Honey Singh Bipolar Disorder को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। भारतीय रैपर और म्यूजिक प्रोड्यूसर Yo Yo Honey Singh ने हाल ही में AB Talks YouTube Channel को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि बाइपोलर डिसऑर्डर के इलाज में इस्तेमाल की गई दवाओं की वजह से उनका वजन 105 किलो तक बढ़ गया था और उनके बाल पूरी तरह से झड़ गए हैं। अब वे विग (नकली बाल) पहनते हैं।
हनी सिंह ने कहा, “2018-19 में कई बार मुझे लगा कि मैं पहले ही मर चुका हूं और स्वर्ग-नरक के बीच कहीं फंसा हुआ हूं। मेरी मां मुझे खाना देती तो लगता था कि शायद यह मेरा आखिरी खाना है। मन में बार-बार यही सवाल आता कि इसके बाद मैं कहां जाऊंगा, क्या होगा?”
दिलचस्प बात यह है कि हनी सिंह ने 7 साल तक इलाज कराया लेकिन फायदा नहीं हुआ। जब उन्होंने डॉक्टर बदला, तो सिर्फ 4 हफ्ते में सुधार दिखने लगा।
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7 साल तक गलत दवाएं, फिर 4 हफ्ते में सुधार
हनी सिंह ने बताया, “मैं दवाएं तो ले रहा था लेकिन उनका कॉम्बिनेशन सही नहीं था। 7 साल तक इलाज चला लेकिन फायदा नहीं हुआ। फिर मैंने डॉक्टर बदला। नए डॉक्टर ने मेरी दवाएं बदलीं, कुछ नई दवाएं शुरू कीं। हालांकि उन्होंने मेन साल्ट वही रखा, लेकिन उसकी डोज़ ठीक कर दी। चार हफ्ते में ही मैं ठीक होने लगा।”
समझने वाली बात यह है कि बाइपोलर डिसऑर्डर के इलाज में दवाओं की सही डोज़ और कॉम्बिनेशन बेहद जरूरी है। गलत डोज़ या गलत दवा से न सिर्फ फायदा नहीं होता, बल्कि गंभीर साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं।
105 किलो वजन और पूरी तरह बोल्ड
हनी सिंह ने आगे कहा, “मैं लंबे समय तक हैवी मेडिकेशन पर था। इसकी वजह से मेरा वजन 105 किलो हो गया। मेरे बाल झड़ गए। अभी जो बाल दिख रहे हैं वो असली नहीं है, यह विग है। मैं पूरी तरह बोल्ड हो चुका हूं।”
यह खुलासा बेहद साहसी है। चिंता का विषय यह है कि मेंटल हेल्थ के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के साइड इफेक्ट्स कई बार बहुत गंभीर हो सकते हैं।
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क्या है बाइपोलर डिसऑर्डर?
Psymate Healthcare, Noida के साइकेट्रिस्ट डॉ. समंत दर्शी बताते हैं कि बाइपोलर डिसऑर्डर एक मेंटल हेल्थ कंडीशन है। इसमें मूड कभी बहुत ऊपर तो कभी बहुत नीचे चला जाता है। यानी कभी व्यक्ति बहुत एक्साइटेड, बहुत एक्टिव महसूस करता है (Manic Phase) तो कभी बहुत उदास, निराश और थका हुआ (Depressive Phase)।
इससे व्यक्ति के व्यवहार, सोचने के तरीके और फैसले लेने की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है। बाइपोलर डिसऑर्डर के इलाज में दवाएं, थेरेपी और लगातार मेडिकल देखभाल शामिल है। सही इलाज और सपोर्ट से इस डिसऑर्डर को काफी हद तक संभाला जा सकता है।
बाइपोलर डिसऑर्डर की दवाओं के साइड इफेक्ट्स
डॉ. समंत दर्शी के अनुसार, बाइपोलर डिसऑर्डर की कुछ दवाएं वजन बढ़ा सकती हैं और बाल भी झड़ सकते हैं।
मुख्य साइड इफेक्ट्स:
| साइड इफेक्ट | विवरण |
|---|---|
| वजन बढ़ना | धीरे-धीरे, कई महीनों में |
| बाल झड़ना (Hair Loss) | कुछ महीनों बाद नजर आता है |
| अत्यधिक नींद आना | दिनभर थकान महसूस होना |
| हाथ कांपना (Tremors) | खासकर Lithium जैसी दवाओं से |
| मुंह सूखना | पानी की कमी महसूस होना |
| भूख बढ़ना | जिससे वजन और बढ़ता है |
| कब्ज | पाचन तंत्र प्रभावित होना |
| ध्यान की कमी | Concentration में कमी |
| बेचैनी | Restlessness |
| हार्मोनल बदलाव | थायरॉइड प्रभावित हो सकता है |
अगर गौर करें तो कई लोगों में ये साइड इफेक्ट्स दवा शुरू करने के कुछ हफ्तों या महीनों के भीतर दिखने लगते हैं।
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क्या बाल हमेशा के लिए झड़ जाते हैं?
