Gurdaspur ISI Encounter — पंजाब पुलिस ने बुधवार तड़के 3 बजे गुरदासपुर के पुराना शाला इलाके में एनकाउंटर करके पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर दो पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी रणजीत सिंह को ढेर कर दिया। उसका साथी इंद्रजीत सिंह एनकाउंटर के दौरान फरार हो गया जबकि तीसरा आरोपी दिलावर सिंह पहले से पुलिस की गिरफ्त में है। एनकाउंटर में CIA इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह समेत 5 पुलिस मुलाजिम घायल हुए, सभी स्थिर हैं।
22 फरवरी की वह खौफनाक रात — चौकी में मिलीं दो लाशें
यह सब शुरू हुआ था 22 फरवरी को। गुरदासपुर के आदियां गाँव की पुलिस चौकी में ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह चौकी भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से महज डेढ़ किलोमीटर दूर है। ASI की लाश कुर्सी पर और होमगार्ड की लाश रजाई के भीतर मिली थी। मौके पर 4 खोल बरामद हुए। गाँव के सरपंच ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद भारी फोर्स पहुंची और BSF भी अलर्ट हो गई।
ISI का टास्क, ₹4 लाख का लालच — DIG ने खोला पूरा राज
DIG अमृतसर रेंज संदीप गोयल ने खुलासा किया कि रणजीत, दिलावर और इंद्रजीत तीनों Pakistan ISI Punjab के हैंडलर्स के सीधे संपर्क में थे। ISI ने तीनों को पुलिसकर्मियों को मारने का टास्क दिया था और इसके बदले ₹4 लाख देने का वादा किया गया था।
तीनों आरोपी पास के आदियां गाँव के ही थे, इसलिए उन्होंने पहले पुलिस चौकी की रेकी की और फिर मौका मिलते ही वारदात को अंजाम दिया। दिलावर को इस काम के लिए ₹20,000 देने का वादा था, जिसमें से ₹3,000 उसे पहले ही दे दिए गए थे। DIG ने बताया कि तीनों तक ₹3 लाख और आने थे — उस पैसे के स्रोत की भी जांच जारी है।
हथियार बरामदगी पर निकले, धुंध में पलटी गाड़ी — भाग निकला रणजीत
दिलावर और रणजीत को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस रणजीत को उसके बयान के आधार पर बहरामपुर के गाँव गालड़ी में छिपाई पिस्टल बरामद करने ले गई। लेकिन रास्ते में घने कोहरे और बाढ़ से खराब हुई सड़क के कारण SHO की गाड़ी पलट गई और मौका पाकर रणजीत फरार हो गया।
तुरंत रेड अलर्ट जारी हुआ। CIA स्टाफ ने गुरदासपुर-मुकेरियां रोड पर पुराना शाला के पास नाका लगाया। इंद्रजीत के साथ बाइक पर आ रहे रणजीत को देखकर पुलिस ने रुकने का इशारा किया — उसने बाइक पलटी लेकिन वह फिसल गई।
क्रॉस फायरिंग और Gurdaspur Encounter — रणजीत ढेर, 5 जवान घायल
Gurdaspur Police Encounter में भागते हुए रणजीत ने पहले पुलिस पर फायरिंग शुरू की। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस क्रॉस फायरिंग में CIA इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह की बांह में और संदीप सिंह, बनारसी दास, निरंजन सिंह व सिमरनजीत सिंह को चोटें आईं। गोली लगने के बाद रणजीत गिर पड़ा — अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके पास से 32 बोर पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद हुई। 19 वर्षीय रणजीत की कोई पूर्व आपराधिक हिस्ट्री नहीं थी।
CM भगवंत मान ने कहा — बदला ले लिया, परिवारों को ₹2-2 करोड़
CM भगवंत मान ने जालंधर PAP में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि शहीद जवानों का बदला ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस हमले का लिंक पाकिस्तान से जुड़ा हुआ है और पाकिस्तान ने इन्हें स्पॉन्सर किया था ताकि पंजाब में दहशत फैलाई जा सके।
मान ने 23 फरवरी को ही शहीद ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार के परिवारों को ₹2-2 करोड़ की सहायता राशि देने का ऐलान किया था। इसके साथ ही DIG ने बताया कि पंजाब सरकार की तरफ से ₹10 करोड़ की राशि मिली है, जिससे Second Line of Defence के नाके हाईटेक किए जाएंगे।
पाक डॉन का वीडियो, तालिबान का दावा और Lawrence Gang की धमकी
23 फरवरी को पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने एक वीडियो जारी किया जिसमें ASI गुरनाम सिंह को कुर्सी पर सोए हुए पिस्टल में साइलेंसर लगाकर पॉइंट ब्लैंक रेंज से सिर में गोली मारते दिखाया गया — हालाँकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
उसी दिन आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुर्क ब्रिगेड ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए एक पोस्टर जारी किया और पुलिस व सेना के जवानों को इस्तीफा देने की धमकी दी। दूसरी ओर लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर हैरी बॉक्सर ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा — “तुमने 2 शहीद किए, हम 10 मारेंगे।”
यह टारगेट किलिंग है — DIG की चेतावनी
DIG संदीप गोयल ने साफ कहा कि यह टारगेट किलिंग थी। रणजीत को एक खास टास्क के साथ भेजा गया था। कितने लोगों को मारने का टास्क था — इसकी जांच जारी है। DIG ने यह भी कहा कि Pakistan ISI Attack Punjab जैसी घटनाएं रोकने के लिए सीमा पर पुलिस के ढांचे को हाईटेक किया जाएगा। पाकिस्तान लगातार पंजाब में दहशत फैलाने के लिए हथियार और पैसे भेज रहा है।
क्या है पूरा संदर्भ
पंजाब में पाकिस्तान समर्थित तत्वों द्वारा अस्थिरता फैलाने की कोशिशें नई नहीं हैं। सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के ज़रिए हथियार, ड्रग्स और पैसे गिराए जाने के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। आदियां पुलिस चौकी पर हमला इसी सिलसिले की सबसे बड़ी और निर्मम कड़ी है। युवाओं को पैसों का लालच देकर ऐसे टास्क दिलाना ISI की पुरानी रणनीति है। रणजीत जैसा 19 वर्षीय युवक जिसकी कोई आपराधिक हिस्ट्री नहीं थी, सिर्फ ₹4 लाख के वादे पर देश के खिलाफ खड़ा हो गया — यह समाज और सुरक्षा तंत्र दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 22 फरवरी को Gurdaspur के आदियां पुलिस चौकी में ASI गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार की ISI के इशारे पर टारगेट किलिंग।
- 19 वर्षीय मास्टरमाइंड रणजीत सिंह Encounter में ढेर, साथी इंद्रजीत फरार, दिलावर गिरफ्त में — ISI ने ₹4 लाख का वादा किया था।
- CIA इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह समेत 5 पुलिसकर्मी घायल, सभी स्थिर; रणजीत के पास से 32 बोर पिस्टल बरामद।
- CM भगवंत मान ने शहीद परिवारों को ₹2-2 करोड़ का ऐलान, ₹10 करोड़ से Second Line of Defence होगा हाईटेक।








