India Meteorological Department ने शुक्रवार, 9 मई 2026 को देश के विभिन्न हिस्सों के लिए मौसम की महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम भारत में आंधी-तूफान, दक्षिण भारत में भारी बारिश और पश्चिमी राजस्थान-गुजरात में लू (Heat Wave) की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। विभाग ने आम जनता और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, 11 से 14 मई के बीच उत्तर-पश्चिम भारत में बिखरे से लेकर काफी व्यापक इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, आंधी, बिजली और 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। वहीं, केरल, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में अगले 7 दिनों तक बिखरी बारिश और गरज के साथ तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
देखा जाए तो, इस बार मौसम का मिजाज़ देश के अलग-अलग हिस्सों में बिल्कुल विपरीत नज़र आ रहा है। एक तरफ जहां उत्तर और दक्षिण भारत बारिश की बौछारों के लिए तैयार हो रहे हैं, वहीं राजस्थान और गुजरात के लोगों को गर्मी की मार झेलनी पड़ रही है।

पिछले 24 घंटे में कहां-कहां हुई बारिश
भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 8 मई की सुबह 8:30 बजे से लेकर 9 मई की सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली। तमिलनाडु के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। झारखंड, केरल और माहे तथा तटीय कर्नाटक में भी अलग-अलग जगहों पर 11 से 20 सेंटीमीटर तक की भारी बारिश हुई।
दिलचस्प बात यह है कि बिहार, झारखंड, पश्चिम मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मराठवाड़ा, पूर्व मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल तथा उत्तर आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग स्थानों पर 50 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज़ हवाओं के साथ आंधी-तूफान का अनुभव किया गया।
केरल के पथानामथिट्टा जिले के कुरुदामन्निल में 7 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि असम और मेघालय के पूर्वी गारो हिल्स जिले के विलियमनगर में 6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। और बस यहीं से शुरू हुआ मौसम के बदलते तेवर का असली खेल।
ओलावृष्टि की मार झेल रहे ये राज्य
पूर्व मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा और बिहार के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की सूचना मिली है। किसानों के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि ओलावृष्टि से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। IMD ने 9 मई को बिहार और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, 11 और 12 मई को जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद तथा 12 और 13 मई को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है।
तापमान का हाल: कहां गर्मी, कहां राहत
अगर गौर करें तो पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान का रुख भी काफी दिलचस्प रहा। कल (8 मई को) पश्चिम राजस्थान, गुजरात राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और उससे ऊपर रहा। मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों और मराठवाड़ा, रायलसीमा, विदर्भ, तेलंगाना के अलग-अलग स्थानों पर भी पारा 40 डिग्री को छू गया।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि राजस्थान के फलोदी (Phalodi) में देश का सबसे अधिक तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, देश के बाकी हिस्सों में तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और निकटवर्ती मैदानी इलाकों, इंडो-गंगा के मैदानों, उत्तर और पूर्वोत्तर भारत तथा पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना रहा।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार के कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक कम रहा। हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पूर्व मध्य प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर तापमान सामान्य से 3.0 से 5.0 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
रात का न्यूनतम तापमान हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, असम और मेघालय, मणिपुर तथा तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में 13 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। देश के मैदानी इलाकों के बाकी हिस्सों में यह 20 से 26 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहा।
मौसम तंत्र: क्यों हो रहा है यह सब
