Ex-Agniveers Reservation in Delhi Police: दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने आज एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए दिल्ली पुलिस कांस्टेबल, फायरमैन, जेल वार्डर, फॉरेस्ट गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड जैसे ग्रुप ‘सी’ (गैर-गजटेड) पदों में साबका अग्निवीरों के लिए 20 फीसदी आरक्षण लागू करने के निर्देश दिए हैं। देखा जाए तो यह उन युवाओं के लिए बड़ी राहत है जिन्होंने देश की सेवा में अपना योगदान दिया है।
एलजी संधू ने दिल्ली के मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और अन्य उच्च अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थाओं में पूर्व अग्निवीरों (थोड़े समय की फौजी सेवा से सेवामुक्त जवानों) को आरक्षण का लाभ देने की रणनीति की समीक्षा की।
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भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप
लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि यह उपाय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों और व्यापक दृष्टिकोण के अनुसार लागू किया जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने लिखा, “इन नौजवानों और महिलाओं के अनुशासन, हुनर और प्रशिक्षण का सही लाभ लेने के लिए, पुलिस कांस्टेबल, फायरमैन, जेल वार्डर, फॉरेस्ट गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड समेत ग्रुप ‘सी’ की सीधी भर्तियों की खाली पदों में 20 फीसदी आरक्षण लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।”
यह कदम Agnipath Scheme के तहत भर्ती हुए और बाद में सेवामुक्त हुए युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खोलेगा।
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कौन-कौन से पदों पर मिलेगा आरक्षण?
अगर गौर करें तो यह आरक्षण निम्नलिखित पदों पर लागू होगा:
| पद का नाम | विभाग | कैटेगरी |
|---|---|---|
| पुलिस कांस्टेबल | दिल्ली पुलिस | ग्रुप सी (गैर-गजटेड) |
| फायरमैन | दिल्ली अग्निशमन सेवा | ग्रुप सी (गैर-गजटेड) |
| जेल वार्डर | जेल विभाग | ग्रुप सी (गैर-गजटेड) |
| फॉरेस्ट गार्ड | वन विभाग | ग्रुप सी (गैर-गजटेड) |
| वाइल्डलाइफ गार्ड | वन्यजीव संरक्षण | ग्रुप सी (गैर-गजटेड) |
यह टेबल स्पष्ट करती है कि किन-किन विभागों में पूर्व अग्निवीरों को 20% आरक्षण मिलेगा।
30 जून तक पूरी करनी होगी प्रक्रिया
एलजी ने स्पष्ट किया कि यह भर्ती प्रक्रिया सारे योग्य साबका अग्निवीरों के लिए खुली होगी ताकि सबको बराबर के मौके मिल सकें और देश के प्रति उनकी सेवा का सम्मान किया जा सके।
समझने वाली बात यह है कि एलजी ने संबंधित विभागों को भर्ती नियमों में लोड़ीदी संशोधन और कार्रवाई पूरी करने के लिए 30 जून तक की अंतिम तारीख (डेडलाइन) तय की है। यानी विभागों के पास सिर्फ कुछ ही दिन बचे हैं इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए।
वहीं, विभागों को यह अधिकार भी दिए गए हैं कि वे अपनी संचालन लोड़ों (Operational requirements) के मुताबिक इन भर्ती होने वाले जवानों की विशेष और पेशेवर क्षमताओं का उचित उपयोग कर सकेंगे।
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अग्निवीरों का अनुशासन और प्रशिक्षण होगा फायदेमंद
इसी बीच, यह निर्णय इस मान्यता पर आधारित है कि Agniveer Scheme के तहत भर्ती हुए युवाओं को सेना में विशेष प्रशिक्षण मिला है। उन्होंने अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और मानसिक मजबूती हासिल की है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि ये युवा:
- Physical fitness में उत्कृष्ट हैं
- Discipline और टीम वर्क में माहिर हैं
- Weapon handling और सुरक्षा प्रशिक्षण प्राप्त हैं
- Emergency situations से निपटने में सक्षम हैं
- Leadership qualities विकसित हैं
यही कारण है कि पुलिस, फायर सर्विस और जेल जैसे विभागों के लिए वे आदर्श उम्मीदवार माने जा रहे हैं।
Agnipath Scheme क्या है?
राहत की बात यह है कि पहले समझ लेते हैं कि Agnipath Scheme है क्या। यह भारत सरकार द्वारा 2022 में शुरू की गई एक योजना है जिसके तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता है।
इस अवधि के बाद लगभग 75% अग्निवीरों को सेवामुक्त कर दिया जाता है, जबकि 25% को नियमित सेना में शामिल किया जाता है। जो सेवामुक्त होते हैं उन्हें Seva Nidhi Package और skill certificates दिए जाते हैं।
लेकिन सवाल था कि सेवामुक्त होने के बाद उनका भविष्य क्या होगा? दिल्ली सरकार का यह फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अन्य राज्यों में भी आरक्षण की घोषणाएं
हैरान करने वाली बात यह नहीं है कि सिर्फ दिल्ली ने यह कदम उठाया है। कई अन्य राज्यों ने भी पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने की घोषणाएं की हैं:
उत्तर प्रदेश: पुलिस भर्ती में 10% आरक्षण
हरियाणा: विभिन्न विभागों में आरक्षण की घोषणा
मध्य प्रदेश: सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता
असम: पुलिस और अन्य सेवाओं में आरक्षण
यह दर्शाता है कि केंद्र और राज्य सरकारें अग्निवीरों के पुनर्वास को लेकर गंभीर हैं।
पूर्व सैनिकों का स्वागत योग्य कदम
दूसरी ओर, सैन्य विशेषज्ञों और पूर्व सैनिक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रोत्साहित करेगा क्योंकि उन्हें यह भरोसा मिलेगा कि सेवा समाप्ति के बाद भी उनके लिए अवसर हैं।
एक पूर्व सैनिक नेता ने कहा, “यह न केवल रोजगार का मौका है, बल्कि देश सेवा के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है। सरकार ने सही संदेश दिया है।”
चयन प्रक्रिया में कोई ढील नहीं
इससे साफ होता है कि 20% आरक्षण का मतलब यह नहीं है कि योग्यता में कोई समझौता किया जाएगा। पूर्व अग्निवीरों को भी नियमित चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा:
- Physical Efficiency Test (PET)
- Written Examination
- Medical Examination
- Document Verification
बस उन्हें 20% पदों में प्राथमिकता मिलेगी, बाकी सभी मानक वही रहेंगे।
आगे की राह
चिंता का विषय यह भी है कि क्या 30 जून की डेडलाइन में सभी विभाग अपने नियम संशोधित कर पाएंगे? इसके लिए:
- Recruitment Rules में amendment जरूरी
- Service Rules में changes
- Reservation rosters की तैयारी
- Notification जारी करना
यह सब कुछ दिनों में पूरा करना चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन एलजी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
मुख्य बातें (Key Points):
- दिल्ली एलजी ने ग्रुप सी पदों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20% आरक्षण लागू करने के निर्देश दिए
- पुलिस कांस्टेबल, फायरमैन, जेल वार्डर, फॉरेस्ट और वाइल्डलाइफ गार्ड पदों पर लागू होगा
- संबंधित विभागों को 30 जून तक भर्ती नियमों में संशोधन पूरा करना होगा
- भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह कदम उठाया गया
- सभी योग्य पूर्व अग्निवीरों को बराबर अवसर मिलने की व्यवस्था













