोकराझार (असम) में सबसे ज्यादा 9 सेमी और अरुणाचल प्रदेश के होलोंगी में 4 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, इंफाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, उत्तराखंड, हरियाणा, पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात क्षेत्र और कच्छ में कुछ स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश हुई।
तापमान की बात करें तो कुर्नूल (आंध्र प्रदेश) में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.5°C दर्ज किया गया। वहीं रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, आंतरिक गुजरात और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में अधिकतम तापमान 35°C से 38°C के बीच रहा।
भिवानी में सबसे कम तापमान 12°C, राजस्थान में रातें रहीं गर्म
IMD Weather Forecast के आंकड़ों के अनुसार देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 12.0°C भिवानी (हरियाणा) में दर्ज किया गया। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पूर्वी भारत, असम और मेघालय, मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, मिजोरम और त्रिपुरा में रात का तापमान 12 से 18°C के बीच रहा, जबकि देश के बाकी मैदानी इलाकों में यह 18 से 25°C के बीच था।
दिलचस्प बात यह है कि राजस्थान में रातों का तापमान सामान्य से काफी अधिक यानी 3.0°C से 5.1°C ज्यादा रहा। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, गुजरात, असम और मेघालय में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6°C से 3.0°C अधिक रहा। दूसरी तरफ मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा और विदर्भ में रात का तापमान सामान्य से कम रहा।
तीन पश्चिमी विक्षोभ: एक के बाद एक आएंगे तूफान
IMD Weather Forecast में सबसे अहम जानकारी यह है कि इस सप्ताह लगातार तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेंगे। पहला पश्चिमी विक्षोभ इस समय जम्मू और आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है। इसके बाद दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 26 मार्च 2026 से और तीसरा 28 मार्च 2026 की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा।
इसके अलावा कई और मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। मध्य पाकिस्तान के ऊपर निचले क्षोभमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। उत्तर-पूर्वी असम और उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। साथ ही मन्नार की खाड़ी से पश्चिम विदर्भ तक निचले क्षोभमंडल में एक भ्रंश/पवन विच्छिन्नता रेखा फैली हुई है।
उत्तर-पश्चिम भारत: बर्फबारी, तूफानी हवाएं और बारिश का अलर्ट
IMD Weather Forecast के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के लिए इस सप्ताह मौसम काफी अस्थिर रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 26 और 28 मार्च को, हिमाचल प्रदेश में 23 और 26 मार्च को, और उत्तराखंड में 23 और 27 मार्च को छिटपुट बारिश/बर्फबारी, गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तूफानी हवाएं चलने की संभावना है।
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 26 मार्च को और राजस्थान में 28 मार्च को गरज, बिजली और तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी है। सबसे अहम बात यह है कि 29 मार्च को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में काफी व्यापक हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी होगी और उसी दिन पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में भी बारिश के साथ तूफानी हवाओं की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत: भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
IMD Weather Forecast में पूर्वोत्तर भारत के लिए भी गंभीर चेतावनी जारी की गई है। अरुणाचल प्रदेश में 24 मार्च को और असम और मेघालय में 24 और 27 मार्च को छिटपुट से लेकर काफी व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम बारिश, गरज, बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलेंगी।
23 से 25 मार्च के दौरान अरुणाचल प्रदेश में और 23 से 27 मार्च के दौरान असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज और बिजली गिरने की संभावना है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 24, 27 और 28 मार्च को और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 28 मार्च को छिटपुट भारी बारिश की संभावना है।