राहत की बात यह है कि ज्यादातर मामलों में बाल हमेशा के लिए नहीं झड़ते। कई केसों में दवा बदलने, डोज़ ठीक करने और समय के साथ बाल वापस आ जाते हैं।
लेकिन कई बार थायरॉइड ग्रंथि में गड़बड़ी, पोषक तत्वों (आयरन, विटामिन B12) की कमी और स्ट्रेस से भी बाल झड़ सकते हैं। इसीलिए पहले सही वजह पता की जाती है, इसके बाद ही डोज़ एडजस्ट होती है।
खुद से दवा बंद न करें—जानलेवा हो सकता है
डॉ. समंत दर्शी सबसे महत्वपूर्ण चेतावनी देते हैं: “यह बहुत जरूरी है कि आप अपने डॉक्टर से खुलकर बात करें। उन्हें बताएं कि आपको दवा लेने से क्या दिक्कतें हो रही हैं, क्या साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं।”
सबसे बड़ी गलती यह होती है कि मरीज खुद से दवा बंद कर देते हैं। यह बेहद खतरनाक हो सकता है। बाइपोलर डिसऑर्डर में अचानक दवा बंद करने से:
- Relapse हो सकता है (बीमारी वापस आ सकती है)
- Severe Manic या Depressive Episode आ सकता है
- आत्महत्या के विचार आ सकते हैं
डॉक्टर आपकी दिक्कत समझकर दवा की डोज़ या वो दवा बदल सकते हैं। कुछ और जरूरी कदम भी उठा सकते हैं।
हनी सिंह की कहानी से सीख
हनी सिंह की कहानी हमें कई महत्वपूर्ण सबक देती है:
- सही डॉक्टर चुनना बेहद जरूरी है: 7 साल तक गलत इलाज चला, लेकिन सही डॉक्टर मिलने पर 4 हफ्ते में सुधार आया।
- साइड इफेक्ट्स को छिपाएं नहीं: अगर कोई साइड इफेक्ट हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर को बताएं।
- मेंटल हेल्थ पर खुलकर बात करें: हनी सिंह ने अपनी समस्या सार्वजनिक रूप से शेयर की, जिससे लाखों लोगों को जागरूकता मिली।
- उम्मीद न हारें: सही इलाज से रिकवरी संभव है।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि मेंटल हेल्थ को शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही गंभीरता से लेना चाहिए।
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बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज: दवाओं के अलावा क्या?
सिर्फ दवाएं काफी नहीं हैं। बाइपोलर डिसऑर्डर के समग्र इलाज में शामिल हैं:
- Psychotherapy (CBT, DBT): Cognitive Behavioral Therapy
- लाइफस्टाइल मैनेजमेंट: नियमित नींद, संतुलित खानपान
- स्ट्रेस मैनेजमेंट: योग, मेडिटेशन
- परिवार और दोस्तों का सपोर्ट
- नियमित डॉक्टर फॉलो-अप
मुख्य बातें (Key Points):
- Honey Singh ने बताया कि बाइपोलर डिसऑर्डर की दवाओं से बाल झड़ गए, अब विग पहनते हैं
- 7 साल गलत दवा और डोज़ के कारण कोई सुधार नहीं हुआ, वजन 105 kg हो गया
- डॉक्टर बदलने के बाद सिर्फ 4 हफ्ते में सुधार दिखा
- बाइपोलर दवाओं के साइड इफेक्ट्स: वजन बढ़ना, बाल झड़ना, नींद, हाथ कांपना
- खुद से दवा बंद करना जानलेवा हो सकता है, हमेशा डॉक्टर से परामर्श लें













