LIVE | ...
रविवार, 7 जून 2026
🏅 सोना ... | 🥈 चांदी ...
The News Air
📈 NIFTY 50 ... | 🏦 NIFTY BANK ...
No Result
View All Result
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
  • होम
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • LIVE
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • पंजाब
  • सियासत
  • बिज़नेस
    • टेक्नोलॉजी
    • नौकरी
  • स्पेशल स्टोरी
  • धर्म
  • खेल
  • मनोरंजन
  • लाइफस्टाइल
    • काम की बातें
    • हेल्थ
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result

The News Air - Breaking News - Harish Rana Euthanasia: 13 साल से कोमा में बेटे की इच्छा मृत्यु शुरू, AIIMS में हटाया लाइफ सपोर्ट

Harish Rana Euthanasia: 13 साल से कोमा में बेटे की इच्छा मृत्यु शुरू, AIIMS में हटाया लाइफ सपोर्ट

Supreme Court के आदेश पर AIIMS में हरीश राणा से हटाए गए ट्रैकियोस्टोमी और PEG फीडिंग ट्यूब, बूढ़े माता-पिता बिता रहे बेटे के साथ आखिरी पल

The News Air Team by The News Air Team
सोमवार, 16 मार्च 2026
in Breaking News, NEWS-TICKER, राष्ट्रीय, लाइफस्टाइल
A A
0
Harish Rana Euthanasia
104
SHARES
690
VIEWS
ShareShareShareShareShare

Harish Rana Euthanasia का मामला पूरे देश को भावुक कर रहा है। गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की राज एम्पायर सोसायटी से एम्स (AIIMS) ले जाए गए हरीश राणा की इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia) की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 13 साल पहले पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद कोमा में चले गए हरीश के शरीर से अब लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाया जा रहा है। एम्स के डॉ. बी.आर. अंबेडकर इंस्टीट्यूट रोटरी कैंसर अस्पताल के पैलिएटिव केयर यूनिट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह प्रक्रिया चलाई जा रही है। हरीश के बूढ़े माता-पिता, पिता अशोक राणा और मां निर्मला देवी अस्पताल में अपने बेटे के साथ आखिरी पल बिता रहे हैं।

AIIMS में कैसे हो रही है इच्छा मृत्यु की प्रक्रिया

Harish Rana Euthanasia की प्रक्रिया एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की देखरेख में बेहद सावधानी से आगे बढ़ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हरीश के शरीर से लाइफ सपोर्ट से जुड़े दो प्रमुख पाइप हटा दिए गए हैं:

पहला: सांस लेने के लिए लगाई गई ट्रैकियोस्टोमी ट्यूब (Tracheostomy Tube) जो गले में चीरा लगाकर सीधे श्वास नली से जुड़ी होती है।

दूसरा: पोषण देने के लिए लगाई गई PEG फीडिंग ट्यूब (Percutaneous Endoscopic Gastrostomy) जो सीधे पेट में भोजन पहुंचाती है।

यह पूरी प्रक्रिया दर्द रहित (Painless) तरीके से धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। एम्स की पैलिएटिव केयर एक्सपर्ट डॉ. सीमा मिश्रा की अगुवाई में गठित कमेटी इस पूरे प्रोसेस की निगरानी कर रही है। डॉक्टरों की पूरी कोशिश है कि हरीश को किसी तरह की तकलीफ न हो और वे प्राकृतिक और सम्मानजनक तरीके से अपनी अंतिम यात्रा पूरी करें।

AIIMS ने क्या कहा: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हो रहा पालन

Harish Rana Euthanasia पर एम्स की तरफ से आधिकारिक बयान में सिर्फ इतना कहा गया है कि “एम्स सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहा है।” अस्पताल इस मामले में कोई विस्तृत बयान देने से बच रहा है, जो इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक हरीश की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। सूत्रों ने हरीश की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई है कि करीब एक-दो दिन में वे इस पीड़ा से मुक्त हो जाएंगे। लाइफ सपोर्ट हटने के बाद शरीर कितने समय तक प्रतिक्रिया करता है, यह पूरी तरह मरीज की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है।

13 साल पहले क्या हुआ था: हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरे हरीश

Harish Rana Euthanasia की दर्दनाक कहानी 13 साल पहले शुरू हुई थी। हरीश राणा पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रहे थे। एक दिन हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने की वजह से उन्हें गंभीर चोट लगी। सिर में लगी गहरी चोट के कारण उनका दिमाग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वे कोमा में चले गए।

तब से हरीश कोमा में ही हैं। 13 साल से उनका शरीर सिर्फ लाइफ सपोर्ट सिस्टम की मदद से जीवित है। वे न बोल सकते हैं, न हिल-डुल सकते हैं, न किसी को पहचान सकते हैं। सिर्फ सांस चल रही है, लेकिन शरीर ने बहुत पहले साथ छोड़ दिया। 13 साल तक माता-पिता ने अपने बेटे की हर तरह से देखभाल की, हर इलाज कराया, हर उम्मीद की किरण तलाशी, लेकिन चिकित्सा विज्ञान ने साफ कह दिया कि अब हरीश के ठीक होने की कोई संभावना नहीं है।

