गुरूवार, 7 मई 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Heart Attack से बचना है तो ये खाएं, Acidity और हार्ट अटैक में ऐसे करें फर्क

Heart Attack से बचना है तो ये खाएं, Acidity और हार्ट अटैक में ऐसे करें फर्क

पद्मश्री डॉक्टर प्रवीण चंद्रा ने बताया कि कैसे घी, तेल और लाइफस्टाइल बदलाव से दिल को रखें सेहतमंद

The News Air Team by The News Air Team
शनिवार, 17 जनवरी 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, हेल्थ
A A
0
Heart Attack
105
SHARES
702
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Heart Attack Prevention: भारत में हार्ट अटैक एक खामोश कातिल की तरह है जो हर साल हजारों लोगों की जान ले रहा है। साल 2022 में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो यानी एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ एक साल में हार्ट अटैक से 32,457 मौतें हुईं। यह संख्या पिछले साल से 12.5 फीसदी ज्यादा थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 70 फीसदी मौतें 30 से 60 साल की उम्र के लोगों में हुईं। यानी वो लोग जो अपनी जिंदगी के सबसे अहम पड़ाव पर थे।

इन्हीं गंभीर सवालों के जवाब लेकर हम पहुंचे मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम में। वहां हमने मुलाकात की देश के जाने-माने हार्ट स्पेशलिस्ट पद्मश्री डॉक्टर प्रवीण चंद्रा से। डॉक्टर प्रवीण मेदांता में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विभाग के चेयरमैन हैं और पिछले कई दशकों से हजारों मरीजों का इलाज कर चुके हैं। उन्होंने खुलकर बताया कि आखिर भारतीयों को इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक क्यों आ रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी समझाया कि कौन सा तेल खाएं, कितना घी खाएं, एसिडिटी और हार्ट अटैक में कैसे फर्क करें और अगर हार्ट अटैक आ जाए तो तुरंत क्या करें।

यह जानकारी हर भारतीय परिवार के लिए बेहद जरूरी है। चाहे आप 25 साल के हों या 60 साल के। चाहे आप शहर में रहते हों या गांव में। दिल की बीमारी अब किसी उम्र या जगह की मोहताज नहीं रही। इसलिए इस खबर को ध्यान से पढ़ें और अपने परिवार वालों को भी जरूर पढ़ाएं।


क्या कोविड वैक्सीन से पड़ रहे हैं हार्ट अटैक?

बहुत से लोग मानते हैं कि कोविड वैक्सीन की वजह से हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। लेकिन डॉक्टर प्रवीण चंद्रा ने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया।

उन्होंने बताया कि कोरोना के समय जब लोग घर पर थे, तो असल में हार्ट अटैक के मामले कम हो गए थे। लोग समय पर खाना खा रहे थे, दवाइयां ले रहे थे और तनाव कम था।

जब कोरोना खत्म हुआ और लोग फिर से भागदौड़ भरी जिंदगी में लौटे, तो हार्ट अटैक के मामले फिर बढ़ने लगे। यानी यह पूरी तरह से लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या है।

डॉक्टर ने साफ किया कि अगर वैक्सीन से क्लॉट बनता तो हार्ट अटैक उसी वक्त होता। ऐसा नहीं हो सकता कि क्लॉट 2020 में बना और हार्ट अटैक 2025 में हो। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

हेल्दी लोगों को अचानक कैसे पड़ जाता है हार्ट अटैक?

अक्सर खबरों में सुनते हैं कि कोई व्यक्ति शादी में डांस कर रहा था या जिम में एक्सरसाइज कर रहा था और अचानक हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।

डॉक्टर प्रवीण ने इसे समझाने के लिए किचन सिंक का उदाहरण दिया। जैसे रोज थोड़ा-थोड़ा कूड़ा सिंक में जाता रहता है और पता नहीं चलता, फिर एक दिन अचानक ब्लॉक हो जाता है।

ठीक उसी तरह कोलेस्ट्रॉल के कण रोज हमारी नसों में जमते रहते हैं। पहले 10% ब्लॉकेज होती है, फिर 20%, फिर 30%। हमें पता ही नहीं चलता।

जब ब्लॉकेज 90% तक पहुंच जाती है और किसी दिन शरीर पर प्रेशर पड़ता है, तो एक क्लॉट बनता है और हार्ट अटैक हो जाता है।

कोलेस्ट्रॉल की जांच कब और कैसे कराएं?

