Hormuz Strait Attack के तहत दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्ग Strait of Hormuz में 11 मार्च 2026 को तीन जहाजों पर एक के बाद एक प्रोजेक्टाइल हमले हुए हैं। दो बड़े कार्गो शिप में भीषण आग लग गई, जबकि एक कंटेनर जहाज को भारी नुकसान पहुंचा है। यूनाइटेड किंगडम मेरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इन हमलों की पुष्टि की है। हमलों के बाद इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है और दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल व्यापार जिस मार्ग से गुजरता है, वह अब युद्ध की आग में जल रहा है।
पहला हमला: कार्गो शिप में लगी भीषण आग, क्रू सुरक्षित
Hormuz Strait Attack की पहली घटना में एक कार्गो शिप पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल दागा गया। प्रोजेक्टाइल टकराने के बाद जहाज में भीषण आग लग गई और वह समुद्र के बीचोंबीच धधकने लगा। हालांकि राहत की बात यह रही कि जहाज के सभी क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
UKMTO ने इस हमले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना ठीक उसी समय हुई जब अमेरिका ने ईरान के माइन बिछाने वाले जहाज को निशाना बनाया था। बताया जा रहा है कि ये समुद्री माइन्स फारस की खाड़ी के संकरे मुहाने को निशाना बना सकती थीं। UKMTO के मुताबिक, यह हमला ओमान के ठीक उत्तर में हुआ।
दूसरा हमला: रास अल खैमा के पास कंटेनर जहाज पर अटैक
Hormuz Strait Attack की दूसरी घटना सुबह करीब 7:28 बजे हुई। रास अल खैमा से ठीक 25 नॉटिकल मील यानी करीब 46 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में एक कंटेनर जहाज को प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया।
इस हमले में जहाज को काफी नुकसान पहुंचा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में जहाज में आग लगने की बात कही गई है, जबकि आधिकारिक UKMTO रिपोर्ट में सिर्फ डैमेज का जिक्र किया गया है। सभी क्रू मेंबर्स सुरक्षित बताए जा रहे हैं। लेकिन इस हमले के बाद इस क्षेत्र में जहाजों का नेविगेशन बेहद खतरनाक हो गया है।
तीसरा हमला: दुबई के पास बल्क कैरियर पर प्रोजेक्टाइल दागा
Hormuz Strait Attack की तीसरी घटना दुबई से करीब 93 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में हुई। यहां एक बल्क कैरियर जहाज को प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। इस घटना की जांच अभी जारी है और क्षेत्र में मौजूद सभी जहाजों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
तीनों हमले एक ही दिन में हुए हैं, जो दर्शाता है कि Strait of Hormuz अब एक सक्रिय युद्धक्षेत्र बन चुका है। एक के बाद एक तीन जहाजों पर हमला होना बताता है कि हमलावर ने पूरी योजना के साथ इस अहम जलमार्ग को बाधित करने की रणनीति अपनाई है।
ईरान ने नहीं ली जिम्मेदारी, लेकिन शक की सुई ईरान पर
Hormuz Strait Attack की जिम्मेदारी ईरान ने तुरंत नहीं ली है। हालांकि ईरान लगातार Strait of Hormuz और उसके आसपास के जहाजों को निशाना बना रहा है। ईरान का कहना है कि वह सिर्फ अपनी रक्षा कर रहा है। लेकिन अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का मानना है कि ईरान जानबूझकर इस अहम जलमार्ग को बाधित कर रहा है ताकि अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाया जा सके।
यह हमले ऐसे समय में हो रहे हैं जब ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच भीषण युद्ध जारी है और Strait of Hormuz इस पूरे संघर्ष का सबसे संवेदनशील इलाका बन चुका है।
क्या ईरान ने बिछाई समुद्री बारूदी सुरंगें: अमेरिका ने 16 माइन लेयर जहाज नष्ट किए
Hormuz Strait Attack के बीच एक और खतरनाक खबर यह है कि ईरान ने इस इलाके में समुद्री बारूदी सुरंगें (Naval Mines) बिछाने की तैयारी की थी। इन माइन्स से गुजरने वाले जहाजों को भारी खतरा हो सकता था।
अमेरिकी सेना ने हाल ही में ईरान के 16 माइन लेयर जहाजों को नष्ट करने का दावा किया है। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समुद्री खदानें बिछाई गई हैं तो उन्हें तुरंत हटाया जाए, वरना सैन्य परिणाम भुगतने होंगे।
हालांकि अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि उसके पास अभी कोई पुष्ट रिपोर्ट नहीं है कि ईरान ने खदानें बिछाई हैं, लेकिन खतरा बना हुआ है। समुद्री माइन्स का खतरा इसलिए भी गंभीर है क्योंकि ये पानी के अंदर छिपी रहती हैं और किसी भी जहाज को बिना किसी चेतावनी के तबाह कर सकती हैं।