बूढ़े माता-पिता का दर्द: “बेटा सांस ले रहा है, लेकिन शरीर साथ छोड़ चुका है”

Harish Rana Euthanasia का सबसे दर्दनाक पहलू उनके बूढ़े माता-पिता का दर्द है। पिता अशोक राणा और मां निर्मला देवी ने अपने बेटे को बड़े लाड-प्यार से पाला था। उसकी तरक्की के सपने देखे थे। उन्हें लगा था कि बेटा उनका सहारा बनेगा। लेकिन नियति ने कुछ और ही लिख रखा था।

13 साल तक इन बूढ़े माता-पिता ने अपने कोमा में पड़े बेटे की दिन-रात सेवा की। लेकिन अब माता-पिता खुद बूढ़े हो चुके हैं। उनकी आंखें झुकने लगी हैं, हाथ कांपने लगे हैं। मां निर्मला देवी हर रोज पल-पल रोती हैं। एक मां के लिए अपने बेटे को इस हालत में देखना और फिर उसे आखिरी विदाई देना, इससे बड़ा दर्द दुनिया में कोई नहीं हो सकता।

अस्पताल ले जाने से पहले का वीडियो देखकर पूरा देश भावुक हो गया। मां दिल पर पत्थर रखकर अपने लाल को विदा कर रही है। पिता नम आंखों से बस बेटे को देखते जा रहे हैं। इस परिवार के दर्द को शब्दों में बयान करना असंभव है।

सुप्रीम कोर्ट ने कैसे दी इच्छा मृत्यु की अनुमति

Harish Rana Euthanasia में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका निर्णायक रही है। हरीश के माता-पिता ने जब देखा कि उनके बेटे के ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं है और वे खुद भी अब बेटे की देखभाल करने में असमर्थ हो रहे हैं, तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia) की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को समझते हुए निष्क्रिय दया मृत्यु की अनुमति दे दी। कोर्ट के आदेश के अनुसार हरीश को लगे लाइफ सपोर्ट सिस्टम को फेजवाइज (चरणबद्ध तरीके से) हटाने की अनुमति दी गई। यह आदेश भारत के कानूनी इतिहास में एक अहम मिसाल है।

भारत में 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने निष्क्रिय इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia) को कानूनी मान्यता दी थी। इसके तहत अगर कोई मरीज लाइलाज बीमारी या स्थायी कोमा में है और ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं है, तो परिवार की सहमति और कोर्ट के आदेश से लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाया जा सकता है। लेकिन सक्रिय इच्छा मृत्यु (Active Euthanasia) यानी इंजेक्शन देकर मारना भारत में अभी भी गैरकानूनी है।

यह भी पढे़ं 👇

Car_accident

Ropar Road Accident: खड़े ट्रक से टकराई कार, 3 युवाओं की दर्दनाक मौत

रविवार, 7 जून 2026
Punjab BJP Chief Kewal Dhillon अमित शाह से मिले, AAP सरकार की नाकामी पर की चर्चा

Punjab BJP Chief Kewal Dhillon अमित शाह से मिले, AAP सरकार की नाकामी पर की चर्चा

रविवार, 7 जून 2026
ATM Cash Crisis

ATM Cash Crisis: पैसे खत्म हो रहे या बंद हो रहे एटीएम, जानें असली वजह

रविवार, 7 जून 2026
Australia Cockroach Seizure

Australia Cockroach Seizure: 1 लाख कॉकरोच पकड़े, हाथ जितने बड़े!

रविवार, 7 जून 2026
ब्रह्मकुमारी गुरु मां का भावुक संदेश: “सबको माफ करते हुए जाओ”

Harish Rana Euthanasia के बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसने पूरे देश को रुला दिया है। अस्पताल ले जाने से पहले ब्रह्मकुमारी संस्था की गुरु मां हरीश के पास आईं। उन्होंने हरीश से कहा, “सबको माफ करते हुए, सबसे माफी मांगते हुए जाओ।”

इस पल ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और हर कोई हरीश और उनके परिवार के लिए दुआ मांग रहा है। एक बेटे की आखिरी विदाई, मां-बाप का दर्द और गुरु मां का आध्यात्मिक संदेश, इस पूरे दृश्य ने लोगों की आंखें नम कर दी हैं।

इच्छा मृत्यु पर बड़ा सवाल: भारत में कानूनी स्थिति क्या है

Harish Rana Euthanasia ने एक बार फिर भारत में इच्छा मृत्यु के कानूनी और नैतिक पहलुओं पर बहस छेड़ दी है। भारत में निष्क्रिय इच्छा मृत्यु को 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी मान्यता दी, लेकिन इसकी प्रक्रिया बेहद जटिल और लंबी है। परिवार को कोर्ट जाना पड़ता है, मेडिकल बोर्ड बनाना पड़ता है और कई कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं।