डॉक्टर ने बताया कि जिन लोगों के परिवार में 30-50 साल की उम्र में किसी को हार्ट डिजीज हुई है, उन्हें 25-30 साल की उम्र के बाद हर 5 साल में एक बार कोलेस्ट्रॉल की जांच जरूर करानी चाहिए।

इसके अलावा ब्लड प्रेशर की जांच साल में कम से कम एक बार होनी चाहिए। बहुत से लोग ब्लड प्रेशर चेक कराने से डरते हैं कि कहीं दवा न खानी पड़े।

लेकिन डॉक्टर कहते हैं कि दवा से नहीं, ब्लड प्रेशर से डरना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक होता है और उससे मौत हो सकती है।

भारतीयों में बैड कोलेस्ट्रॉल ज्यादा क्यों होता है?

एक बड़ा सवाल यह उठता है कि बहुत से भारतीय वेजिटेरियन हैं, फिर भी उनमें बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) ज्यादा और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) कम क्यों होता है।

डॉक्टर ने बताया कि भारतीयों और एशियाई लोगों को हार्ट अटैक होने के लिए कोलेस्ट्रॉल को उतना हाई होने की जरूरत नहीं है जितना पश्चिमी देशों के लोगों को।

यानी कम कोलेस्ट्रॉल पर भी हमें जल्दी हार्ट अटैक हो जाता है। हमारा गुड कोलेस्ट्रॉल कम है और बैड कोलेस्ट्रॉल थोड़ा ज्यादा है। अगर इनका रेश्यो 2:1 से ज्यादा है तो खतरा बढ़ जाता है।

गुड कोलेस्ट्रॉल कैसे बढ़ाएं?

सबसे जरूरी बात यह है कि गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने की कोई दवा नहीं है। इसके सिर्फ दो तरीके हैं:

पहला – रेगुलर एक्सरसाइज करें।

यह भी पढे़ं 👇

Gurmeet Singh Khudian

Faridkot Illegal Fertilizer Raid: Mann सरकार ने पकड़ा नकली खाद का गोरखधंधा, FIR दर्ज

गुरूवार, 7 मई 2026
Punjab Irrigation

Punjab Irrigation: Rajasthan Feeder Canal की रीलाइनिंग पर 170 करोड़, 60 साल बाद बड़ा काम

गुरूवार, 7 मई 2026
Baljit Kaur

Punjab Education: SC छात्रों को मुफ्त किताबें, Mann सरकार ने दिए 204.69 करोड़ रुपये

गुरूवार, 7 मई 2026
World Gold Council Report

World Gold Council Report: Central Banks Selling Gold, तुर्की ने 60 टन बेचा, सोने की कीमतों पर खतरा!

गुरूवार, 7 मई 2026

दूसरा – संतुलित भोजन लें जिसमें सब्जियां और फल ज्यादा हों।

तीसरा – स्मोकिंग छोड़ें क्योंकि इससे भी गुड कोलेस्ट्रॉल कम होता है।

अगर गुड कोलेस्ट्रॉल 35-45 के ऊपर है तो अच्छा है और 50 के ऊपर है तो बहुत ही अच्छा है।

भारतीयों को दिल की बीमारियां जल्दी क्यों होती हैं?

एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया (API) के मुताबिक भारतीयों को हार्ट डिजीज पश्चिमी देशों के मुकाबले 10 साल पहले हो जाती है।

डॉक्टर प्रवीण ने बताया कि यह हमारी जींस की वजह से है। उन्होंने इसे “थ्रिफ्टी जीन हाइपोथेसिस” कहा।

इसका मतलब है कि हमारी जींस थोड़ी “गरीब” हैं। वो ज्यादा सहन नहीं कर पातीं। हमें कम खाना चाहिए, ज्यादा चलना चाहिए। एक चम्मच से ज्यादा देसी घी खाएंगे तो हार्ट डिजीज हो सकती है।

देसी घी खाना सही है या गलत?

यह एक बहुत बड़ा सवाल है। कुछ लोग कहते हैं घी बहुत अच्छा है, कुछ कहते हैं बिल्कुल मत खाओ।

डॉक्टर ने बताया कि पहले के समय में देसी घी या तली हुई चीजें सिर्फ त्योहारों या खास मौकों पर बनती थीं – साल में 5-10 बार। बाकी 355 दिन लोग “सात्विक भोजन” खाते थे जिसमें घी नहीं होता था।

पहले तेल सबसे महंगी चीज थी। इसलिए गरीब लोगों को हार्ट डिजीज नहीं होती थी। हार्ट डिजीज सिर्फ सेठजी को होती थी।

लेकिन अब तेल सबसे सस्ता हो गया है। सब लोग “सेठजी” बन गए हैं। इससे खाने का संतुलन बिगड़ गया है

कितना घी खा सकते हैं?