पूर्वी भारत: पश्चिम बंगाल में ओलावृष्टि और 70 किमी प्रति घंटे के झोंके
पूर्वी भारत के लिए IMD Weather Forecast और भी खतरनाक तस्वीर पेश करता है। 23 से 27 मार्च के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में छिटपुट बारिश, गरज, बिजली और तेज हवाएं चलेंगी। बिहार में 26 और 27 मार्च को, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 27 से 29 मार्च को, और झारखंड और ओडिशा में 27 और 28 मार्च को बारिश की संभावना है।
सबसे गंभीर चेतावनी यह है कि 24 और 27 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में और 27 मार्च को गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में कुछ स्थानों पर गरज के साथ आंधी (50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और 70 किमी प्रति घंटे तक के झोंके) चलने की संभावना है। इसके अलावा 24 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ओलावृष्टि के साथ छिटपुट भारी बारिश होने की भी चेतावनी जारी की गई है।
मध्य, पश्चिमी और दक्षिण भारत का हाल
IMD Weather Forecast के अनुसार मध्य भारत में 26 और 27 मार्च को छिटपुट हल्की बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की संभावना है। पश्चिमी भारत में 23 से 25 मार्च के दौरान मध्य महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में छिटपुट हल्की बारिश, गरज और बिजली गिरने का पूर्वानुमान है।
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 23 से 27 मार्च के दौरान उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में छिटपुट हल्की बारिश, गरज, बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है। 25 से 27 मार्च के दौरान दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में, 26 और 27 मार्च को तेलंगाना में, और 25 से 27 मार्च के दौरान तटीय कर्नाटक में बिजली गिरने की चेतावनी है।
अगले 7 दिनों में तापमान में बड़ी बढ़ोतरी का अनुमान
IMD Weather Forecast में तापमान को लेकर भी अहम पूर्वानुमान दिया गया है, जो आम लोगों को सीधे प्रभावित करेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 4 दिनों में अधिकतम तापमान में 3-5°C की क्रमिक वृद्धि होगी। मध्य भारत में 2-4°C, पूर्वी भारत में 4-6°C (सबसे ज्यादा), पश्चिम भारत में 2-3°C और दक्षिणी प्रायद्वीप में 2-3°C की वृद्धि होने की संभावना है। यानी इस सप्ताह बारिश के साथ-साथ गर्मी भी तेजी से बढ़ने वाली है।
केरल में 23 से 26 मार्च के दौरान और कोंकण में 23 और 24 मार्च को कुछ इलाकों में गर्म और आर्द्र मौसम की चेतावनी भी जारी की गई है।
दिल्ली-NCR: 23 से 26 मार्च तक का पूर्वानुमान
IMD Weather Forecast में दिल्ली-NCR के लिए 23 से 26 मार्च तक का विस्तृत पूर्वानुमान भी जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमान में 2-3°C की वृद्धि हुई है। अधिकतम तापमान 28-30°C और न्यूनतम 16-18°C के बीच रहा। दिल्ली भर में कई जगहों पर बहुत हल्की बारिश भी दर्ज की गई।
23 मार्च (आज): आसमान बादलों से घिरा रहेगा। दोपहर में बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान 26-28°C रहेगा, जो सामान्य से काफी नीचे रहेगा। उत्तर-पश्चिम दिशा से 15 किमी प्रति घंटे तक हवा चलेगी।
24 मार्च: आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 30-32°C और न्यूनतम 16-18°C रहेगा। दोपहर में उत्तर-पश्चिम दिशा से 20 किमी प्रति घंटे तक हवा चलेगी।
25 मार्च: आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। अधिकतम 31-33°C और न्यूनतम 16-18°C रहेगा। तापमान सामान्य के करीब बना रहेगा।
26 मार्च: यह दिल्ली के लिए सबसे अहम दिन होगा। आसमान बादलों से घिरा रहेगा और गरज/बिजली के साथ बहुत हल्की बारिश/बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान 32-34°C और न्यूनतम 17-19°C रहेगा। अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर (1.6 से 3.0°C) रहेगा।
ओलावृष्टि और तूफान से क्या होगा नुकसान: IMD की चेतावनी
IMD Weather Forecast में संभावित प्रभावों की भी विस्तृत जानकारी दी गई है। आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से पेड़ों की शाखाएं टूटने, सड़क किनारे लगे बड़े पेड़ उखड़ने, बड़ी-बड़ी सूखी टहनियां गिरने और खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका है। केले और पपीते के पेड़ों को मामूली से लेकर गंभीर नुकसान हो सकता है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से बागानों, बागवानी और खड़ी फसलों को भी नुकसान होगा।