हरीश राणा जैसे मामलों में जहां मरीज 13 साल से कोमा में है और ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं है, वहां परिवार का दर्द असहनीय होता है। एक तरफ बेटे को जीवित रखने की आस है तो दूसरी तरफ उसे इस पीड़ा में देखने का दर्द। ऐसे में इच्छा मृत्यु की मांग करना किसी भी मां-बाप के लिए सबसे कठिन फैसला होता है। यह मामला भारत में इच्छा मृत्यु से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया को और सरल बनाने की जरूरत पर भी सवाल उठाता है।


मुख्य बातें (Key Points)
  • Harish Rana की इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia) की प्रक्रिया AIIMS के पैलिएटिव केयर यूनिट में शुरू, ट्रैकियोस्टोमी ट्यूब और PEG फीडिंग ट्यूब हटाई गईं।
  • 13 साल पहले पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हरीश कोमा में गए, तब से लाइफ सपोर्ट पर जीवित थे।
  • सुप्रीम कोर्ट ने माता-पिता की याचिका पर निष्क्रिय दया मृत्यु की अनुमति दी, डॉ. सीमा मिश्रा की अगुवाई में कमेटी कर रही निगरानी, 1-2 दिन में प्रक्रिया पूरी होने की आशंका।
  • अस्पताल जाने से पहले ब्रह्मकुमारी गुरु मां ने हरीश को दिया भावुक संदेश, बूढ़े माता-पिता अशोक राणा और निर्मला देवी बिता रहे बेटे के आखिरी पल।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: हरीश राणा कौन हैं और उन्हें इच्छा मृत्यु क्यों दी जा रही है?

हरीश राणा 13 साल से कोमा में हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोट लगी और वे कोमा में चले गए। ठीक होने की कोई उम्मीद नहीं होने पर उनके बूढ़े माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।

Q2: भारत में इच्छा मृत्यु (Euthanasia) कानूनी है?

भारत में निष्क्रिय इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia) को सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में कानूनी मान्यता दी है। इसके तहत लाइलाज बीमारी या स्थायी कोमा के मामले में कोर्ट के आदेश से लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाया जा सकता है। लेकिन सक्रिय इच्छा मृत्यु (Active Euthanasia) यानी इंजेक्शन देकर मृत्यु देना भारत में अभी भी गैरकानूनी है।

Q3: AIIMS में हरीश राणा से कौन से लाइफ सपोर्ट उपकरण हटाए गए?

AIIMS में हरीश राणा के शरीर से दो प्रमुख लाइफ सपोर्ट उपकरण हटाए गए हैं: सांस लेने के लिए लगाई गई ट्रैकियोस्टोमी ट्यूब (Tracheostomy Tube) और पोषण देने के लिए लगाई गई PEG फीडिंग ट्यूब। यह प्रक्रिया डॉ. सीमा मिश्रा की अगुवाई में पूरी देखभाल और दर्द रहित तरीके से की जा रही है।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें
Google News
WhatsApp
Telegram
Previous Post

Weather Update Today: 18 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट, सिक्किम में तूफान से महिला की मौत

Next Post

Oscars 2026 Winners List: Michael B. Jordan को Best Actor, ‘One Battle After Another’ बनी Best Picture

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Car_accident

Ropar Road Accident: खड़े ट्रक से टकराई कार, 3 युवाओं की दर्दनाक मौत

रविवार, 7 जून 2026
Punjab BJP Chief Kewal Dhillon अमित शाह से मिले, AAP सरकार की नाकामी पर की चर्चा

Punjab BJP Chief Kewal Dhillon अमित शाह से मिले, AAP सरकार की नाकामी पर की चर्चा

रविवार, 7 जून 2026
ATM Cash Crisis

ATM Cash Crisis: पैसे खत्म हो रहे या बंद हो रहे एटीएम, जानें असली वजह

रविवार, 7 जून 2026
Australia Cockroach Seizure

Australia Cockroach Seizure: 1 लाख कॉकरोच पकड़े, हाथ जितने बड़े!

रविवार, 7 जून 2026
E85 Fuel Launch

E85 Fuel Launch: ₹20 सस्ता पर माइलेज होगी आधी, जानें पूरा सच

रविवार, 7 जून 2026
PRTC BUS

Punjab Roadways Strike: 22-24 जून को सरकारी बसें बंद, PRTC Contract Workers ने किया ऐलान

रविवार, 7 जून 2026
Next Post
Oscars 2026 Winners List

Oscars 2026 Winners List: Michael B. Jordan को Best Actor, 'One Battle After Another' बनी Best Picture

BCCI Naman Awards

BCCI Naman Awards: गलत कैप्टन, गलत फोटो, फैंस ने लगाई क्लास, शर्मनाक गलतियों पर बवाल

ED Raid Controversy

West Bengal Election 2026: BJP ने 144 सीटों पर उतारे उम्मीदवार, Mamata के भवानीपुर में Suvendu Adhikari से टक्कर

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

Google News Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।