समझने वाली बात यह है कि इस तरह के विविध मौसम परिवर्तन के पीछे कई मौसम तंत्र (Weather Systems) काम कर रहे हैं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों में निचले और मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण (Upper Air Cyclonic Circulation) स्थित है। इसी तरह, पूर्वी राजस्थान और पूर्वी मध्य प्रदेश तथा आसपास के क्षेत्रों में भी निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।
पूर्वी राजस्थान से पूर्वी झारखंड तक निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में एक गर्त (Trough) चल रहा है। दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप के पास केरल तट के पास निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में भी एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण स्थित है।
खास बात यह है कि मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के निकटवर्ती क्षेत्रों में निचले और मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण है। इसके प्रभाव में, 11 मई 2026 के आसपास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (Southwest Bay of Bengal) में एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है।
इसके अलावा, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप के पास केरल तट के पास ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण से मराठवाड़ा तक निचले ट्रोपोस्फेरिक स्तरों में पूर्वी हवाओं में एक गर्त चल रहा है। 10 मई 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत: आंधी-तूफान का दौर
उपरोक्त मौसम तंत्रों के प्रभाव में, उत्तराखंड में 9 और 10 मई को तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 10 मई को हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी, बिजली और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है।
11 से 14 मई के दौरान जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बिखरी से लेकर काफी व्यापक हल्की से मध्यम बारिश/बर्फबारी के साथ अलग-अलग स्थानों पर आंधी, बिजली और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं का अनुमान है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 11 से 14 मई के दौरान तथा उत्तर प्रदेश में 12 से 14 मई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत: बारिश का सिलसिला जारी
असम और मेघालय में 10 से 15 मई के दौरान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 12 से 15 मई के दौरान तथा अरुणाचल प्रदेश में 11 से 15 मई को बिजली के साथ बिखरी से लेकर काफी व्यापक हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की आशंका है।
अरुणाचल प्रदेश में 12 से 15 मई के दौरान, असम और मेघालय में 11 से 15 मई के दौरान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 15 मई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इससे भी आगे जाकर, असम और मेघालय में 14 और 15 मई को बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की गई है।
पूर्वी भारत: तूफानी हवाओं का अलर्ट
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 9 से 15 मई तथा गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 9 और 10 मई को काफी व्यापक से व्यापक हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी, बिजली और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में 9 से 15 मई के दौरान बिखरी से अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी, बिजली और तेज हवाओं की आशंका है।
राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने Thundersquall (तूफानी हवाओं की चेतावनी जिसमें हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक जा सकते हैं) गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 9 और 10 मई को, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में 9 मई को, बिहार में 9, 12 और 13 मई को जारी की है।
मध्य और पश्चिम भारत: छिटपुट बारिश
मध्य प्रदेश में 9 मई को, विदर्भ में 9 और 10 मई को तथा छत्तीसगढ़ में 9 से 13 मई तक अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी, बिजली और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 9 और 10 मई को Thundersquall (50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की आशंका जताई गई है। महाराष्ट्र में अगले 2 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है।
दक्षिण भारत: लगातार बारिश का दौर
तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल, केरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 9 से 13 मई के दौरान बिखरी से लेकर काफी व्यापक आंधी, बिजली और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा में 9 से 13 मई के दौरान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 से 11 मई के दौरान, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तटीय कर्नाटक में 9 और 10 मई को बिखरी से अलग-अलग स्थानों पर आंधी, बिजली और तेज हवाओं की आशंका है।
तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल तथा केरल और माहे में अगले 7 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। लक्षद्वीप में 9 और 10 मई को तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम एवं रायलसीमा में 14 और 15 मई को भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में 9, 14 और 15 मई को तथा केरल और माहे में 14 और 15 मई को बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) की चेतावनी जारी की गई है।
तापमान में बदलाव: कहां बढ़ेगी गर्मी
उत्तर-पश्चिम भारत में 9 से 15 मई के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि की संभावना है। मध्य भारत में 9 से 15 मई के दौरान अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। पूर्वी भारत में 10 मई तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन 11 से 14 मई के दौरान धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
गुजरात में 10 मई तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि और 11 से 15 मई के दौरान कोई खास बदलाव नहीं होने का अनुमान है। देश के बाकी हिस्सों में 15 मई 2026 तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है।
Heat Wave की चेतावनी: राजस्थान-गुजरात में लू का कहर
चिंता का विषय यह है कि पश्चिम राजस्थान में अगले 7 दिनों तक, पूर्वी राजस्थान में 12 से 15 मई के दौरान, पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 और 13 मई को तथा गुजरात राज्य में 9 से 14 मई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर लू (Heat Wave) की स्थिति बनने की संभावना है। पश्चिम राजस्थान में 10 से 14 मई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर गर्म रात (Warm Night Conditions) की स्थिति भी बनी रह सकती है। कोंकण और गोआ में 9 और 10 मई को अलग-अलग स्थानों पर गर्म और नम मौसम की स्थिति रहने की संभावना है।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
India Meteorological Department ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे 9 मई से 14 मई 2026 के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों में समुद्र में न जाएं:
बंगाल की खाड़ी: 11 मई को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अलग-अलग हिस्सों में; 12 मई को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और निकटवर्ती दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, श्रीलंका तट के साथ और मन्नार की खाड़ी तथा कोमोरिन क्षेत्र के निकटवर्ती भागों में; 13 मई को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और निकटवर्ती दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु, श्रीलंका तटों के साथ और मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र में।
अरब सागर: 9 और 10 मई को केरल तट के साथ और लक्षद्वीप क्षेत्र, पूर्व-मध्य अरब सागर के निकटवर्ती भागों और कोमोरिन क्षेत्र में; 13 मई को दक्षिण केरल तट के साथ, लक्षद्वीप क्षेत्र के कुछ हिस्सों में।
दिल्ली/NCR के लिए विशेष मौसम पूर्वानुमान
दिल्ली और एनसीआर के लोगों के लिए भी मौसम विभाग ने 9 से 12 मई तक का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। 9 मई 2026 को मुख्य रूप से साफ आसमान रहने की संभावना है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान अधिकांश स्थानों पर सामान्य से कम (-1.6 से -3.0 डिग्री सेल्सियस) और अलग-अलग स्थानों पर सामान्य से काफी कम (-3.1 से -5.0 डिग्री सेल्सियस) रहेगा।
10 मई 2026 को मुख्य रूप से साफ आसमान रहने की संभावना है। दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
11 मई 2026 को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और शाम की ओर आकाश आम तौर पर बादलों से ढका रहेगा। शाम/रात में आंधी/बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक) के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना है। दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
12 मई 2026 को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और दोपहर की ओर आकाश आम तौर पर बादलों से ढका रहेगा। दोपहर/शाम में आंधी/बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और झोंके 50 किमी प्रति घंटे तक) के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना है। दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
आंधी-तूफान और बिजली से होने वाले प्रभाव और सावधानियां
आंधी, बिजली और तेज हवाओं (30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार, thunderstorms के दौरान अस्थायी रूप से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने वाली धूल भरी सतही हवाओं) की संभावना को देखते हुए सावधान रहने और एहतियाती उपाय करने की सलाह दी जाती है।
पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, बड़े रास्ते के किनारे के पेड़ उखड़ सकते हैं, पेड़ों से बड़ी मृत शाखाएं गिर सकती हैं, खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है, शाखाओं के टूटने के कारण बिजली और संचार लाइनों को मामूली से बड़ा नुकसान हो सकता है, तेज हवाओं के कारण संवेदनशील संरचनाओं को आंशिक नुकसान हो सकता है, ढीली वस्तुएं उड़ सकती हैं।
लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की बिगड़ती स्थिति पर नज़र रखें और तदनुसार सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहें, घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाज़े बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें, सुरक्षित आश्रय लें; पेड़ों के नीचे आश्रय न लें, कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों के सहारे न खड़े हों, बिजली/इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करें, तुरंत पानी के स्रोतों से बाहर निकलें, बिजली संचालित करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।
ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं से होने वाले प्रभाव
छत्तीसगढ़ में 9 और 10 मई को, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 9 और 10 मई को, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में 9 मई को, बिहार में 9, 12 और 13 मई को Thundersquall (50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं और झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में 11 और 12 मई को, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 12 और 13 मई को, बिहार और झारखंड में 9 मई को अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका है।
पेड़ों की शाखाएं टूट सकती हैं, बड़े रास्ते के किनारे के पेड़ उखड़ सकते हैं, पेड़ों से बड़ी मृत शाखाएं गिर सकती हैं, खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है, केला और पपीता के पेड़ों को मामूली से बड़ा नुकसान हो सकता है, शाखाओं के टूटने के कारण बिजली और संचार लाइनों को मामूली से बड़ा नुकसान हो सकता है, तेज हवा/ओलावृष्टि रोपण, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है, ओलावृष्टि खुले स्थानों पर लोगों और मवेशियों को घायल कर सकती है, तेज हवाओं के कारण संवेदनशील संरचनाओं को आंशिक नुकसान हो सकता है, कच्चे मकानों/दीवारों और झोपड़ियों को मामूली नुकसान हो सकता है, ढीली वस्तुएं उड़ सकती हैं।
भारी/बहुत भारी बारिश से होने वाले प्रभाव
अरुणाचल प्रदेश में 12 से 15 मई के दौरान, असम और मेघालय में 11 से 15 मई के दौरान, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 15 मई के दौरान असम और मेघालय में 14 और 15 मई को बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल तथा केरल और माहे में अगले 7 दिनों तक, लक्षद्वीप में 9 और 10 मई को तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम एवं रायलसीमा में 14 और 15 मई को तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में 9, 14 और 15 मई को, केरल और माहे में 14 और 15 मई को बहुत भारी बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
सड़कों पर स्थानीय बाढ़, निचले इलाकों में जल भराव और मुख्य रूप से शहरी क्षेत्रों में अंडरपास बंद होने की आशंका है। भारी बारिश के कारण दृश्यता में कभी-कभी कमी हो सकती है। सड़कों पर जल भराव के कारण प्रमुख शहरों में यातायात बाधित हो सकता है, जिससे यात्रा का समय बढ़ सकता है। कच्ची सड़कों को मामूली नुकसान हो सकता है। संवेदनशील संरचना को नुकसान की संभावना है। स्थानीय भूस्खलन/कीचड़ स्खलन/भूस्खलन/कीचड़ स्खलन/भू-धंसाव/कीचड़ धंसाव हो सकता है। जलमग्नता के कारण कुछ क्षेत्रों में बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। इससे कुछ नदी कैचमेंट में नदी में बाढ़ आ सकती है।
लोगों को सलाह दी जाती है कि अपने गंतव्य के लिए निकलने से पहले अपने रास्ते पर यातायात की भीड़ की जांच करें, इस संबंध में जारी किसी भी यातायात सलाह का पालन करें, उन क्षेत्रों में जाने से बचें जो अक्सर जल भराव की समस्याओं का सामना करते हैं, संवेदनशील संरचना में रहने से बचें।
लू (Heat Wave) से होने वाले प्रभाव और सावधानियां
पश्चिम राजस्थान में अगले 7 दिनों तक, पूर्वी राजस्थान में 12 से 15 मई के दौरान, पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 और 13 मई को तथा गुजरात राज्य में 9 से 14 मई के दौरान अलग-अलग स्थानों पर लू की स्थिति बनने की संभावना है।