दिनभर में एक से दो चम्मच तक तेल ले सकते हैं। इसमें एक चम्मच देसी घी भी शामिल हो सकता है। देसी घी विलन नहीं है, बस मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

कौन सा तेल सबसे बेहतर है?

डॉक्टर ने बताया कि कोई भी वेजिटेबल ऑयल ठीक है बशर्ते वह हाइड्रोजेनेटेड न हो। जो तेल तरल है, पीले रंग का है – वह सही है।

जो तेल जम गया है, सफेद हो गया है – वह खराब है। इसे हाइड्रोजनाइजेशन कहते हैं।

मस्टर्ड ऑयल (सरसों का तेल) बहुत अच्छा है। भारतीय खाने की थाली में 50% तेल सरसों का ही इस्तेमाल होता है।

जो चीजें मस्टर्ड ऑयल में बनती हैं, उन्हें मस्टर्ड में बनाएं। जो रिफाइंड में बनती हैं, उनमें बनाएं। अपने आप मिक्सिंग हो जाती है शरीर के अंदर।

ऑलिव ऑयल महंगा है, उसकी जरूरत नहीं है। जो लोकली उपलब्ध है, वही खाएं।

दिल को सेहतमंद रखने के लिए क्या खाएं?

डॉक्टर ने फूड पिरामिड समझाया:

• सबसे ज्यादा – सब्जियां और फल

• कम – अनाज (सीरियल्स), खासकर मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी

• प्रोटीन के लिए – दाल, चना, राजमा, सोया, पनीर

• अगर अफोर्ड कर सकते हैं – नट्स (जो भी सीजनल और लोकली उपलब्ध हों)

रोटी बनाएं तो मैदे की एकदम सफेद रोटी की जगह मिक्स आटे की बनाएं। चने का आटा मिला लें। इससे प्रोटीन इंटेक भी बढ़ेगा।

फलों में भी जो सीजनल और लोकल है वही खाएं। बाहर से किवी या एवोकाडो मंगाने की जरूरत नहीं।

एसिडिटी और हार्ट अटैक में कैसे करें फर्क?

यह बहुत कंफ्यूजिंग है। कई बार डॉक्टर भी धोखा खा जाते हैं।

डॉक्टर ने बताया कि अगर एसिडिटी हो रही है और ठंडा पानी पीने से, दूध पीने से या डाइजीन खाने से आधे घंटे में ठीक नहीं हो रही, तो सतर्क हो जाना चाहिए।

खासकर अगर:

  • उम्र 45-50 साल से ज्यादा है
  • डायबिटीज है
  • हाई ब्लड प्रेशर है
  • स्मोकर हैं
  • परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री है

तो यह हार्ट अटैक हो सकता है। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

अगर 20-25 साल का कोई लड़का है और उसे एसिडिटी हो रही है, तो तुरंत हार्ट अटैक सोचने की जरूरत नहीं। हो सकता है उसे एंग्जायटी हो।

हार्ट अटैक में कौन सी दवा जान बचा सकती है?

बहुत से लोग सोबिट्रेट जेब में रखते हैं। लेकिन डॉक्टर ने बताया कि इसकी जरूरत नहीं है।

सोबिट्रेट सिर्फ उन लोगों को रखनी चाहिए जिन्हें पहले से हार्ट डिजीज है या एंजाइना के अटैक होते रहते हैं।

अगर हार्ट अटैक के लक्षण दिखें तो:

  1. एस्पिरिन (डिस्प्रिन) की गोली चबाकर खाएं और पानी पी लें
  2. स्टैटिन (कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली गोली) भी तुरंत खा लें
  3. फिर तुरंत हॉस्पिटल जाएं

लेकिन इतनी चिंता भी न करें। जिन लोगों को शुगर, हाई बीपी, हाई कोलेस्ट्रॉल है और स्मोकर भी हैं – वे जरूर एस्पिरिन जेब में रखें। बाकी लोगों को इतना परेशान होने की जरूरत नहीं।

क्या स्ट्रेस से हार्ट अटैक हो सकता है?

