HS Phoolka Joins BJP: 1984 के सिख नरसंहार में पीड़ितों के लिए चार दशकों से निशुल्क कानूनी लड़ाई लड़ने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता, प्रसिद्ध मानवाधिकार एवं बाल अधिकार कार्यकर्ता और पंजाब के पूर्व नेता प्रतिपक्ष पद्मश्री हरविंदर सिंह फूलका ने बुधवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फूलका को सदस्यता पर्ची देकर और भाजपा की पट्टिका पहनाकर विधिवत पार्टी परिवार में शामिल किया। 70 से अधिक मामलों में 250 से ज्यादा अपराधियों को सजा दिलाने वाले फूलका के इस कदम ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले पंथिक राजनीति में बड़ी हलचल मचा दी है।
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मंच पर मौजूद थे बीजेपी के ये बड़े दिग्गज नेता
HS Phoolka Joins BJP कार्यक्रम में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की भारी मौजूदगी थी, जिससे साफ हो गया कि पार्टी इस प्रवेश को कितना महत्वपूर्ण मान रही है। मंच पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, पंजाब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख एवं लोकसभा सांसद अनिल बलूनी और भाजपा प्रवक्ता आर.पी. सिंह मौजूद थे।
इतने बड़े स्तर पर नेताओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि बीजेपी पंजाब में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए फूलका जैसे सिख चेहरे को बेहद अहम मान रही है। खासकर 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है।
तरुण चुघ बोले: फूलका ने 250 से ज्यादा अपराधियों को दिलाई सजा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने HS Phoolka Joins BJP के महत्व को विस्तार से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 1984 में गांधी-नेहरू परिवार के इशारों पर देश के 52 शहरों को श्मशान बना दिया गया था। दिल्ली सहित कई इलाकों में सिखों का नरसंहार किया गया और सिखों का कत्लेआम हुआ।
चुघ ने जोर देकर कहा कि उस समय केवल भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी थी जिसने सड़क से लेकर संसद तक इस जघन्य हत्याकांड के खिलाफ आवाज उठाई। यह संघर्ष श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी और स्वर्गीय मदन लाल खुराना के नेतृत्व में लड़ा गया।
तरुण चुघ ने बताया कि फूलका ने 1984 सिख नरसंहार के दोषियों को सजा दिलाने के लिए जो संघर्ष शुरू किया, उसमें उन्होंने 70 से अधिक मामलों में कुल 250 से अधिक अपराधियों को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आंकड़ा अपने आप में फूलका के अथक संघर्ष की कहानी बयां करता है।
1993 में खुराना ने फूलका को बनाया था सलाहकार: न्याय की प्रक्रिया को मिली गति
तरुण चुघ ने एक बेहद अहम ऐतिहासिक तथ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 1993 में जब दिल्ली में पहली बार भाजपा की सरकार बनी, तब मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना ने सरदार फूलका को अपना सलाहकार नियुक्त किया था। इस नियुक्ति के बाद 1984 सिख हिंसा मामलों में न्याय की प्रक्रिया को काफी गति मिली।
इसी दौर में दिल्ली में पंजाबी भाषा को आधिकारिक मान्यता मिली और पंजाबी समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान हुआ। चुघ ने कहा कि फूलका का अनुभव और संघर्ष समाज के लिए प्रेरणा बनेगा और न्याय के इस अभियान को आगे बढ़ाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।
हरदीप पुरी बोले: वह दंगा नहीं, एकतरफा नरसंहार था, कांग्रेस ने माफी तक नहीं मांगी
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने HS Phoolka Joins BJP कार्यक्रम में बेहद कड़े शब्दों में कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरदार फूलका केवल भारत के सिख समाज में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में एक परिचित नाम हैं।
पुरी ने कहा कि 1984 में जो घटनाएं हुईं, उन्हें दंगे कहना उचित नहीं है। “वह एक नरसंहार था, वह एकतरफा और योजनाबद्ध तरीके से निर्दोष लोगों की हत्या थी, जिसमें हजारों निर्दोषों की जान गई। यह हमारे सिख समुदाय के लोगों के साथ हुआ एक ऐसा अत्याचार था, जिसके लिए अब तक कांग्रेस द्वारा उचित रूप से माफी तक नहीं मांगी गई है।”
पुरी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में उन्होंने एक सिख सांसद को “गद्दार” कहकर संबोधित किया, जो उनकी मानसिकता को दर्शाता है। पुरी ने यह भी कहा कि फूलका एक प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता, वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता होने के साथ-साथ एक बाल अधिकार कार्यकर्ता के रूप में भी कई बड़े काम कर चुके हैं और उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी।
फूलका की दर्दनाक दास्तान: “2 नवंबर 1984 मेरे जीवन का सबसे भयावह दिन था”