उच्च तापमान और जो लोग लंबे समय तक धूप में रहते हैं या भारी काम करते हैं, उनमें गर्मी की बीमारी के लक्षणों की संभावना बढ़ जाती है। कमजोर लोगों जैसे शिशुओं, बुजुर्गों, पुरानी बीमारियों वाले लोगों के लिए उच्च स्वास्थ्य चिंता। गर्मी के संपर्क से बचें – ठंडा रखें। निर्जलीकरण से बचें। पर्याप्त पानी पिएं – भले ही प्यास न लगी हो। ओआरएस, घर में बनाए गए पेय जैसे लस्सी, तोरानी (चावल का पानी), नींबू पानी, छाछ आदि का उपयोग करके खुद को हाइड्रेटेड रखें।
किसानों के लिए कृषि सलाह
ओलावृष्टि के संभावित प्रभाव के लिए बिहार और झारखंड में, फलों के बागों और सब्जी के पौधों को यांत्रिक क्षति से बचाने के लिए ओला जाल या ओला टोपी का उपयोग करें। जलभराव को रोकने के लिए प्रभावी क्षेत्र जल निकासी सुनिश्चित करें। पके फलों की जल्द से जल्द तुड़ाई करें। कटे हुए उत्पाद को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
भारी बारिश के संभावित प्रभाव के लिए पश्चिम बंगाल और सिक्किम में, खेतों में जलभराव से बचने के लिए उचित क्षेत्र जल निकासी सुनिश्चित करें, विशेष रूप से अदरक, टमाटर और डल्ले खोरसानी खेतों में। मक्का, करेला और जूट के खेत में उचित जल निकासी चैनल बनाए रखें। कटे हुए मक्का के उत्पाद को सुरक्षित स्थानों पर रखें। केरल में, केला, नारियल और अन्य सब्जियों के लिए पर्याप्त जल निकासी प्रदान करें। केले के पौधों को सहारा प्रदान करें। तमिलनाडु में, काले चने, हरे चने, गन्ना और सब्जी के बागानों में पानी के ठहराव को रोकने के लिए उचित जल निकासी बनाए रखें।
उच्च तापमान/लू के संभावित प्रभाव के लिए गुजरात में, सुबह या शाम के समय ग्वार और सब्जियों जैसे खीरा, तोरई, लौकी, टिंडा, करेला आदि को हल्की और बार-बार सिंचाई करें। फूल आने और खूंटी लगाने के चरणों में मूंगफली की सिंचाई करें। राजस्थान में, जायद मूंग, अमेरिकी कपास और देसी कपास, भिंडी, तरबूज, खरबूजा, टिंडा, खीरा और लंबे तरबूज जैसी खड़ी फसलों में पर्याप्त नमी बनाए रखने के लिए हल्की सिंचाई प्रदान करें।
आंधी/तेज हवाओं के संभावित प्रभाव के लिए कटे हुए उत्पाद को सुरक्षित स्थानों में स्थानांतरित करें या खेतों में उत्पाद को तिरपाल शीट से ढक दें। कटे हुए फसलों को सुरक्षित रूप से बांधें और तेज सतही हवाओं से विस्थापन के जोखिम को कम करने के लिए उन्हें ढक दें। बागवानी फसलों को यांत्रिक सहायता और सब्जियों और युवा फलों के पौधों/फल देने वाले पौधों को दांव लगाना या सहारा प्रदान करें ताकि तेज हवाओं के कारण गिरने से बचा जा सके।
पशुधन/मुर्गी पालन/मत्स्य पालन के लिए ओलावृष्टि/भारी बारिश के दौरान जानवरों को शेड के अंदर रखें और उन्हें संतुलित चारा प्रदान करें। खराब होने से बचाने के लिए चारा और चारे को सुरक्षित जगह पर रखें। तालाबों के चारों ओर उचित जाल के साथ एक आउटलेट बनाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके, जिससे ओवरफ्लो की स्थिति में मछलियों को बचने से रोका जा सके।
जानें पूरा संदर्भ
मौसम विभाग ने यह चेतावनी 9 मई 2026 को दोपहर 2 बजे (1400 बजे IST) जारी की। यह एक व्यापक प्रेस रिलीज है जो देश के विभिन्न हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम के बदलते मिजाज को लेकर जारी की गई है। विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन, जिलेवार चेतावनी और मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी भी उपलब्ध कराई है।
पिछले 24 घंटों में बिहार के पटना में 135 किमी प्रति घंटे, झारखंड के खूंटी में 70 किमी प्रति घंटे, पश्चिम मध्य प्रदेश के अशोकनगर में 67 किमी प्रति घंटे, ओडिशा के राउरकेला में 65 किमी प्रति घंटे और छत्तीसगढ़ के मुंगेली में 63 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
इससे साफ होता है कि मौसम का यह बदलता मिजाज आने वाले दिनों में भी जारी रहने वाला है। ऐसे में लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और आवश्यक सावधानियां बरतें।
मुख्य बातें (Key Points)
• India Meteorological Department ने 9 मई 2026 को देश के विभिन्न हिस्सों के लिए मौसम चेतावनी जारी की
• उत्तर-पश्चिम भारत में 11-14 मई को आंधी-तूफान, बिजली और 40-60 किमी/घंटा की तेज हवाओं की संभावना
• केरल, तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल में अगले 7 दिनों तक भारी बारिश का अनुमान
• पश्चिम राजस्थान और गुजरात में 9-15 मई तक लू (Heat Wave) की चेतावनी
• Southwest Bay of Bengal में 11 मई के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना
• पिछले 24 घंटों में तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई
• राजस्थान के फलोदी में देश का सबसे अधिक तापमान 44.8°C दर्ज किया गया
• मछुआरों को 9-14 मई तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों में न जाने की सलाह
• दिल्ली/NCR में 11-12 मई को आंधी-बिजली के साथ हल्की बारिश की संभावना
• बिहार, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि का अलर्ट