बिल्कुल। इसे “ब्रोकन हार्ट सिंड्रोम” कहते हैं।

फिल्मों में देखा होगा – कोई बुरी खबर आती है और व्यक्ति तुरंत गिर पड़ता है। यह सच में हो सकता है।

डॉक्टर ने एक वाकया बताया – एक बच्चा लिफ्ट में फंस गया। उसके पिता उसे निकालने की भागदौड़ में इतने परेशान हो गए कि उन्हें हार्ट अटैक आ गया और मौत हो गई।

इसलिए अगर किसी के दिल की तबीयत कमजोर है, तो उन्हें बुरी खबर धीरे-धीरे, शांत माहौल में बतानी चाहिए।

डायबिटीज के मरीजों और महिलाओं में हार्ट अटैक के अलग लक्षण

डायबिटीज वालों में साइलेंट हार्ट अटैक:

जिन्हें डायबिटीज है – चाहे पुरुष हों या महिला – उन्हें हार्ट अटैक होता है और पता ही नहीं चलता। सीने में दर्द नहीं होता।

इन लक्षणों पर ध्यान दें:

  • अचानक सांस फूलने लगे
  • ठंडे पसीने आने लगें
  • घबराहट महसूस हो
  • सिंकिंग (डूबने जैसा) लगे

ये साइलेंट हार्ट अटैक के लक्षण हो सकते हैं।

महिलाओं में हार्ट अटैक:

नेचर ने महिलाओं को 45-50 साल की उम्र तक हार्मोंस की वजह से प्रोटेक्शन दिया है। जब तक पीरियड्स चलते रहते हैं, हार्ट डिजीज की संभावना कम रहती है।

लेकिन मेनोपॉज के बाद यह प्रोटेक्शन खत्म हो जाता है। फिर महिलाओं और पुरुषों में हार्ट डिजीज की संभावना लगभग बराबर हो जाती है।

और जब महिलाओं को हार्ट अटैक होता है, तो वह बहुत गंभीर होता है। मौत तक हो सकती है।

इसलिए महिलाओं को भी अपना रेगुलर चेकअप कराना चाहिए।

भारत में कौन सी दिल की बीमारियां बढ़ी हैं?

डॉक्टर के मुताबिक उनके पास आने वाले मरीजों में:

70% – हार्ट अटैक या नसों में ब्लॉकेज वाले

30% – दूसरी समस्याएं जैसे:

  • हार्ट की रिदम की प्रॉब्लम (धड़कन तेज या धीमी होना)
  • हार्ट वाल्व की समस्या
  • दिल में छेद

अच्छी खबर यह है कि जो इलाज पहले ऑपरेशन से होते थे, उनमें से 70% अब बिना ऑपरेशन के हो जाते हैं।

स्टेंट लगाने की जगह अब लेजर से ब्लॉकेज साफ करके दवा लगा देते हैं। वाल्व भी इंजेक्शन से बदल देते हैं। दिल के छेद में प्लग लगा देते हैं – आधे घंटे में काम हो जाता है।

स्टेंट या बाईपास के बाद क्या करें?

जिन लोगों को स्टेंट लगा है या बाईपास सर्जरी हुई है, उन्हें:

  1. दवा लाइफ लॉन्ग खानी है – कभी नहीं छोड़नी
  2. हर साल चेकअप कराना है – कोलेस्ट्रॉल और स्ट्रेस टेस्टिंग

90% चांस है कि स्टेंट जिंदगी भर चलेगा। लेकिन 5-10% लोगों में रीब्लॉकेज हो सकती है या कहीं और ब्लॉकेज बन सकती है।

इसलिए रेगुलर चेकअप जरूरी है।

क्या शराब पी सकते हैं?

डॉक्टर ने साफ कहा कि वे किसी भी हार्ट पेशेंट को शराब प्रिस्क्राइब नहीं करते।

अगर पीना ही है तो:

  • बहुत कम मात्रा में – 1-2 ड्रिंक्स
  • कभी-कभार – डेली नहीं
  • बेंज ड्रिंकिंग बिल्कुल नहीं

शराब का असर:

  • लिवर पर पड़ता है
  • किडनी पर पड़ता है
  • ब्रेन पर पड़ता है
  • ब्लड प्रेशर बढ़ाती है
  • हार्ट पर असर करती है

बियर को भी हल्के में न लें। भारत में स्ट्रॉन्ग बियर 7-10% अल्कोहल वाली मिलती है।

सबसे अच्छा है – शराब से दूर ही रहें।


विश्लेषण: क्यों अहम है यह जानकारी

यह इंटरव्यू इसलिए खास है क्योंकि इसमें डॉक्टर ने कई मिथकों को तोड़ा है। कोविड वैक्सीन से हार्ट अटैक का दावा पूरी तरह गलत है। देसी घी विलन नहीं है, बस मात्रा का ध्यान रखना है।

