IMD Weather Forecast के अनुसार भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 अक्टूबर 2026 को जारी अपनी ताजा प्रेस रिलीज में देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से 6 से 11 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में व्यापक बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
अगर गौर करें तो पिछले 24 घंटों में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अत्यंत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है, जबकि असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, केरल और कर्नाटक के तटीय इलाकों में भारी बारिश (7-11 सेमी) हुई है। यह स्थिति आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकती है।
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‘उत्तर-पश्चिम भारत और हिमालयी राज्यों में तूफानी मौसम का खतरा’
देखा जाए तो आईएमडी के अनुसार 6 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में व्यापक बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जो 9 अक्टूबर को दोबारा लौटेगी। हिमाचल प्रदेश में 6 से 11 अक्टूबर तक और उत्तराखंड में 5 से 11 अक्टूबर तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश हो सकती है।
समझने वाली बात यह है कि इन पहाड़ी राज्यों में 6 अक्टूबर को बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जो झोंकों में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में भी 6-7 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
‘क्षेत्रवार मौसम चेतावनी का विस्तृत विवरण’
आईएमडी द्वारा जारी क्षेत्रवार मौसम अलर्ट को नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:
| क्षेत्र | प्रभावित राज्य | अवधि | मुख्य चेतावनी |
|---|---|---|---|
| उत्तर-पश्चिम भारत | जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड | 6-11 अक्टूबर | व्यापक बारिश/बर्फबारी, 60 किमी/घंटा हवाएं, बिजली |
| मैदानी इलाके | हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब | 6-11 अक्टूबर | गरज-चमक, 50 किमी/घंटा हवाएं, हल्की बारिश |
| पूर्वी भारत | प. बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड, ओडिशा | 5-11 अक्टूबर | भारी बारिश, मध्यम-गंभीर बिजली गतिविधि |
| उत्तर-पूर्व भारत | अरुणाचल, असम, मेघालय | 5-11 अक्टूबर | भारी बारिश, गरज-चमक |
| दक्षिण भारत | तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र | 5-11 अक्टूबर | अत्यंत भारी बारिश, 60 किमी/घंटा हवाएं |
| मध्य भारत | छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ | 6-10 अक्टूबर | छिटपुट बारिश, गरज-चमक |
‘दिल्ली-NCR में अगले 4 दिनों का मौसम: तापमान और बारिश का पूर्वानुमान’
और बस यहीं से शुरू हुई असली कहानी: दिल्ली-NCR के निवासियों के लिए राहत की बात यह है कि अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट आएगी। 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 35-37 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जो सामान्य से 1.6 से 3.0 डिग्री अधिक है। लेकिन 6 अक्टूबर को आसमान में बादल छाएंगे और शाम तक हल्की बूंदाबांदी के साथ गरज-चमक की संभावना है। इस दिन अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री और न्यूनतम 21-23 डिग्री रहने का अनुमान है।
7 और 8 अक्टूबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 33-35 डिग्री और न्यूनतम 21-23 डिग्री के बीच रहेगा। हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर बदलेगी और गति 12-15 किमी प्रति घंटे के बीच रहेगी।
‘दक्षिण भारत में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट’
दिलचस्प बात यह है कि दक्षिण भारत में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 अक्टूबर को अत्यंत भारी बारिश (115.6 से 204.4 मिमी) की चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में 5-6 अक्टूबर को भारी बारिश और 9-10 अक्टूबर को दोबारा भारी बारिश की संभावना है।
केरल और लक्षद्वीप में 5 से 11 अक्टूबर तक लगातार व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 5-8 अक्टूबर तक तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
‘मॉनसून की वापसी और कृषि पर प्रभाव का विश्लेषण’
यदि इस मौसमी बदलाव का कृषि और आर्थिक दृष्टिकोण से विश्लेषण किया जाए, तो दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की रेखा अभी सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनई से होकर गुजर रही है। इसका मतलब है कि देश के उत्तरी हिस्सों से मॉनसून लगभग विदा हो चुका है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है।
कृषि विशेषज्ञों के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है। कर्नाटक में धान, सुपारी, मक्का और अदरक की फसलों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। तमिलनाडु में केले की फसल को सहारा देने और केरल में धान, नारियल और काली मिर्च की फसलों को जलभराव से बचाने के निर्देश जारी किए गए हैं। पशुपालकों को भी भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड में रखने और चारे को सुरक्षित स्थान पर भंडारित करने की सलाह दी गई है।
‘क्या है पृष्ठभूमि’
अक्टूबर का महीना भारत में मौसमी संक्रमण का समय होता है। एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई हो रही होती है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने लगते हैं, जो भूमध्यसागरीय क्षेत्र से उत्पन्न होकर पश्चिमी हिमालय तक पहुंचते हैं। इसी वजह से अक्टूबर के पहले और दूसरे हफ्ते में उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में अचानक मौसम बदल जाता है, जबकि दक्षिण भारत में लौटते मॉनसून की वजह से भारी बारिश का दौर जारी रहता है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय: 6 से 11 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में व्यापक बारिश और बर्फबारी का अलर्ट।
- दिल्ली-NCR में बदलाव: 6 अक्टूबर को बादल, हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना, तापमान में गिरावट शुरू।
- दक्षिण भारत में रेड अलर्ट: कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में अत्यंत भारी बारिश, 60 किमी/घंटा की तेज हवाएं।
- कृषि सलाह: सभी प्रभावित राज्यों में फसलों की जल निकासी, सहारा देने और कटाई को शुष्क अवधि में करने की सलाह।