शिपिंग कंपनियों ने ऑपरेशन सस्पेंड किया, 150 से ज्यादा जहाज बाहर खड़े
Hormuz Strait Attack का सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग इंडस्ट्री पर पड़ा है। तीन जहाजों पर प्रोजेक्टाइल हमलों के बाद बीमा कंपनियों ने युद्ध जोखिम कवरेज (War Risk Coverage) पूरी तरह रोक दिया है। बिना बीमा के कोई भी शिपिंग कंपनी अपने जहाज को इस खतरनाक इलाके में भेजने को तैयार नहीं है।
इसका नतीजा यह हुआ कि दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनियों Maersk और CMA CGM ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले अपने पूरे ऑपरेशन सस्पेंड कर दिए हैं। पहले फरवरी के अंत तक इस रास्ते से रोजाना 37 टैंकर गुजरते थे, लेकिन अब ट्रैफिक शून्य के करीब पहुंच गया है। 150 से ज्यादा जहाज Strait of Hormuz के बाहर लंगर डाले हुए खड़े हैं और आगे बढ़ने में असमर्थ हैं।
72 घंटे में सिर्फ दो टैंकर गुजर पाए: तेल सप्लाई पर गंभीर खतरा
Hormuz Strait Attack के बाद हालात इतने ज्यादा खराब हो चुके हैं कि पिछले 72 घंटों में सिर्फ दो अंतरराष्ट्रीय तेल टैंकर ही इस रास्ते से गुजर पाए हैं। यह आंकड़ा बेहद चौंकाने वाला है क्योंकि सामान्य दिनों में दर्जनों टैंकर रोजाना इस मार्ग से गुजरते हैं।
Strait of Hormuz से सऊदी अरब, यूएई, इराक और कुवैत जैसे देशों का तेल निर्यात होता है। हर दिन लाखों बैरल तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में जब ट्रैफिक शून्य के करीब पहुंच गया है तो वैश्विक तेल बाजार पर इसका भयावह असर पड़ना तय है।
तेल की कीमतें 90 डॉलर के पार, गैस की कीमतें दोगुनी
Hormuz Strait Attack का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दिखाई दे रहा है। तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। इसके साथ ही एलएनजी (LNG) सप्लाई भी बुरी तरह प्रभावित होने से गैस की कीमतें दोगुनी हो गई हैं।
इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। भारत में पहले से ही एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत और कीमतों में बढ़ोतरी हो चुकी है। अगर Strait of Hormuz का यह संकट लंबा चला तो एशिया, यूरोप और भारत जैसे देशों में ईंधन संकट और भी ज्यादा गहरा सकता है और महंगाई आम आदमी की जेब पर भारी बोझ डाल सकती है।
सिर्फ क्षेत्रीय संघर्ष नहीं, पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा पर खतरा
Hormuz Strait Attack ने एक बात साफ कर दी है कि Strait of Hormuz का संकट अब सिर्फ एक क्षेत्रीय संघर्ष नहीं रहा। यह पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ा और गंभीर खतरा बन चुका है। जब दुनिया के 20 प्रतिशत तेल व्यापार का रास्ता ही बंद हो जाए, बीमा कंपनियां कवरेज देने से मना कर दें, Maersk और CMA CGM जैसी दिग्गज कंपनियां ऑपरेशन बंद कर दें और 150 से ज्यादा जहाज बाहर खड़े रहें, तो इसके परिणाम हर देश की अर्थव्यवस्था और हर आम आदमी की जेब पर पड़ेंगे। यह संकट अब किसी एक देश का नहीं बल्कि पूरी मानवता की ऊर्जा जरूरतों से जुड़ा हो चुका है।
क्या है पूरी पृष्ठभूमि
अमेरिका और इजराइल ने करीब दो हफ्ते पहले ईरान पर संयुक्त हवाई हमले शुरू किए, जिसके बाद ईरान ने Strait of Hormuz को अपने नियंत्रण में लेने और जहाजों की आवाजाही रोकने की रणनीति अपनाई। ईरान ने अमेरिकी और यूरोपीय जहाजों पर पाबंदी लगाई, तेल टैंकरों पर हमले किए और अब समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की भी तैयारी की। 11 मार्च 2026 को Strait of Hormuz में तीन जहाजों पर प्रोजेक्टाइल हमले हुए, जिससे दो कार्गो शिप में आग लगी और एक कंटेनर जहाज को भारी नुकसान पहुंचा। अमेरिका ने ईरान के 16 माइन लेयर जहाज नष्ट करने का दावा किया और ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी। शिपिंग कंपनियों Maersk और CMA CGM ने ऑपरेशन बंद कर दिए, बीमा कंपनियों ने वॉर रिस्क कवरेज रोका और 150 से ज्यादा जहाज बाहर खड़े हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- Hormuz Strait Attack: 11 मार्च को तीन जहाजों पर प्रोजेक्टाइल हमले, दो कार्गो शिप में आग लगी, एक कंटेनर जहाज को भारी नुकसान।
- Maersk और CMA CGM ने ऑपरेशन सस्पेंड किए, बीमा कंपनियों ने वॉर रिस्क कवरेज रोका, 150+ जहाज बाहर खड़े।
- अमेरिका ने ईरान के 16 माइन लेयर जहाज नष्ट करने का दावा किया, ट्रंप ने ईरान को समुद्री खदानें हटाने की चेतावनी दी।
- रोजाना 37 टैंकर गुजरते थे, अब ट्रैफिक शून्य के करीब, 72 घंटे में सिर्फ दो टैंकर गुजर पाए, तेल 90 डॉलर/बैरल के पार।