शाखाएं टूटने से बिजली और संचार लाइनों को मामूली से लेकर गंभीर नुकसान होगा। खुले स्थानों पर ओलों से लोगों और मवेशियों को चोट लग सकती है। तेज हवाओं से कमजोर ढांचों, कच्चे मकानों, दीवारों और झोपड़ियों को भी नुकसान का खतरा है।
भारी बारिश से निचले इलाकों और नदी तटों में जलभराव/बाढ़, नगरपालिका सेवाओं (पानी, बिजली) में व्यवधान, यातायात प्रवाह में बड़ी रुकावट, प्रमुख सड़कों/स्थानीय ट्रेनों पर असर, पुरानी इमारतों और अनुरक्षित संरचनाओं को खतरा, और निचले जल पुलों वाली सड़कों के बंद होने की आशंका है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
IMD Weather Forecast में किसानों के लिए भी अहम कृषि-मौसम परामर्श जारी किया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में ओलावृष्टि से बचाव के लिए फलों के बगीचों और सब्जियों के पौधों पर हेल नेट या हेल कैप लगाने की सलाह दी गई है। अरुणाचल प्रदेश में पत्ता गोभी, मटर, सरसों और देर से पकने वाली धान की कटाई करें और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
असम में खड़ी फसलों के खेतों से अतिरिक्त वर्षा जल निकालने, मेघालय में सब्जी-वर्गीय फसलों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करने और बागवानी फसलों को स्टेकिंग और प्रॉपिंग से सहारा देने की सलाह दी गई है। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या तिरपाल से ढकें और ठीक से बांधकर रखें ताकि तेज हवाओं से नुकसान न हो।
महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में गर्म और आर्द्र मौसम को देखते हुए आम और काजू के पेड़ों को प्रति सप्ताह 100 लीटर पानी प्रति वृक्ष या 15 दिनों के अंतराल पर 150 से 200 लीटर पानी देने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भारी बारिश और ओलावृष्टि के दौरान पशुओं को शेड के अंदर रखने और संतुलित आहार देने तथा चारे और पशु आहार को सुरक्षित स्थान पर रखने की हिदायत दी गई है।
IMD ने बताए बचाव के उपाय
IMD Weather Forecast के साथ मौसम विभाग ने आम लोगों के लिए कई जरूरी सुझाव भी दिए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें। घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और संभव हो तो यात्रा से बचें। सुरक्षित आश्रय लें लेकिन पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें।
कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और न ही कंक्रीट की दीवारों से टेक लगाकर खड़े हों। बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें। तुरंत पानी से बाहर निकल जाएं और बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को अपनी आवाजाही सीमित रखने और यातायात को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने की भी सलाह दी गई है।
आम जनता पर इस मौसम का क्या पड़ेगा असर?
IMD Weather Forecast की यह चेतावनी करोड़ों भारतीयों को सीधे प्रभावित करने वाली है। एक तरफ तीन पश्चिमी विक्षोभ लगातार उत्तर-पश्चिम भारत से टकराएंगे, जिससे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश-आंधी का दौर चलेगा। दूसरी तरफ पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश, ओलावृष्टि और 70 किमी प्रति घंटे तक के हवा के झोंके जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर सकते हैं।
किसानों के लिए यह सप्ताह बेहद चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि खड़ी फसलों, बागानों और बागवानी को भारी नुकसान हो सकता है। शहरी इलाकों में बिजली-पानी की सप्लाई प्रभावित होने, सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। दिल्ली-NCR वालों को 26 मार्च को गरज-बिजली के साथ बारिश के लिए तैयार रहना चाहिए, जबकि उसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- तीन पश्चिमी विक्षोभ इस सप्ताह एक के बाद एक उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेंगे: पहला अभी सक्रिय है, दूसरा 26 मार्च से और तीसरा 28 मार्च की रात से आएगा।
- असम में भारी बारिश (7-11 सेमी) दर्ज हुई, कुर्नूल (आंध्र प्रदेश) में देश का सबसे अधिक तापमान 38.5°C रिकॉर्ड।
- 24 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में ओलावृष्टि की चेतावनी; 50-60 किमी प्रति घंटे की आंधी और 70 किमी प्रति घंटे तक के झोंकों का अलर्ट।
- पूर्वी भारत में अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में 4-6°C की सबसे ज्यादा वृद्धि होगी।
- दिल्ली में 26 मार्च को गरज-बिजली के साथ बारिश की संभावना, तापमान 32-34°C तक पहुंचेगा।