कार्यक्रम में मीडिया को संबोधित करते हुए पद्मश्री HS Phoolka ने अपनी आंखों देखी दर्दनाक कहानी सुनाई जिसने सभी को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा, “2 नवंबर 1984 का दिन मेरे जीवन का सबसे भयावह दिन था, जब मेरे घर पर हमला हुआ। मेरी पत्नी गर्भवती थीं और मुझे बचाने के लिए इधर-उधर भाग रही थीं। मैं प्रथम तल पर रहता था और भीड़ सीढ़ियों से ऊपर आ गई थी।”
फूलका ने बताया कि उनके मकान मालिक एक पंजाबी हिंदू परिवार से थे और भाजपा के कट्टर समर्थक थे। “वो मेरी मदद के लिए आगे आए। उनकी पत्नी और बहू ने मेरी जान बचाई। मेरा कसूर केवल इतना था कि मैं सिख था।”
यह प्रसंग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि फूलका ने इससे स्पष्ट किया कि 1984 का नरसंहार हिंदू बनाम सिख नहीं था, बल्कि यह कांग्रेस बनाम सिख था।
“कांग्रेस बनाम सिख था, हिंदू बनाम सिख नहीं”: फूलका का सबसे मार्मिक बयान
HS Phoolka ने HS Phoolka Joins BJP कार्यक्रम में बेहद साफ शब्दों में कहा कि “1984 के वो तीन दिन, कांग्रेस और इंदिरा गांधी का एक सुनियोजित सिख नरसंहार था, जिसे बाद में हिंदू बनाम सिख का रूप देने की कोशिश की गई, जबकि वास्तविकता में यह कांग्रेस बनाम सिख था।”
फूलका का यह बयान इसलिए बेहद मायने रखता है क्योंकि वे खुद इस नरसंहार के सर्वाइवर हैं और उन्होंने अपनी आंखों से वो खौफनाक मंजर देखा है। साथ ही उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जब भीड़ उनकी जान लेने आई थी, तब एक हिंदू परिवार ने ही उन्हें बचाया। यह तथ्य 1984 के नरसंहार को सांप्रदायिक रंग देने की हर कोशिश को खारिज करता है।
वाजपेयी ने 17 नवंबर 1984 को जारी की थी 2700 सिखों की शहादत की सूची
फूलका ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका को भी विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि उस समय की स्थिति इतनी भयावह थी कि कांग्रेस सरकार केवल 650 सिखों की मौत की बात कर रही थी, जबकि असली संख्या इससे कई गुना ज्यादा थी।
“पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 17 नवंबर 1984 को एक सूची जारी की, जिसमें दिल्ली में 2,700 सिखों की हत्या का उल्लेख था। यह सूची भाजपा नेता मदन लाल खुराना ने राहत शिविरों और दंगा प्रभावित इलाकों में जाकर तैयार की थी,” फूलका ने बताया।
उन्होंने कहा कि इस सच को सामने लाने पर वाजपेयी को “राष्ट्रविरोधी” तक कहा गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया कि “उन्हें चुनाव की नहीं, देश की चिंता है।” फूलका के मुताबिक बाद में अहुजा समिति की रिपोर्ट में भी 2,700 सिखों के मारे जाने की पुष्टि हुई और 1999 में प्रधानमंत्री बनने के बाद वाजपेयी ने 2000 में जस्टिस जी.टी. नानावती आयोग का गठन किया, जिसने सभी मामलों को दोबारा जांच के लिए खोला।
“पंजाब को बचाना है तो भाजपा को मजबूत करना होगा”: फूलका का बड़ा ऐलान
HS Phoolka ने भाजपा परिवार में शामिल होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने 1984 के मुद्दे पर हमेशा उनका साथ दिया है और केंद्र सरकार तथा प्रधानमंत्री मोदी का पंजाब और सिख समुदाय के प्रति विशेष लगाव है।
फूलका ने 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर अपना इरादा भी साफ कर दिया। उन्होंने कहा, “यदि पंजाब को बचाना है तो भाजपा को मजबूत करना होगा और मैं इसके लिए पूरी निष्ठा से प्रयास करूंगा कि पंजाब में आगामी चुनावों में भाजपा की सरकार बने।” यह बयान स्पष्ट करता है कि फूलका अब पंजाब में बीजेपी के लिए पूरी ताकत से काम करने को तैयार हैं।
पंजाब की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर
HS Phoolka Joins BJP के बाद पंजाब की राजनीति में बड़े बदलाव की उम्मीद है। फूलका जैसा चेहरा जो 1984 दंगा पीड़ितों का मसीहा माना जाता है, सुप्रीम कोर्ट का वरिष्ठ वकील है, पद्मश्री से सम्मानित है और सिख समुदाय में जिसकी गहरी साख है, उनका भाजपा में आना पंजाब में पार्टी की स्वीकार्यता बढ़ा सकता है। आम आदमी पार्टी (AAP) जो वर्तमान में पंजाब में सत्ता में है और शिरोमणि अकाली दल (SAD) दोनों के लिए यह चिंता का विषय हो सकता है।
खासकर सिख वोटरों के बीच फूलका की विश्वसनीयता को देखते हुए, 2027 के चुनावों में भाजपा को पंथिक वोट बैंक में सेंध लगाने का मौका मिल सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीतिक तस्वीर किस तरह बदलती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पद्मश्री HS Phoolka ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की मौजूदगी में बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली।
- फूलका ने 1984 सिख नरसंहार के 70 से अधिक मामलों में 250 से ज्यादा अपराधियों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
- फूलका ने कहा कि 1984 का नरसंहार हिंदू बनाम सिख नहीं बल्कि कांग्रेस बनाम सिख था और बीजेपी ने हमेशा उनका साथ दिया।
- फूलका ने ऐलान किया कि पंजाब में आगामी 2027 के चुनावों में भाजपा की सरकार बनाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।













