Gold Silver Price Crash – लंबे समय से आसमान छू रहे सोने और चांदी के दामों में आखिरकार बड़ी राहत देखने को मिली है। लगातार दूसरे दिन दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब ऊंचे दामों के कारण आम लोग खरीदारी से दूरी बना रहे थे।
सोमवार को बाजार खुलते ही साफ हो गया कि महंगे हो चुके सोने और चांदी की चमक कुछ फीकी पड़ी है। चांदी की कीमतों में जहां भारी गिरावट देखने को मिली, वहीं सोने में भी हल्की कमजोरी दर्ज की गई।
चांदी में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट
चांदी की कीमतों में आज लगातार दूसरे दिन करीब ₹6000 तक की गिरावट दर्ज की गई। 5 मार्च डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में ₹2,91,577 प्रति किलो पर बंद हुई थी, जो अब गिरकर ₹2,87,127 के आसपास पहुंच गई। शुरुआती कारोबार में चांदी ₹2,85,013 तक फिसली और ऊपरी स्तर पर ₹2,88,901 तक गई।
सोने के दाम भी नीचे आए
सोने की कीमतों में गिरावट चांदी जितनी तेज नहीं रही, लेकिन फिर भी इसमें कमजोरी साफ दिखी। 5 फरवरी डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में ₹1,43,100 के आसपास बंद हुआ था, जो नए सत्र में ₹1,42,589 पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह ₹1,42,400 तक नीचे गया और ₹1,42,837 तक ऊपर पहुंचा।
क्यों आई सोने-चांदी में गिरावट
कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय की तेज़ी के बाद मुनाफावसूली इस गिरावट की बड़ी वजह रही। इसके अलावा डॉलर में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की मांग कमजोर पड़ी। घरेलू बाजार में ऊंचे भाव पर खरीदारी घटने से भी दामों पर दबाव बना।
अमेरिकी नीतियों का असर
बताया जा रहा है कि अमेरिका की नीतियों और वहां के आर्थिक संकेतों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। खास तौर पर Donald Trump की टैरिफ नीतियों और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण पहले निवेशक तेजी से सोने-चांदी की ओर बढ़े थे। इसी वजह से कीमतों में जबरदस्त उछाल आया था, लेकिन अब वही तेजी ठहरती दिख रही है।
आम आदमी को मिली राहत
कीमतों में आई इस गिरावट से आम लोगों के चेहरे खिले हैं। लंबे समय से महंगे दामों के कारण गहनों और निवेश की खरीद टल रही थी। अब गिरावट से बाजार में थोड़ी हलचल बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
आगे क्या रहेगा रुख
एक्सपर्ट्स का कहना है कि आगे सोने और चांदी की दिशा वैश्विक संकेतों, डॉलर की चाल और निवेशकों की रणनीति पर निर्भर करेगी। हालांकि यह भी माना जा रहा है कि 2026 में भी सोना और चांदी निवेश के अहम विकल्प बने रहेंगे, खासकर तब तक जब तक वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है।
विश्लेषण: राहत अस्थायी या नई शुरुआत?
बीते एक साल में सोने की कीमतों में करीब 80% और चांदी में लगभग 192% की तेज़ी देखी गई थी। ऐसे में मौजूदा गिरावट बाजार को संतुलन की ओर ले जाती दिख रही है। यह गिरावट आम उपभोक्ताओं के लिए राहत है, लेकिन निवेशकों के लिए यह सोचने का मौका भी है कि आगे की रणनीति कैसे बनाई जाए।
मुख्य बातें (Key Points)
- चांदी की कीमत में लगातार दूसरे दिन करीब ₹6000 की गिरावट
- सोने के दामों में भी हल्की कमजोरी दर्ज
- मुनाफावसूली, डॉलर मजबूती और बॉन्ड यील्ड बढ़ना बड़ी वजह
- गिरावट से आम जनता को राहत