सबसे अहम बात यह है कि भारतीयों की जींस ऐसी है कि हमें पश्चिमी देशों के मुकाबले ज्यादा सावधान रहना पड़ेगा। कम खाना, ज्यादा चलना – यही मंत्र है।

आज के समय में जब हार्ट अटैक 30-40 साल की उम्र में भी हो रहे हैं, तो हर किसी को अपनी लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी है।


मुख्य बातें (Key Points)

• कोविड वैक्सीन से हार्ट अटैक का कोई संबंध नहीं – यह पूरी तरह लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी है

• देसी घी एक चम्मच तक खा सकते हैं – दो चम्मच से ज्यादा तेल दिनभर में न लें

• गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने की कोई दवा नहीं – सिर्फ एक्सरसाइज और संतुलित भोजन से बढ़ता है

• हार्ट अटैक के लक्षणों पर एस्पिरिन चबाकर खाएं और तुरंत हॉस्पिटल जाएं

• डायबिटीज वालों में साइलेंट हार्ट अटैक होता है – सांस फूलना, ठंडे पसीने, घबराहट पर ध्यान दें


FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: हार्ट अटैक से बचने के लिए क्या खाना चाहिए?

A: सब्जियां और फल सबसे ज्यादा खाएं। मोटे अनाज जैसे ज्वार, बाजरा खाएं। दाल, चना, राजमा से प्रोटीन लें। तेल एक-दो चम्मच से ज्यादा न लें।

Q2: एसिडिटी और हार्ट अटैक में क्या फर्क है?

A: अगर एसिडिटी ठंडा पानी या दवा से आधे घंटे में ठीक नहीं हो रही और आपकी उम्र 45+ है, डायबिटीज या बीपी है, तो हार्ट अटैक हो सकता है। तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

Q3: क्या देसी घी खाना सुरक्षित है?

A: हां, एक चम्मच देसी घी खा सकते हैं। लेकिन इससे ज्यादा नहीं। भारतीयों की जींस ज्यादा तेल सहन नहीं कर पाती।

Q4: कौन सा कुकिंग ऑयल सबसे अच्छा है?

A: मस्टर्ड ऑयल (सरसों का तेल) बहुत अच्छा है। कोई भी वेजिटेबल ऑयल जो तरल और पीले रंग का हो, ठीक है। हाइड्रोजेनेटेड (जमा हुआ/सफेद) तेल मत खाएं।

Q5: हार्ट अटैक आने पर तुरंत क्या करें?

A: एस्पिरिन (डिस्प्रिन) की गोली चबाकर खाएं, पानी पिएं, और तुरंत हॉस्पिटल जाएं।

 

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Rashifal 17 January 2026 : आज इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें शुभ मुहूर्त

Next Post

Weight Loss Ayurveda Formula: Weight Loss Remedy ने बदली सोच

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Gurmeet Singh Khudian

Faridkot Illegal Fertilizer Raid: Mann सरकार ने पकड़ा नकली खाद का गोरखधंधा, FIR दर्ज

गुरूवार, 7 मई 2026
Punjab Irrigation

Punjab Irrigation: Rajasthan Feeder Canal की रीलाइनिंग पर 170 करोड़, 60 साल बाद बड़ा काम

गुरूवार, 7 मई 2026
Baljit Kaur

Punjab Education: SC छात्रों को मुफ्त किताबें, Mann सरकार ने दिए 204.69 करोड़ रुपये

गुरूवार, 7 मई 2026
World Gold Council Report

World Gold Council Report: Central Banks Selling Gold, तुर्की ने 60 टन बेचा, सोने की कीमतों पर खतरा!

गुरूवार, 7 मई 2026
PM Kisan

PM Kisan Yojana लाभार्थियों को मिलेगा Kisan Credit Card, 4% ब्याज पर मिलेगा लोन

गुरूवार, 7 मई 2026
Amanpreet Singh Gill

Virat Kohli ने जताया शोक: पूर्व साथी Amanpreet Singh Gill का 36 साल की उम्र में निधन

गुरूवार, 7 मई 2026
Next Post
Weight Loss Ayurveda Formula

Weight Loss Ayurveda Formula: Weight Loss Remedy ने बदली सोच

Bathinda Car Accident News

Bathinda Car Accident News: फॉर्च्यूनर डिवाइडर से टकराई, 5 Dead

Tarn Taran car accident

Tarn Taran Car Accident: पेड़ से टकराई कार, युवक की मौत

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।