आज से रिजल्ट तक असली सरकार कौन? चुनावी घोषणा ने बदली सबकी भूमिका, यह तीनों ही केयर टेकर

The News Air – देश के पांच राज्यों में चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता भी लागू हो गई। अब उत्तर प्रदेश समेत पांचों राज्यों में सरकार सिर्फ़ कार्यवाहक की भूमिका में काम करेगी। चुनाव का पूरा काम आयोग और बाक़ी काम प्रशासनिक अफसर देखेंगे। चुनाव के दौरान नए प्रोजेक्ट पर अब काम शुरू नहीं होंगे। लेकिन पहले से चलने वाले डेवलपमेंट के कामकाज में कोई भी रुकावट नहीं आएगी। आचार संहिता लगने के बाद अब वास्तविक ताक़त आपके यानी वोटर्स के हाथ में है। वोटर ही तय करेंगे कि सत्ता किसे सौंपनी है?

यह भी पढ़ें- 2022 में किसका होगा पंजाब? कैप्टन, सिद्धू, सुखबीर, केजरीवाल और BJP के समक्ष ढेरों चुनौतियों, सियासी ‘हल’ चलाएंगे राजेवाल

चुनाव आयोग ने शनिवार को 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीख़ का ऐलान किया। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में 7 चरणों में चुनाव होगा। शुरुआत 10 फरवरी को उत्तर प्रदेश से होगी। दूसरा चरण 14 फरवरी, तीसरा चरण 20 फरवरी, चौथा चरण 23 फरवरी, पाँचवाँ चरण 27 फरवरी, छठवाँ चरण 3 मार्च और सातवाँ चरण 7 मार्च को होंगे। सभी राज्यों के चुनावों के नतीजे 10 मार्च को घोषित किए जाएंगे।

आइए आपको बताते हैं कि आचार संहिता लगने के पहले और अब किसकी भूमिका में क्या बदलाव हो रहे हैं…

यह भी पढ़ें- विधानसभा चुनाव 2022 के कोविड प्रोटोकॉल, इस तारीख़ तक किसी तरह की रैली और रोड शो नहीं होगा..

यह भी पढ़ें- 5 राज्यों में चुनाव तारीखों का हुआ ऐलान, इतने चरणों में होंगे चुनाव, रोड शो, रैली या जनसभा की..

यह भी पढ़ें- चुनावी गड़बड़ियों व धांधली को रोकेगा cVIGIL ऐप, चुनाव आयोग 100 मिनट में लेगा एक्शन

यह भी पढ़ें- अब यह होंगे पंजाब के नए DGP, चुनाव आचार संहिता लागू होने के चंद घंटे पहले…

आदर्श आचार संहिता क्या है?

निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग कुछ नियम बनाता है। चुनाव आयोग के इन्हीं नियमों को आदर्श आचार संहिता कहते हैं। चुनाव के दौरान इन नियमों का पालन करना सरकार, नेता और राजनीतिक दलों की ज़िम्मेदारी होती है। इसके नियम तोड़ने पर आयोग कार्रवाई कर सकता है।

आचार संहिता कब से लागू होती है?

आयोग के चुनाव कार्यक्रमों का ऐलान करते ही आचार संहिता लागू हो जाती है। आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया के संपन्न होने तक लागू रहती है। चुनाव की तारीख़ की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लगती है और वोटों की गिनती होने तक जारी रहती है।

आचार संहिता के मुख्य नियम क्या हैं?

किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता को फ़ायदा पहुंचाने वाले सार्वजनिक धन का इस्तेमाल नहीं होगा।
सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगला का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जाएगा।
किसी भी तरह की सरकारी घोषणा नहीं होगी। लोकार्पण और शिलान्यास नहीं होंगे।
राजनीतिक दल, प्रत्याशी, राजनेता या समर्थकों को रैली करने से पहले पुलिस से अनुमति लेनी होगी।
किसी भी चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांगे जाएंगे।

Leave a Comment