Fake Dairy Products India को लेकर चरणजीत सिंह चन्नी ने गुरुवार 10 अप्रैल को बेहद गंभीर मुद्दा उठाया है। जालंधर से कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल के जरिए पंजाब और पूरे देश में धड़ल्ले से चल रहे नकली डेयरी उत्पादों के कारोबार के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई है। उन्होंने Fake Dairy Products बनाने वालों के खिलाफ सख्त सजा और दूध की जाँच को आसान और सस्ता बनाने की मांग की है।
‘यूरिया और डिटर्जेंट से बन रहा जहरीला दूध’
सांसद चन्नी ने बताया कि देश में दूध माफिया खुलेआम यूरिया, डिटर्जेंट पाउडर और दूसरे जहरीले पदार्थों को मिलाकर नकली दूध तैयार कर रहे हैं। यह नकली दूध बाजार में असली दूध के नाम पर बेचा जा रहा है और इसे पीने वाले लोग भयानक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। Fake Dairy Products का यह खेल सिर्फ सेहत का मामला नहीं रहा, बल्कि यह लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ बन चुका है।
‘असली दूध का धंधा भी बर्बाद कर रहा नकली दूध’
चन्नी ने सिर्फ स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि उन्होंने Fake Dairy Products के कारण डेयरी फार्मिंग पर पड़ रहे बुरे असर पर भी ध्यान खींचा। उनका कहना है कि नकली दूध सस्ता होने के कारण असली दूध की कीमतें गिर रही हैं। इसका सीधा नुकसान उन किसानों और डेयरी फार्मरों को हो रहा है जो ईमानदारी से पशुपालन करके दूध बेचते हैं। डेयरी फार्मिंग घाटे का सौदा बनती जा रही है और यह पूरे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए खतरे की घंटी है।
‘डेयरियों पर लगें चेकिंग मशीनें: चन्नी की मांग’
कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, मत्स्य पालन और सहकारिता के लिए संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में चन्नी ने सरकार को सीधा सुझाव दिया है। उनकी मांग है कि डेयरियों और दूध के बूथों पर तुरंत जाँच करने वाली मशीनें लगाई जाएं। इन मशीनों की मदद से आम खरीदार खुद जाँच कर सके कि दूध असली है या नकली। सबसे अहम बात: यह जाँच प्रक्रिया सस्ती होनी चाहिए ताकि हर किसी की पहुँच में आ सके।
‘इरादा-ए-कत्ल जैसा संगीन अपराध है Fake Dairy Products बनाना’
चन्नी ने सबसे तीखी बात यह कही कि Fake Dairy Products का उपयोग करने से किसी की जान तक जा सकती है। इसलिए यह एक तरह से ‘इरादा-ए-कत्ल’ यानी हत्या के प्रयास जैसा संगीन अपराध है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कानून बेहद नरम है और जुर्माना इतना कम है कि डेयरी माफिया इसे कुछ भी नहीं समझते। इसलिए कानून बदलने की सख्त जरूरत है: सजा और कड़ी हो, जुर्माना और बड़ा हो ताकि भविष्य में कोई भी शख्स देशवासियों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।
‘आम आदमी पर क्या असर’
यह मुद्दा हर उस व्यक्ति से जुड़ा है जो रोजाना दूध, दही, पनीर या घी खरीदता है। अगर बाजार में बिकने वाला दूध नकली है तो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबकी सेहत खतरे में है। चन्नी की मांग अगर पूरी होती है तो आम लोगों को अपने हक की चीज मिलेगी और डेयरी किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने Fake Dairy Products India के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई
- दूध माफिया यूरिया, डिटर्जेंट जैसे जहरीले पदार्थों से नकली दूध बना रहे हैं
- डेयरियों पर सस्ती और तुरंत जाँच करने वाली मशीनें लगाने की मांग की गई
- चन्नी ने कहा कि नकली दूध बनाना ‘इरादा-ए-कत्ल’ जैसा अपराध है, कानून सख्त होना चाहिए













